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Charkhi Dadri News: 15 करोड़ से बनेगा एक्सीलेंस सेंटर, शिक्षा क्षेत्र में कर सकेंगे शोध
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बिरहीकलां डाइट में शिक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए।
चरखी दादरी। केंद्र सरकार ने जिले के गांव बिरहीकलां स्थित डाइट में एक्सीलेंस सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। डाइट की सुविधाएं अपग्रेड होने से यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य हो सकेंगे। इतना ही नहीं चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स भी शुरू होगा, जिसमें 100 सीटें होंगी। बारहवीं कक्षा के बाद विद्यार्थी चार वर्षीय कोर्स करने के बाद शिक्षक बन सकेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हाेने का अनुमान है।
बता दें कि सरकार ने प्रदेश में चार जिलों में ही एक्सीलेंस सेंटर बनाए हैं। इसे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग इन टीचर एजुकेशन नाम दिया गया है। गांव बिरहीकलां स्थित इस डाइट में पहले दो वर्षीय डीएलएड कोर्स होता था जो सरकार ने करीब चार साल पहले बंद कर दिया है। डाइट में करीब 12 एकड़ जमीन है। अब नई शिक्षा नीति तैयार होने के बाद सरकार यहां एक्सीलेंस सेंटर बनाने जा रही है।
एक्सीलेंस सेंटर बनने से यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य शुरू होंगे। सेंटर में शिक्षा विशेषज्ञ भी तैनात होंगे। सेंटर में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी देंगे। इसके अलावा यहां चार वर्षीय शिक्षक कोर्स भी शुरू होगा। बारहवीं कक्षा के बाद छात्र बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ बीएड भी कर सकेगा। नई शिक्षा नीति के तहत यह कोर्स शुरू होने जा रहा है। अब जो छात्र शिक्षक बनना चाहता है वहीं इस कोर्स में दाखिला लेगा। संवाद
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- प्राध्यापक नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करवाने में करेंगे मदद
एक्सीलेंस सेंटर में कार्यरत प्राध्यापक नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करवाने में भी सहयोग करेंगे। प्राध्यापक राजकीय स्कूलों की समय-समय पर मॉनीटरिंग भी करेंगे। शिक्षण संबंधी अन्य गतिविधियों में भी भाग लेेंगे। पाठ्यक्रम संबंधी नवीनतम प्रविधियों की भी शिक्षकों को जानकारी देगे। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए 15 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही बजट मिलने पर इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा।
- चार जिलों के एक्सीलेंस सेंटर में मिलेंगी ये सुविधाएं
एक्सीलेंस सेंटर में कमरों के निर्माण के साथ टीएलएम, लैब व तकनीकी सिस्टम तैयार किया जाएगा। प्रदेश भर में पहले चरण में चार जिलों में यह एक्सीलेंस सेंटर बनाए गए हैं। जिनमें चरखी दादरी के अलावा गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र व हिसार शामिल हैं। बाद में बारी-बारी से सभी जिलों में ये सेंटर बनाए जाने की योजना है। ये सेंटर उच्चतर शिक्षा विभाग के अधीन होगा। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। प्रदेश भर में इस समय 21 डाइट हैंं। धीरे-धीरे इन सभी डाइट को एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाने योजना है।
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सरकार ने बिरहीकलां डाइट में एक्सीलेंस सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य भी हो सकेंगे। इसके लिए 15 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया गया है। यहां नए कमरे व आधारभूत ढांचा नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
-कुलदीप सिंह, प्राचार्य, डाइट बिरहीकलां
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बता दें कि सरकार ने प्रदेश में चार जिलों में ही एक्सीलेंस सेंटर बनाए हैं। इसे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग इन टीचर एजुकेशन नाम दिया गया है। गांव बिरहीकलां स्थित इस डाइट में पहले दो वर्षीय डीएलएड कोर्स होता था जो सरकार ने करीब चार साल पहले बंद कर दिया है। डाइट में करीब 12 एकड़ जमीन है। अब नई शिक्षा नीति तैयार होने के बाद सरकार यहां एक्सीलेंस सेंटर बनाने जा रही है।
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एक्सीलेंस सेंटर बनने से यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य शुरू होंगे। सेंटर में शिक्षा विशेषज्ञ भी तैनात होंगे। सेंटर में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी देंगे। इसके अलावा यहां चार वर्षीय शिक्षक कोर्स भी शुरू होगा। बारहवीं कक्षा के बाद छात्र बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ बीएड भी कर सकेगा। नई शिक्षा नीति के तहत यह कोर्स शुरू होने जा रहा है। अब जो छात्र शिक्षक बनना चाहता है वहीं इस कोर्स में दाखिला लेगा। संवाद
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- प्राध्यापक नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करवाने में करेंगे मदद
एक्सीलेंस सेंटर में कार्यरत प्राध्यापक नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करवाने में भी सहयोग करेंगे। प्राध्यापक राजकीय स्कूलों की समय-समय पर मॉनीटरिंग भी करेंगे। शिक्षण संबंधी अन्य गतिविधियों में भी भाग लेेंगे। पाठ्यक्रम संबंधी नवीनतम प्रविधियों की भी शिक्षकों को जानकारी देगे। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए 15 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही बजट मिलने पर इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा।
- चार जिलों के एक्सीलेंस सेंटर में मिलेंगी ये सुविधाएं
एक्सीलेंस सेंटर में कमरों के निर्माण के साथ टीएलएम, लैब व तकनीकी सिस्टम तैयार किया जाएगा। प्रदेश भर में पहले चरण में चार जिलों में यह एक्सीलेंस सेंटर बनाए गए हैं। जिनमें चरखी दादरी के अलावा गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र व हिसार शामिल हैं। बाद में बारी-बारी से सभी जिलों में ये सेंटर बनाए जाने की योजना है। ये सेंटर उच्चतर शिक्षा विभाग के अधीन होगा। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। प्रदेश भर में इस समय 21 डाइट हैंं। धीरे-धीरे इन सभी डाइट को एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाने योजना है।
सरकार ने बिरहीकलां डाइट में एक्सीलेंस सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य भी हो सकेंगे। इसके लिए 15 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया गया है। यहां नए कमरे व आधारभूत ढांचा नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
-कुलदीप सिंह, प्राचार्य, डाइट बिरहीकलां