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भाई देख कै चाल, सड़कें सै बदहाल...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:24 AM IST
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Brother, how are you moving, the roads are bad...
चरखी दादरी। जून माह में प्री-मानसून की करीब 70 एमएम बारिश हुई है और जिले की कई सड़कें इसके बाद छलनी हो गई हैं। सड़कों पर रोड़ियां उखड़ने से एक से डेढ़ फुट तक गहरे गड्ढे बने हैं, जिनमें बारिश का पानी अब तक भरा हुआ है। इन जर्जर सड़कों से गुजरना वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नहीं है। शहर की कई अंदरूनी और बाहरी सड़कों का भी ये ही हाल है। वहीं, पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद अधिकारी इन सड़कों का पुनर्निर्माण मानसून की मानसून सीजन के बाद ही करवाएंगे और तब तक वाहन चालकों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ेगा।
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शहर की 10 अंदरूनी और पांच बाहरी सड़कें पिछले लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। प्री-मानसून की बारिश में ही न सड़कों की दशा और खराब हो गई है। समय रहते पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद ने इन सड़कों को बनाने की जहमत नहीं उठाई। इस बार मानसून में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है और ऐसे में अभी इन सड़कों की हालत और खराब होगी।
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जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों पर बने गड्ढे और गहरे हो गए हैं, जबकि कुछ गड्ढों का पानी अभी नहीं सूखा है। शहर की अंदरूनी और बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 50 से 60 हजार वाहन चालकों का आवागमन होता है। साथ ही बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 15 से 20 हजार भारी वाहन गुजरते हैं। इन सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी की है।
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इन चार सड़कों की हालत सबसे अधिक खराब, वाहन चालक परेशान -
1 - समसपुर टी-प्वाइंट पर सड़क खस्ता
दिल्ली-महेंद्रगढ़ रोड पर पिछले करीब डेढ़ साल से सड़क जर्जर है। प्री-मानसून की बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढे और गहरे हो गए हैं। इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। यहां 50 मीटर की दूरी में 100 से अधिक गड्ढे हैं, जिसके चलते दस हजार से अधिक वाहन चालक परेशान हैं।
2 - चरखी दरवाजा का लोहारू रोड से जुड़ाव करने वाली सड़क बनी तालाब
चरखी दरवाजा क्षेत्र समेत पुराने शहर का लोहारू व महेंद्रगढ़ रोड से जुड़ाव करने वाली सड़क जर्जर है। यहां दो फुट तक गहरे गड्ढे बने हैं और इनमें पानी भरा हुआ है। स्थानीय निवासी महेंद्र, मोहित, बजरंग, सुनील और रविंद्र ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से वो सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
3 - काठमंडी का सीसी रोड और कोर्ट रोड हो चुका कंडम -
शहर की अंदरूनी सड़कों की अगर बात करें तो काठमंडी में काफी समय पहले बनाई गई सीसी सड़क जर्जर हो चुकी है। इस सड़क का नए सिरे से निर्माण करवाने की दरकार है। यहां से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं। इसके अलावा किला रोड भी जर्जर हो चुका है।
4 - रोहतक रोड कई जगहों पर हुआ कंडम -
दादरी-रोहतक रोड का भी नए सिरे से निर्माण करवाने की दरकार है। यह सड़क कई जगहों पर कंडम हो चुकी है। इस मार्ग के जरिये नारनौल और पिलानी का चंडीगढ़ से जुड़ाव होता है और प्रतिदिन करीब पंद्रह हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं। इस सड़क के पुनर्निर्माण के साथ चौड़ाई बढ़ाने की भी जरूरत है।
वाहन चालक बोले : मजबूरी में गुजर रहे खस्ताहाल सड़कों से -
- शहर के अलावा की कई सड़क जर्जर हैं और कुछ से तो तारकोल की परत ही गायब है। पिछले दो साल से सड़कों के निर्माण की दरकार है। मजबूरी वश जर्जर सड़कों से गुजरना पड़ता है।

- दीपक, वाहन चालक।
- प्री-मानसून की बारिश के बाद सड़कें की दशा काफी खराब हो गई है और अभी मानसून की बारिश बाकी है। संबंधित विभाग को समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए।
- बिल्लू, वाहन चालक।
हमारे अधिकार क्षेत्र में आने वाली शहर की जो भी सड़कें जर्जर हैं, उनका जल्द से जल्द निर्माण करवाने का हमारा प्रयास रहेगा। अधिकारियों से भी इस संबंध में जल्द ही विचार-विमर्श करूंगा।
- बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद।
सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना हमने तैयार कर रखी है। मानसून सीजन के तुरंत बाद सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- कृष्ण कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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