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बहादुरी के कार्य करने वाल बच्चें 15 अक्तूबर तक करें आवेदन: उपायुक्त प्रीति
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चरखी दादरी। भारतीय बाल कल्याण परिषद ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए बहादुर बच्चों से 15 अक्तूबर तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। उपायुक्त प्रीति ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पुरस्कार पाने वाले बच्चों की आयु 6 वर्ष से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उन्होंने बहादुरी का कार्य एक जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2022 तक किया हुआ हो।
उपायुक्त ने बताया कि ऐसे बहादुर बच्चे एवं संस्थान निर्धारित तिथि तक अपने आवेदन भारतीय बाल कल्याण परिषद को सभी निर्धारित नियमों सहित भेजना सुनिश्चित करें। डीसी ने बताया कि भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा जोखिम परिस्थितियों में बहादुरी का कार्य करने वाले बहादुर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा देश भर में 25 बहादुर बच्चों को चार श्रेणी में पुरस्कार दिए जाएंगे। आवेदन प्राप्त करने के उपरांत परिषद द्वारा गठित कमेटी ऐसे बहादुर बच्चों का पुरस्कार के लिए चयन करेगी। बच्चों को पुरस्कार स्वरूप एक पदक, प्रमाण पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नकद राशि के रूप में बहादुर बच्चों को एक लाख रुपये से लेकर 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि आवेदन करने वाले प्रार्थियों के लिए स्कूल के प्राचार्य या हेड मास्टर, जिला परिषद या पंचायत के मुखिया, जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक या राज्य बाल कल्याण परिषद के प्रधान और महासचिव के अनुशंसा जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अनुशंसा करने वाले अधिकारी या मुखिया द्वारा आवेदक के पूर्ण विवरण की 250 शब्दों में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। आवेदक निर्धारित प्रोफार्मा में जन्मतिथि, वीरता के लिए छपे न्यूज पेपर या मैगजीन की क्लिपिंग, एफआईआर या पुलिस डायरी की भी जानकारी साझा करे।
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उपायुक्त ने बताया कि ऐसे बहादुर बच्चे एवं संस्थान निर्धारित तिथि तक अपने आवेदन भारतीय बाल कल्याण परिषद को सभी निर्धारित नियमों सहित भेजना सुनिश्चित करें। डीसी ने बताया कि भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा जोखिम परिस्थितियों में बहादुरी का कार्य करने वाले बहादुर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा देश भर में 25 बहादुर बच्चों को चार श्रेणी में पुरस्कार दिए जाएंगे। आवेदन प्राप्त करने के उपरांत परिषद द्वारा गठित कमेटी ऐसे बहादुर बच्चों का पुरस्कार के लिए चयन करेगी। बच्चों को पुरस्कार स्वरूप एक पदक, प्रमाण पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि नकद राशि के रूप में बहादुर बच्चों को एक लाख रुपये से लेकर 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि आवेदन करने वाले प्रार्थियों के लिए स्कूल के प्राचार्य या हेड मास्टर, जिला परिषद या पंचायत के मुखिया, जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक या राज्य बाल कल्याण परिषद के प्रधान और महासचिव के अनुशंसा जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अनुशंसा करने वाले अधिकारी या मुखिया द्वारा आवेदक के पूर्ण विवरण की 250 शब्दों में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। आवेदक निर्धारित प्रोफार्मा में जन्मतिथि, वीरता के लिए छपे न्यूज पेपर या मैगजीन की क्लिपिंग, एफआईआर या पुलिस डायरी की भी जानकारी साझा करे।
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