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चरखी दादरी में हादसा: टक्कर मारने के बाद डंपर ने कार को 50 मीटर तक घसीटा, लोगों ने घायलों को छत काटकर निकाला बाहर

Fri, 13 May 2022 02:45 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 13 May 2022 02:45 AM IST
सार

हादसे के बाद घटनास्थल पर इंसानियत दिखी। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर डंपर के नीचे फंसी कार को निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे के तुरंत बाद मौके से डंपर चालक फरार हो गया।

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Three killed in road accident in Charkhi Dadri
दुर्घटनाग्रस्त कार और डंपर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के चरखी दादरी में बरसाना और अटेला कलां के बीच गुरुवार दोपहर को हुए हादसे में रफ्तार का कहर देखने को मिला। कार को टक्कर मारने के बाद डंपर उसे करीब 50 मीटर की दूरी तक घसीटता हुआ ले गया। कार का अगला हिस्सा डंपर के नीचे घुस गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर बचाव कार्य के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लोडर का प्रबंध कर कड़ी मशक्कत के बाद कार को डंपर के नीचे से निकाला।

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हादसे में दम तोड़ने वालीं सगी बहनें सुमित्रा और भतेरी पीछे बैठी थीं। दोनों को ही गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं संजीत आगे बैठा था। उसकी भी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने कार की छत काटकर घायलों को बाहर निकाला।

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गुरुवार दोपहर हुए हादसे में एकसाथ तीन सदस्यों की मौत होने से भतेरी और सुमित्रा के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा। सुमित्रा और भतेरी की शादी बुपनिया गांव निवासी राजेश और चंद्रहास नामक भाइयों से हुई थी। वो सात बहनें थीं और बड़ी बहन ओमपति की मौत के बाद दोनों बहनें अपने बेटों समरदीप और संजीत के साथ कार में सवार होकर गमी में आई थीं।

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उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। संजीत सुमित्रा का छोटा बेटा था। सुमित्रा न जहां मौके पर दम तोड़ दिया तो वहीं करीब ढाई घंटे बाद हादसे में गंभीर रूप से घायल बेटे संजीत की रोहतक पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई। कार संजीत ही चला रहा था जबकि सागर आगे बैठा था। घायलों के अनुसार हादसा एकाएक हो गया और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

 

वहीं, इस हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। समय गंवाए बिना ही ग्रामीण और राहगीर बचाव कार्य में जुट गए। पहले एक लोडर को मौके पर बुलाया गया और फिर कार के पतरे को काटकर घायलों को बाहर निकाला गया। करीब 20 मिनट से अधिक समय कार को डंपर से अलग करने में लग गया।

हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में स्टाफ हुआ अलर्ट
हादसे की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल में स्टाफ अलर्ट हो गया। इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक के अलावा अन्य चिकित्सक ओर स्टाफ सदस्य मदद करने के लिए इमरजेंसी कक्ष पहुंच गए। वहीं, घायलों के पहुंचने से पहले ही सिविल अस्पताल के गेट पर स्ट्रेचर की व्यवस्था कर दी गई।



एक ही हादसे में राजेश ने खोए पत्नी और बेटा
इस हादसे ने राजेश और चंद्रहास नामक भाइयों के परिवारों को जीवनभर का दर्द दे दिया। घटना में चंद्रहास की पत्नी भतेरी की मौत हो गई जबकि बेटा समरदीप घायल हो गया। वहीं, उसके छोटे भाई राजेश ने इस हादसे में छोटे बेटे संजीत और पत्नी सुमित्रा को खो दिया। एक दिन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत होने से झज्जर जिले के बुपनिया गांव में भी सन्नाटा पसरा है। 

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