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कोरोना काल : 13 माह में सरकार दादरी को नहीं दे पाई एक भी फिजिशियन
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सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में बैड के साथ रखा वेंटिलेटर।
- फोटो : CharkhiDadri
कोरोना काल में सरकार ने जिला स्वास्थ्य विभाग को संसाधन तो दिए हैं, लेकिन उनके मुताबिक स्टाफ की तैनाती नहीं की है। दादरी जिले में कोरोना काल के 13 माह में सरकार एक फिजिशियन भी तैनात नहीं कर पाई है। दूसरी लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कोविड अस्पताल और सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखे वेंटिलेंटर को ऑपरेट करने की नौबत आने पर स्थिति विकट बन सकती है। इस समय जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 11 वेंटिलेंटर तो हैं, लेकिन इन्हें ऑपरेट करने वाला कोई नहीं है।
कोरोना की पहली लहर की चपेट में आने वाले संक्रमितों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिले से दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा था। पहली लहर में छह मामले सामने आए थे। इस स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग सरकार और स्वास्थ्य विभाग को लगातार मांग भेज रहा है, लेकिन इसके बाद भी तैनाती नहीं हो पा रही। अमर उजाला ने जब अपने स्तर पर सरकार को भेजी गई डिमांड की पड़ताल की तो सामने आया कि 13 माह में 12 मांग भेजी गई है, लेकिन इसके बाद भी फिजिशियन की तैनाती नहीं हुई है।
दादरी जिले में कोविड संक्रमितों के लिए अलग-अलग जगहों पर 250 बेड की व्यवस्था है। करीब एक सप्ताह पहले ही विभाग ने कोविड-19 अस्पताल को भी दोबारा शुरू कर दिया है। नियमानुसार यहां रखे गए संक्रमितों की तबीयत बिगड़ने पर उपचार के लिए फिजिशियन भी तैनात होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। यहां विभाग ने केवल मेडिकल ऑफिसर ही तैनात किए हुए हैं।
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दादरी जिले में फिजिशियन नहीं है और इस कमी को दूर करवाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। इस समय फिजिशियन की तैनाती बेहद जरूरी है। मैं अपने स्तर पर भी इसके लिए प्रयास करूंगा।
राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी
फिजिशियन की तैनाती नहीं होने से यकीनन दिक्कतें आ रही हैं। हम निरंतर सरकार को इस संबंध में डिमांड भेज रहे हैं। फिजिशियन की कमी को दूर करवाने के लिए हम प्रयासरत हैं और जिला प्रशासन की मदद से इस कमी को जल्द दूर करवा देंगे।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ
कोरोना काल में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार ने काफी सुधार किया है। फिजिशियन सहित अन्य विशेषज्ञों की कमी को दूर करवाने के लिए मैं अपने स्तर पर भी पूरा प्रयास करूंगा। विशेषकर फिजिशियन की कमी की बात मैं सीधे सीएम के समक्ष रखूंगा।
सत्येंद्र परमार, जिला अध्यक्ष, भाजपा
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कोरोना की पहली लहर की चपेट में आने वाले संक्रमितों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिले से दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा था। पहली लहर में छह मामले सामने आए थे। इस स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग सरकार और स्वास्थ्य विभाग को लगातार मांग भेज रहा है, लेकिन इसके बाद भी तैनाती नहीं हो पा रही। अमर उजाला ने जब अपने स्तर पर सरकार को भेजी गई डिमांड की पड़ताल की तो सामने आया कि 13 माह में 12 मांग भेजी गई है, लेकिन इसके बाद भी फिजिशियन की तैनाती नहीं हुई है।
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दादरी जिले में कोविड संक्रमितों के लिए अलग-अलग जगहों पर 250 बेड की व्यवस्था है। करीब एक सप्ताह पहले ही विभाग ने कोविड-19 अस्पताल को भी दोबारा शुरू कर दिया है। नियमानुसार यहां रखे गए संक्रमितों की तबीयत बिगड़ने पर उपचार के लिए फिजिशियन भी तैनात होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। यहां विभाग ने केवल मेडिकल ऑफिसर ही तैनात किए हुए हैं।
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दादरी जिले में फिजिशियन नहीं है और इस कमी को दूर करवाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। इस समय फिजिशियन की तैनाती बेहद जरूरी है। मैं अपने स्तर पर भी इसके लिए प्रयास करूंगा।
राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी
फिजिशियन की तैनाती नहीं होने से यकीनन दिक्कतें आ रही हैं। हम निरंतर सरकार को इस संबंध में डिमांड भेज रहे हैं। फिजिशियन की कमी को दूर करवाने के लिए हम प्रयासरत हैं और जिला प्रशासन की मदद से इस कमी को जल्द दूर करवा देंगे।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ
कोरोना काल में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार ने काफी सुधार किया है। फिजिशियन सहित अन्य विशेषज्ञों की कमी को दूर करवाने के लिए मैं अपने स्तर पर भी पूरा प्रयास करूंगा। विशेषकर फिजिशियन की कमी की बात मैं सीधे सीएम के समक्ष रखूंगा।
सत्येंद्र परमार, जिला अध्यक्ष, भाजपा