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सी-आर्म मशीन मिली न पीएचसी-सीएचसी पर पहुंचे जेनरेटर, मरीज परेशान
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कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जहां जेनरेटर नहीं है।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। पिछले करीब दस दिनों से तापमान लगातार 42 डिग्री से पार चल रहा है, जबकि जिले के 15 सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर जेनरेटर की कमी बनी हुई है। इसके चलते बिजली कट मरीजों के स्वास्थ्य यहां तैनात स्टाफ को भी परेशान कर रहे हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल में सी-आर्म मशीन की कमी से ऑपरेशन सुविधा में विस्तार नहीं हो पा रहा है।
जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें एक सिविल अस्पताल, एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी हैं। सिविल अस्पताल तो हॉट लाइन से कनेक्ट है और यहां जेनरेटर की सुविधा भी है। वहीं, मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में जेनरेटर तो है, लेकिन इसे चालू नहीं किया गया है। अब अगर सीएचसी और पीएचसी की बात करें तो ज्यादातर न तो हॉट लाइन से कनेक्ट हैं और न ही यहां जेनरेटर की सुविधा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इन सीएचसी व पीएचसी पर बिजली कटों के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इन तमाम बिंदुओं को जहन में रखते हुए करीब डेढ़ माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के पास 15 जेनरेटर की डिमांड भेजी थी। प्रशासन ने रेडक्रॉस फंड से जेनरेटर की खरीद करने का आश्वासन दिया था। संवाददाता ने जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि अब तक किसी भी सीएचसी-पीएचसी पर जेनरेटर नहीं पहुंचे हैं। जबकि यहां बिजली कटों का खेल जारी है और गर्मी में मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जेनरेटर खरीद की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही विभाग के पास जेनरेटर पहुंचने की उम्मीद है।
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विधायक भी उठा चुकी हैं सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा, पर नहीं पहुंची
सी-आर्म मशीन की कमी के चलते सिविल अस्पताल में गुर्दे और पथरी समेत अन्य ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। करीब एक माह पहले सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सामान्य ऑपरेशन शुरू कर दिए गए थे और सी-आर्म मशीन आने के बाद इस सुविधा में और विस्तार करने की योजना थी। विधानसभा सत्र में बाढड़ा विधायक नैना सिंह चौटाला ने सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा उठाया था और सरकार की ओर से जल्द सी-आर्म मशीन भेजने का आश्वासन दिया गया था। इस बात को करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मशीन अस्पताल नहीं भेजी गई है।
10 किलोवॉट के मिलने हैं जेनरेटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला प्रशासन के जेनरेटर की जो डिमांड भेजी गई है, उसके मुताबिक सभी जेनरेटर 10 किलोवॉट क्षमता के होंगे। सूत्रों के अनुसार एक जेनरेटर पर 60 से 70 हजार रुपये लागत आने की संभावना है। सीएचसी-पीएचसी पर जेनरेटर की सुविधा शुरू होने का लाभ प्रतिदिन करीब 700 से ज्यादा मरीजों को मिलेगा।
मोबाइल की टॉर्च में करना पड़ता है उपचार
ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के अलावा भी बिजली कट लगाए जाते हैं। कई बार तो शाम के समय बिजली कट लगा दिया जाता है, जिससे यहां तैनात स्टाफ को इमरजेंसी में मरीज का उपचार मोबाइल की टॉर्च में करना पड़ता है। कई दफा तो दिन में लंबा कट रहने से स्वास्थ्य सेवाएं और जांच सुविधा तक बाधित हो जाती हैं।
मैंने विधानसभा सत्र में सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा उठाया था। सरकार ने उस दौरान जल्द यह मशीन मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है। मेरे पास जो अपडेट है, उसके मुताबिक अगले दस दिन में मशीन सिविल अस्पताल में पहुंचने की उम्मीद है। -नैना सिंह चौटाला, विधायक, बाढड़ा
जेनरेटर की डिमांड हम जिला प्रशासन के पास पहले ही भेज चुके हैं। जल्द ही 15 जेनरेटर हमें मिलने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद इन जेनरेटर को सीएचसी-पीएचसी पर भेज दिया जाएगा। - डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी।
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जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें एक सिविल अस्पताल, एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी हैं। सिविल अस्पताल तो हॉट लाइन से कनेक्ट है और यहां जेनरेटर की सुविधा भी है। वहीं, मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में जेनरेटर तो है, लेकिन इसे चालू नहीं किया गया है। अब अगर सीएचसी और पीएचसी की बात करें तो ज्यादातर न तो हॉट लाइन से कनेक्ट हैं और न ही यहां जेनरेटर की सुविधा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इन सीएचसी व पीएचसी पर बिजली कटों के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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इन तमाम बिंदुओं को जहन में रखते हुए करीब डेढ़ माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के पास 15 जेनरेटर की डिमांड भेजी थी। प्रशासन ने रेडक्रॉस फंड से जेनरेटर की खरीद करने का आश्वासन दिया था। संवाददाता ने जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि अब तक किसी भी सीएचसी-पीएचसी पर जेनरेटर नहीं पहुंचे हैं। जबकि यहां बिजली कटों का खेल जारी है और गर्मी में मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जेनरेटर खरीद की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही विभाग के पास जेनरेटर पहुंचने की उम्मीद है।
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विधायक भी उठा चुकी हैं सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा, पर नहीं पहुंची
सी-आर्म मशीन की कमी के चलते सिविल अस्पताल में गुर्दे और पथरी समेत अन्य ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। करीब एक माह पहले सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सामान्य ऑपरेशन शुरू कर दिए गए थे और सी-आर्म मशीन आने के बाद इस सुविधा में और विस्तार करने की योजना थी। विधानसभा सत्र में बाढड़ा विधायक नैना सिंह चौटाला ने सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा उठाया था और सरकार की ओर से जल्द सी-आर्म मशीन भेजने का आश्वासन दिया गया था। इस बात को करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मशीन अस्पताल नहीं भेजी गई है।
10 किलोवॉट के मिलने हैं जेनरेटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला प्रशासन के जेनरेटर की जो डिमांड भेजी गई है, उसके मुताबिक सभी जेनरेटर 10 किलोवॉट क्षमता के होंगे। सूत्रों के अनुसार एक जेनरेटर पर 60 से 70 हजार रुपये लागत आने की संभावना है। सीएचसी-पीएचसी पर जेनरेटर की सुविधा शुरू होने का लाभ प्रतिदिन करीब 700 से ज्यादा मरीजों को मिलेगा।
मोबाइल की टॉर्च में करना पड़ता है उपचार
ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के अलावा भी बिजली कट लगाए जाते हैं। कई बार तो शाम के समय बिजली कट लगा दिया जाता है, जिससे यहां तैनात स्टाफ को इमरजेंसी में मरीज का उपचार मोबाइल की टॉर्च में करना पड़ता है। कई दफा तो दिन में लंबा कट रहने से स्वास्थ्य सेवाएं और जांच सुविधा तक बाधित हो जाती हैं।
मैंने विधानसभा सत्र में सी-आर्म मशीन की कमी का मुद्दा उठाया था। सरकार ने उस दौरान जल्द यह मशीन मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है। मेरे पास जो अपडेट है, उसके मुताबिक अगले दस दिन में मशीन सिविल अस्पताल में पहुंचने की उम्मीद है। -नैना सिंह चौटाला, विधायक, बाढड़ा
जेनरेटर की डिमांड हम जिला प्रशासन के पास पहले ही भेज चुके हैं। जल्द ही 15 जेनरेटर हमें मिलने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद इन जेनरेटर को सीएचसी-पीएचसी पर भेज दिया जाएगा। - डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी।