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चरखी दादरी: परिवहन विभाग के अधिकारी की गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाकर लोकेशन की जा रही थी ट्रेस, अज्ञात पर केस 

Wed, 23 Feb 2022 11:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 23 Feb 2022 11:39 PM IST
सार

सूचना मिली थी कि अवैध तरीके से लोकेशन ट्रेस करके अवैध वाहनों व ओवरलोड वाहनों को निकलवा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने गाड़ी को बारीकी से जांचा तो उसके नीचे जीपीएस डिवाइस लगी मिली।

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Illegally installed GPS system in the vehicle of a Transport Department official in Charkhi Dadri of Haryana
Car GPS Tracker

विस्तार

चरखी दादरी में परिवहन विभाग के अधिकारी की गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाकर उनकी लोकेशन पता रखने का नया तरीका सामने आया है। किसी व्यक्ति ने जांच से बचने के लिए एमवीओ की गाड़ी में ही जीपीएस सिस्टम लगा दिया गया। गुप्त सूचना के बाद एमवीओ ने जांच की तो इसका खुलासा हुआ। एमवीओ ने इसकी शिकायत सदर थाना में दी।

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जिसमें उन्होंने धोखाधड़ी, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने उनकी शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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पुलिस को दी शिकायत में परिवहन विभाग के निरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि वह बतौर एमवीओ (मोटर व्हीकल ऑफिसर) तैनात है। 22 फरवरी को वह सरकारी गाड़ी नंबर एचआर 84-5389 में ड्राइवर सुनील, सिपाही अंकित कुमार, आउटसोर्स से साहिल के साथ दिल्ली बाईपास आरटीए पार्किंग के पास थे कि सूचना मिली कि कुछ लोग उनकी सरकारी गाड़ी में जीपीएस लगा कर अवैध तरीके से लोकेशन की जानकारी लेते हैं।
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इस प्रकार धोखाधड़ी करके अवैध वाहनों व ओवरलोड वाहनों को निकलवा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं, इसके बाद उन्होंने गाड़ी को बारीकी से जांचा तो उसके नीचे जीपीएस डिवाइस लगी मिली, जिसमें एयरटेल कंपनी की सिम थी। किसी व्यक्ति ने धोखाधड़ी करने की नीयत से बिना अनुमति के सरकारी गाड़ी में जीपीएस लगाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई है। 


खूब चलता है ओवरलोड वाहनों का खेल, नप चुके अनेक अधिकारी 
क्षेत्र में ओवरलोडिंग का खेल बहुत पुराना है और इसमें अनेक अधिकारी भी नप चुके हैं। पिछले वर्ष यह मामला खूब गरमाया था। जिले में खनन कार्य भी काफी होता है और निर्माण सामग्री ले जाने में ओवरलोडिंग का खेल चलता है। राजस्थान जाने और आने के लिए भी दादरी से ही होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ओवरलोडिंग का खेल खूब चलता है। यहां अवैध वाहन भी खूब दौड़ते हैं। पहले भी कई गिरोह ऐसे पकड़े गए हैं, जो व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से चेकिंग टीम की लोकेशन देकर अवैध तरीके से ओवरलोड वाहनों को निकालते हैं। 

रोडवेज कर्मचारियों पर भी शक की सूई 
अधिकारी की सरकारी गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाने को लेकर शक की सूई रोडवेज कर्मचारियों पर भी घूम रही है। इसमें किसी कंडक्टर की मिलीभगत हो सकती है। कुछ कंडक्टर भी टिकटों में हेरफेर करते हैं। 

निरीक्षक अनिल कुमार की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। जीपीएस डिवाइस और सिम के आधार पर जांच की जा रही है कि ये किसने लगाई है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही खुलासा हो सकेगा कि डिवाइस किसने और क्यों लगाई है। - अनिल कुमार, एएसआई। 

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