फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Children up to 10 years of age are becoming victims of dental caries.

Charkhi Dadri News: दंत क्षय का शिकार बन रहे 10 साल तक की उम्र के बच्चे

Sun, 25 Feb 2024 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 25 Feb 2024 12:19 AM IST
विज्ञापन
Children up to 10 years of age are becoming victims of dental caries.
बच्चे के दांत की जांच करता विशेषज्ञ। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

चरखी दादरी। बच्चों में जंक फूड, टॉफी और चॉकलेट का क्रेज उन्हें दंत क्षय का शिकार बना रहा है। हर साल दो हजार से ज्यादा बच्चे दांत संबंधी बीमारियों का उपचार करवाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इनमें से 3 से 10 आयुवर्ग के बच्चों में दंत क्षय की समस्या सबसे अधिक है।
प्रतिदिन जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर दंत रोगों से संबंधित करीब 130 से 135 तक ओपीडी होती है। इसमें से शहर के सिविल अस्पताल में दंत रोगों की ओपीडी करीब 40 है। दंत विशेषज्ञ का कहना है कि जंक फूड और चॉकलेट का ज्यादा सेवन करने से बच्चे दांतों की बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। माता-पिता को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में माता पिता बच्चों पर नियंत्रण रखते थे, लेकिन अब तो फरमाईश करते ही बच्चों के हाथों में चाॅकलेट, टॉफी और जंक फूड पहुंच रहा है। फास्ट फूड के इस दौर में बच्चों के दांतों में मजबूती नहीं आ पा रही। सबसे अधिक मामले दांतों में कीड़े लगने के आ रहे हैं। इसके बाद मसूड़े से खून आने के मामले हैं।
विज्ञापन



जरूरी है बच्चों के दांतों की देखभाल
डिप्टी सीएमओ एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बच्चे की संपूर्ण सेहत के लिए दांतों की देखभाल बेहद जरूरी है। छोटे बच्चों के दांतों की देखभाल ठीक से न करने पर उनमें कीड़े लग जाते हैं। एक से तीन साल के बच्चे खुद से अपने दांतों की देखभाल नहीं कर सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को ही उनकी दांतों की साफ-सफाई का ख्याल रखना होगा। बच्चों को एक दिन में दो बार ब्रश करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन





अभिभावक इन बातों का भी रखें ख्याल
. बच्चे को कम उम्र से ही ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स, चॉकलेट आदि अधिक खाने के लिए न दें।
. हेल्दी फूड खिलाएं।
. दांतों को हेल्दी रखने के लिए विटामिन डी, सी, बीटा कैरोटीन, कैल्शियम आदि पोषक तत्वों से भरपूर भोजन खिलाएं।
. डेंटिस्ट से सलाह लेकर ही छोटे बच्चों के लिए टूथपेस्ट और ब्रश चुनें।
. बच्चे को ज्यादा समय तक एक ही ब्रश का इस्तेमाल न कराएं।


जिले में यहां दांतों के उपचार की सुविधा
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा गोपी, झोझूकलां और बौंदकलां में दंत रोग उपचार की सुविधा है। इनके अलावा रानीला,सांवड़, छपार, इमलोटा, अचीना, मानकावास, बलकरा, माईकलां, बाढड़ा, संतोकपुरा और हड़ौदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी दंत जांच सुविधा उपलब्ध है।




बच्चों में डेंटल कैरिज बढ़ रहा है। इसका कारण दांतों की देखभाल न करना है। इसके अलावा जंक फूड का सेवन करने से भी बच्चे दांतों के रोगों का शिकार हो रहे हैं। दांतों संबंधी समस्याओं को लेकर प्रतिमाह करीब चार हजार मरीज आते हैं, जिनमें से 50 फीसदी बच्चे और किशोर हैं। - डॉ. संजय गुप्ता, दंत रोग विशेषज्ञ एवं डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed