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Charkhi Dadri News: जेल की व्यवस्थाएं जांचने पहुंचे सीजेएम, बंदियों से की बातचीत
Thu, 03 Jul 2025 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:03 AM IST
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फोटो 08
भिवानी जिला कारागार में बंदियाें से बातचीत करते सीजेएम संजीव काजला। स्रोत : जिविसेप्रा.
-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजीव काजला ने बुधवार को किया भिवानी जिला कारागार का दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) संजीव काजला ने बुधवार को भिवानी जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से संवाद किया। सीजेएम काजला ने कहा कि यदि जेल में कोई बंदी कानूनी सहायता चाहता है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उसकी मदद कर सकता है।
सीजेएम ने कहा कि कई बार मामूली मामलों में कानूनी सहायता न मिलने के कारण लंबे समय तक आरोपी जेल में बंद रहता है। ऐसे बंदी विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ले सकते हैं। सीजेएम संजीव काजला ने जेल के पुरुष बैरक का निरीक्षण किया और बंदियों के रहन-सहन, खाना-पीना, पानी, पुस्तकालय, साफ-सफाई और चिकित्सा सेवाओं का अवलोकन किया। बंदियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी जेल में बिताई गई अवधि के बारे में पूछा।
सीजेएम ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि अगर दादरी जिले के किसी बंदी को कानूनी मदद की आवश्यकता हो तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से सूचित किया जाए।
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भिवानी जिला कारागार में बंदियाें से बातचीत करते सीजेएम संजीव काजला। स्रोत : जिविसेप्रा.
-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजीव काजला ने बुधवार को किया भिवानी जिला कारागार का दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) संजीव काजला ने बुधवार को भिवानी जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से संवाद किया। सीजेएम काजला ने कहा कि यदि जेल में कोई बंदी कानूनी सहायता चाहता है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उसकी मदद कर सकता है।
सीजेएम ने कहा कि कई बार मामूली मामलों में कानूनी सहायता न मिलने के कारण लंबे समय तक आरोपी जेल में बंद रहता है। ऐसे बंदी विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ले सकते हैं। सीजेएम संजीव काजला ने जेल के पुरुष बैरक का निरीक्षण किया और बंदियों के रहन-सहन, खाना-पीना, पानी, पुस्तकालय, साफ-सफाई और चिकित्सा सेवाओं का अवलोकन किया। बंदियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी जेल में बिताई गई अवधि के बारे में पूछा।
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सीजेएम ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि अगर दादरी जिले के किसी बंदी को कानूनी मदद की आवश्यकता हो तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से सूचित किया जाए।
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