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Charkhi Dadri News: गर्मी के दस्तक से नहरी पानी में कटौती, जलघरों के टैंक खाली होने के कगार पर
Fri, 29 Mar 2024 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 29 Mar 2024 01:10 AM IST
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चरखी दादरी। गर्मी की शुरुआत होते ही जिले में पेयजल संकट गहराना शुरू हो चुका है। 2450 लाख लीटर पेयजल क्षमता वाला चंपापुरी जलघर के चारों टैंक खाली होने के कगार पर हैं। इसके चलते शहर में ट्यूबवेल मिक्स पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की मानें तो टैंकों में बचे पानी की ट्यूबवेल का सहारा लेकर तीन से चार दिन आपूर्ति की जा सकती है।
वहीं, सरकार ने नहरी पानी की भी कटौती शुरू कर दी है। नहरों में अब 16 के बजाय 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में नहरों में अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इससे पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। सिंचाई विभाग ने नहरी पानी का शेड्यूल बदल दिया है। यह टाइम टेबल बारिश सीजन तक बना रहेगा।
इस बार चरखी दादरी जिले को एक अप्रैल को पानी मिलना था, जो अब पांच अप्रैल को छोड़ा जाएगा। नहरों में छह अप्रैल तक पानी पहुंचेगा और ऐसे में करीब तीन-चार दिन तक लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। एक सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है और इसके चलते पेयजल खपत बढ़ गई है। अब विभाग ने बोरिंग ट्यूबवेल का पानी सप्लाई में देना शुरू कर दिया है। यह पानी लवणीय है और इसका टीडीएस भी अधिक है। विभागीय जानकारों की मानें तो पोषक तत्वों की कमी से इसे रसोईघर के कामों में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता।
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- शहर में रोजाना 14 घंटे होती है सप्लाई
चंपापुरी जलघर से शहर के 60 प्रतिशत क्षेत्र में और रामनगर जलघर से 40 प्रतिशत क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक बना रखे हैं। इस जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर है। रामनगर जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर पानी है। शहर में रोजाना 14 घंटे पेयजल सप्लाई होती है। चंपापुरी और रामनगर जलघर में 12 ट्यूबवेल बोरिंग किए गए हैं।
पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ने से मिलेगी राहत
शहर के जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ना प्रस्तावित है। विभाग के पास इस समय स्टोरेज क्षमता 10 से 12 दिन की ही है, जबकि कम से कम 25 दिन की भंडारण क्षमता होना जरूरी है ताकि कई बार नहरी पानी की टर्म मिस होने पर पानी का संकट न गहराए।
400 रुपये में टैंकर डलवाने को विवश हैं लोग
पानी का संकट गहराने पर शहर के लोग पानी का टैंकर खरीदने को विवश है। पानी का टैंकर 300 से 400 रुपये में बिक रहा है। इतना ही नहीं बाजारों में करीब 700 से ज्यादा दुकानदार प्राइवेट वाटर सप्लायर से 15 रुपये प्रति वाटर कैन खरीदने को मजबूर हैं। इस पानी में वो आवश्यक पोषक तत्व मौजूद नहीं होते जो प्राकृतिक पानी में उपलब्ध होते हैं।
- नहरों से ही भरे जाते हैं जलघर
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। जैसे ही गर्मी सीजन की शुरुआत हुई है, सरकार ने नहरी पानी का भी टाइमटेबल बदल दिया है। मई-जून में तो पानी की खपत बेहद ज्यादा होती है। जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा, बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटी आदि से जलघरों में पानी डाला जाता है।
जलघरों के टैंकों में बचे पानी से अभी तीन-चार दिन और आपूर्ति हो सकती है। जल्द नहरों में पानी मंगवाने की मांग हमने सिंचाई विभाग से की है। लोगों से अपील है कि वो पानी की बर्बादी न करें।
-धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
नहरी पानी की टर्म 16 के बजाय 24 दिन कर दी गई है। पांच अप्रैल को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। पानी पहुंचते ही जलघरोंं व तालाबों में पानी भरा जाएगा। इस बार पानी कुछ दिन देरी से भी मिल रहा है। विभाग पानी का सही ढंग से प्रबंधन करेगा और लोगों की जरूरत को पूरा किया जाएगा।
- हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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वहीं, सरकार ने नहरी पानी की भी कटौती शुरू कर दी है। नहरों में अब 16 के बजाय 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में नहरों में अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इससे पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। सिंचाई विभाग ने नहरी पानी का शेड्यूल बदल दिया है। यह टाइम टेबल बारिश सीजन तक बना रहेगा।
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इस बार चरखी दादरी जिले को एक अप्रैल को पानी मिलना था, जो अब पांच अप्रैल को छोड़ा जाएगा। नहरों में छह अप्रैल तक पानी पहुंचेगा और ऐसे में करीब तीन-चार दिन तक लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। एक सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है और इसके चलते पेयजल खपत बढ़ गई है। अब विभाग ने बोरिंग ट्यूबवेल का पानी सप्लाई में देना शुरू कर दिया है। यह पानी लवणीय है और इसका टीडीएस भी अधिक है। विभागीय जानकारों की मानें तो पोषक तत्वों की कमी से इसे रसोईघर के कामों में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता।
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- शहर में रोजाना 14 घंटे होती है सप्लाई
चंपापुरी जलघर से शहर के 60 प्रतिशत क्षेत्र में और रामनगर जलघर से 40 प्रतिशत क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक बना रखे हैं। इस जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर है। रामनगर जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर पानी है। शहर में रोजाना 14 घंटे पेयजल सप्लाई होती है। चंपापुरी और रामनगर जलघर में 12 ट्यूबवेल बोरिंग किए गए हैं।
पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ने से मिलेगी राहत
शहर के जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ना प्रस्तावित है। विभाग के पास इस समय स्टोरेज क्षमता 10 से 12 दिन की ही है, जबकि कम से कम 25 दिन की भंडारण क्षमता होना जरूरी है ताकि कई बार नहरी पानी की टर्म मिस होने पर पानी का संकट न गहराए।
400 रुपये में टैंकर डलवाने को विवश हैं लोग
पानी का संकट गहराने पर शहर के लोग पानी का टैंकर खरीदने को विवश है। पानी का टैंकर 300 से 400 रुपये में बिक रहा है। इतना ही नहीं बाजारों में करीब 700 से ज्यादा दुकानदार प्राइवेट वाटर सप्लायर से 15 रुपये प्रति वाटर कैन खरीदने को मजबूर हैं। इस पानी में वो आवश्यक पोषक तत्व मौजूद नहीं होते जो प्राकृतिक पानी में उपलब्ध होते हैं।
- नहरों से ही भरे जाते हैं जलघर
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। जैसे ही गर्मी सीजन की शुरुआत हुई है, सरकार ने नहरी पानी का भी टाइमटेबल बदल दिया है। मई-जून में तो पानी की खपत बेहद ज्यादा होती है। जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा, बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटी आदि से जलघरों में पानी डाला जाता है।
जलघरों के टैंकों में बचे पानी से अभी तीन-चार दिन और आपूर्ति हो सकती है। जल्द नहरों में पानी मंगवाने की मांग हमने सिंचाई विभाग से की है। लोगों से अपील है कि वो पानी की बर्बादी न करें।
-धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
नहरी पानी की टर्म 16 के बजाय 24 दिन कर दी गई है। पांच अप्रैल को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। पानी पहुंचते ही जलघरोंं व तालाबों में पानी भरा जाएगा। इस बार पानी कुछ दिन देरी से भी मिल रहा है। विभाग पानी का सही ढंग से प्रबंधन करेगा और लोगों की जरूरत को पूरा किया जाएगा।
- हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग