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Charkhi Dadri News: नहीं पहुंची खेप, जिले में खाद संकट बरकरार
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चरखी दादरी। शहर स्थित खाद केंद्रों पर बुधवार को खेप न पहुंचने के चलते यूरिया वितरण नहीं हो सका। किसान दिनभर कार्यालय के चक्कर काटते रहे और अधिकारी व कर्मचारी खाद न होने का तर्क देकर उन्हें वापस भेजते रहे। हालांकि जरूरत को देखते हुए विभाग ने 11 हजार बैग की डिमांड भेज रखी है लेकिन पीछे से खाद की आपूर्ति नहीं की जा रही। ऐसे में किसानों के लिए गेहूं की बिजाई करना मुश्किल कार्य बना हुआ है।
गेहूं की अगेती बिजाई 25 नवंबर तक की जा सकती है उसके बाद किसान पछेती किस्मों की बिजाई करेंगे। किसान राम सिंह, सोमबीर, चांद सिंह व नंबरदार चंद्र सिंह ने बताया कि इस बार तो खाद के संकट ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। न तो डीएपी मिल रहा है और न ही यूरिया की आपूर्ति हो रही है। किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को शहर में खाद से भरा एक भी ट्रक नहीं पहुंचा। वे दिनभर जमींदारा सोसायटी व इफको केंद्रों का चक्कर लगाते रहे।
इन किसानों ने बताया कि सरकार को सरकारी के साथ प्राइवेट दुकानों पर भी खाद की सप्लाई करनी चाहिए ताकि किसानों की भीड़ न होने पाए और सबको जरूरत के अनुसार खाद मिल सके। यूरिया खाद की सरसों में छिड़काव के लिए जरूरत है। इस संबंध में सोसायटी के मैनेजर संदीप देशवाल का कहना है कि 11 हजार बैग की डिमांड भेज रखी है। जैसे ही खाद पहुंचती है कर्मचारी उसी समय इसका वितरण शुरू कर देते हैं।
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गेहूं की अगेती बिजाई 25 नवंबर तक की जा सकती है उसके बाद किसान पछेती किस्मों की बिजाई करेंगे। किसान राम सिंह, सोमबीर, चांद सिंह व नंबरदार चंद्र सिंह ने बताया कि इस बार तो खाद के संकट ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। न तो डीएपी मिल रहा है और न ही यूरिया की आपूर्ति हो रही है। किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को शहर में खाद से भरा एक भी ट्रक नहीं पहुंचा। वे दिनभर जमींदारा सोसायटी व इफको केंद्रों का चक्कर लगाते रहे।
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इन किसानों ने बताया कि सरकार को सरकारी के साथ प्राइवेट दुकानों पर भी खाद की सप्लाई करनी चाहिए ताकि किसानों की भीड़ न होने पाए और सबको जरूरत के अनुसार खाद मिल सके। यूरिया खाद की सरसों में छिड़काव के लिए जरूरत है। इस संबंध में सोसायटी के मैनेजर संदीप देशवाल का कहना है कि 11 हजार बैग की डिमांड भेज रखी है। जैसे ही खाद पहुंचती है कर्मचारी उसी समय इसका वितरण शुरू कर देते हैं।
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