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Charkhi Dadri News: पेयजल परियोजना के लिए 115 करोड़ का बजट जारी, टेंडर आमंत्रित
Wed, 15 Nov 2023 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 15 Nov 2023 11:39 PM IST
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चरखी दादरी। सीवर लाइनों की तर्ज पर अब शहर में डैमेज हो चुकी पेयजल लाइन को भी बदला जाएगा। इस प्रोजेक्ट के टेंडर आमंत्रित हो गए है और जल्द ही वर्क अलॉट व वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है। इस परियोजना पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च आना है। इसके पूरा होने के बाद पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ दूषित पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
जनस्वास्थ्य विभाग के इस प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय से बजट मिलने का इंतजार था। लाइनें डैमेज होने की वजह से लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। पेयजल पाइप लाइनों की मियाद भी पूरी हो चुकी है। इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। करीब 15 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनों को बदलने की जरूरत है।
सीसीआई परिसर से गुजर रही लाइन भी समय-समय पर टूट रही है जिससे कई कॉलोनियों में पेयजल संकट गहरा जाता है। चंपापुरी जलघर से रोहतक चौक तक मेन लाइन में करीब 200 अवैध कनेक्शन होने की वजह से यह लाइन अब जवाब दे गई है। इससे पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है। 70 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
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शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता भी लंबे समय से नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी। ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ-साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी है। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिक्स हो जाता है।
- इन क्षेत्रों में लाइन डैमेज
शहर में डैमेज हो चुकी सीवर लाइनों को बदलने का काम शुरू हो गया है। अब पेयजल लाइनों को भी बदला जाना है। पेयजल लाइनें जगह जगह से कंडम हो चुकी हैं। मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए फव्वारा चौक, तिकोना पार्क लाइन, चंपापुरी से गांधीनगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर होगा काम
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीएम घोषणा के तहत प्रपोजल हेड ऑफिस स्वीकृति के लिए भेज रखा था जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके लिए 115 करोड़ का बजट मंजूर हो गया है। शहर के लिए अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल प्लान तैयार करने की जरूरत है। लोग आए दिन विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी सप्लाई का सीधे रूप में सेवन नहीं किया जा सकता। इसे आरओ मशीन से फिल्टर कर पीना पड़ता है।
इस प्रोजेक्ट के लिए बजट आ चुका है। टेंडर लगा दिए गए हैं। जल्द ही वर्क अलॉट हो जाएगा। इससे शहर में पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा। शहर में कुछ नए बूस्टिंग स्टेशन भी बनने हैं। नई पेयजल लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
-सोमबीर सांगवान, विधायक, दादरी हलका
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जनस्वास्थ्य विभाग के इस प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय से बजट मिलने का इंतजार था। लाइनें डैमेज होने की वजह से लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। पेयजल पाइप लाइनों की मियाद भी पूरी हो चुकी है। इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। करीब 15 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनों को बदलने की जरूरत है।
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सीसीआई परिसर से गुजर रही लाइन भी समय-समय पर टूट रही है जिससे कई कॉलोनियों में पेयजल संकट गहरा जाता है। चंपापुरी जलघर से रोहतक चौक तक मेन लाइन में करीब 200 अवैध कनेक्शन होने की वजह से यह लाइन अब जवाब दे गई है। इससे पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है। 70 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
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शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता भी लंबे समय से नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी। ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ-साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी है। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिक्स हो जाता है।
- इन क्षेत्रों में लाइन डैमेज
शहर में डैमेज हो चुकी सीवर लाइनों को बदलने का काम शुरू हो गया है। अब पेयजल लाइनों को भी बदला जाना है। पेयजल लाइनें जगह जगह से कंडम हो चुकी हैं। मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए फव्वारा चौक, तिकोना पार्क लाइन, चंपापुरी से गांधीनगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर होगा काम
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीएम घोषणा के तहत प्रपोजल हेड ऑफिस स्वीकृति के लिए भेज रखा था जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके लिए 115 करोड़ का बजट मंजूर हो गया है। शहर के लिए अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल प्लान तैयार करने की जरूरत है। लोग आए दिन विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी सप्लाई का सीधे रूप में सेवन नहीं किया जा सकता। इसे आरओ मशीन से फिल्टर कर पीना पड़ता है।
इस प्रोजेक्ट के लिए बजट आ चुका है। टेंडर लगा दिए गए हैं। जल्द ही वर्क अलॉट हो जाएगा। इससे शहर में पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा। शहर में कुछ नए बूस्टिंग स्टेशन भी बनने हैं। नई पेयजल लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
-सोमबीर सांगवान, विधायक, दादरी हलका