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Charkhi Dadri News: निर्मल मोहल्ले में हो रही दूषित पानी की आपूर्ति
Tue, 13 May 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 13 May 2025 12:10 AM IST
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चरखी दादरी शहर के निर्मल मोहल्ले में दूषित पेयजल सप्लाई पर रोष जताते कॉलोनीवासी।
चरखी दादरी। वार्ड नंबर-10 निर्मल मोहल्ले के बाशिंदे पिछले दो साल से दूषित पेयजल आपूर्ति का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासी कई बार समस्या समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में लिखित व मौखिक शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। बावजूद इसके लंबा समय गुजर जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर समाधान न होने पर कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है।
वार्ड-10 स्थित निर्मल मोहल्ले में पिछले दो साल से दूषित व काले रंग का बदबूदार पानी आपूर्ति के नाम पर घरों में पहुंच रहा है। इस समस्या का दंश कॉलोनी में बने करीब 500 घरों के लोगों को झेलना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि संबंधित विभाग के कर्मचारी मनमर्जी से दो दिन बाद पानी की आपूर्ति करते हैं। करीब 45 मिनट की आपूर्ति में पहले 20 मिनट तक नल से दूषित पानी आता है। इसके बाद कुछ समय के लिए साफ पानी आता है।
स्थानीय निवासी सुशीला, दीपिका, कांता, सुषमा और मनीषा ने बताया कि दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण मोहल्ले में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोग पीने के पानी का प्रबंध करने के लिए 20 रुपये में कैंपर रखवाने के लिए विवश हैं। एक दिन के अंदर घर में दो से तीन कैंपरों की खपत है। इसके बदले प्रतिदिन उन्हें 60 रुपये चुकाने के साथ जनस्वास्थ्य विभाग का मासिक बिल भी भरना पड़ रहा है।
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लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान करवाने के लिए वे कई बार वार्ड पार्षद के अलावा चंपापुरी स्थित मुख्य कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन, अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि इसके बाद वे आंदोलन शुरू करेंगे।
- लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
- लंबे समय से कॉलोनी में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति में आए पानी का किसी भी काम में प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। विभाग के कर्मचारियों ने आपूर्ति का समय भी निर्धारित नहीं किया हुआ है। लंबे समय से मोहल्ले के लोग पेयजल संकट झेल रहे हैं।
-सीमा देवी, स्थानीय निवासी
- वार्ड में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। नल से आने वाला पानी पीने तो क्या, सफाई कार्याें में प्रयोग करने लायक भी नहीं है। हमारे मोहल्ले में लंबे समय से पेयजल संबंधी समस्या बनी है। अधिकारी अब तक समाधान तक नहीं कर पाए हैं।
-सरोज देवी, स्थानीय निवासी
- विभाग की ओर से आपूर्ति किया गया पानी इतना खराब है कि आरओ का फिल्टर भी दूसरे दिन खराब हो जाता है। कॉलोनी के हर घर में दो से तीन पानी के कैंपर मंगवाए जाते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पेयजल बिल के अलावा कैंपर के पैसे चुकाने का बोझ पड़ रहा है।
-कांता रानी, स्थानीय निवासी
- कॉलोनी में दूषित पेयजल आपूर्ति के बारे में वार्ड पार्षद के अलावा विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन, अब तक समाधान नहीं हुआ है। हमारे मोहल्ले में 45 मिनट में से पहले 20 मिनट तक आपूर्ति में काला व बदबूदार पानी आता है।
-राजरानी सचदेवा, स्थानीय निवासी
- कड़ा कदम उठाने की दी चेतावनी
स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, संजय कुमार, रंजना देवी, कपिल कुमार, सूरज कुमार व विवेकानंद आदि का कहना है कि अगर प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर उनकी समस्या का समाधान नहीं करवाया तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
वर्सन:
हमारे पास निर्मल मोहल्ले में दूषित पेयजल आपूर्ति की कोई भी शिकायत नहीं आई है। अगर कॉलोनी में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है तो तीन दिनों के अंदर स्थायी समाधान करवा दिया जाएगा।
-धीरेद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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वार्ड-10 स्थित निर्मल मोहल्ले में पिछले दो साल से दूषित व काले रंग का बदबूदार पानी आपूर्ति के नाम पर घरों में पहुंच रहा है। इस समस्या का दंश कॉलोनी में बने करीब 500 घरों के लोगों को झेलना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि संबंधित विभाग के कर्मचारी मनमर्जी से दो दिन बाद पानी की आपूर्ति करते हैं। करीब 45 मिनट की आपूर्ति में पहले 20 मिनट तक नल से दूषित पानी आता है। इसके बाद कुछ समय के लिए साफ पानी आता है।
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स्थानीय निवासी सुशीला, दीपिका, कांता, सुषमा और मनीषा ने बताया कि दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण मोहल्ले में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोग पीने के पानी का प्रबंध करने के लिए 20 रुपये में कैंपर रखवाने के लिए विवश हैं। एक दिन के अंदर घर में दो से तीन कैंपरों की खपत है। इसके बदले प्रतिदिन उन्हें 60 रुपये चुकाने के साथ जनस्वास्थ्य विभाग का मासिक बिल भी भरना पड़ रहा है।
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लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान करवाने के लिए वे कई बार वार्ड पार्षद के अलावा चंपापुरी स्थित मुख्य कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन, अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि इसके बाद वे आंदोलन शुरू करेंगे।
- लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
- लंबे समय से कॉलोनी में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति में आए पानी का किसी भी काम में प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। विभाग के कर्मचारियों ने आपूर्ति का समय भी निर्धारित नहीं किया हुआ है। लंबे समय से मोहल्ले के लोग पेयजल संकट झेल रहे हैं।
-सीमा देवी, स्थानीय निवासी
- वार्ड में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। नल से आने वाला पानी पीने तो क्या, सफाई कार्याें में प्रयोग करने लायक भी नहीं है। हमारे मोहल्ले में लंबे समय से पेयजल संबंधी समस्या बनी है। अधिकारी अब तक समाधान तक नहीं कर पाए हैं।
-सरोज देवी, स्थानीय निवासी
- विभाग की ओर से आपूर्ति किया गया पानी इतना खराब है कि आरओ का फिल्टर भी दूसरे दिन खराब हो जाता है। कॉलोनी के हर घर में दो से तीन पानी के कैंपर मंगवाए जाते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पेयजल बिल के अलावा कैंपर के पैसे चुकाने का बोझ पड़ रहा है।
-कांता रानी, स्थानीय निवासी
- कॉलोनी में दूषित पेयजल आपूर्ति के बारे में वार्ड पार्षद के अलावा विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन, अब तक समाधान नहीं हुआ है। हमारे मोहल्ले में 45 मिनट में से पहले 20 मिनट तक आपूर्ति में काला व बदबूदार पानी आता है।
-राजरानी सचदेवा, स्थानीय निवासी
- कड़ा कदम उठाने की दी चेतावनी
स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, संजय कुमार, रंजना देवी, कपिल कुमार, सूरज कुमार व विवेकानंद आदि का कहना है कि अगर प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर उनकी समस्या का समाधान नहीं करवाया तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
वर्सन:
हमारे पास निर्मल मोहल्ले में दूषित पेयजल आपूर्ति की कोई भी शिकायत नहीं आई है। अगर कॉलोनी में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है तो तीन दिनों के अंदर स्थायी समाधान करवा दिया जाएगा।
-धीरेद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग