{"_id":"66c62e3ba48a2ba38607b269","slug":"bharat-band-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1003-122226-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: प्रदर्शन के बाद नगराधीश को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: प्रदर्शन के बाद नगराधीश को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
Wed, 21 Aug 2024 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:43 PM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय में नगराधीश आशीश सांगवान को ज्ञापन सौंपते हुए रविदास समाज के लोग। स्रोत : संगठन
भारत बंद के आह्वान और आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के विरोध में बुधवार को किया गया शहर में प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। भारत बंद के आह्वान और आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के विरोध में बुधवार को रविदास समाज के लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर नगराधीश आशीष सांगवान को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे रामनारायण चरखी व कैप्टन जयपाल सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के संबंध में एक अगस्त को लिया गया निर्णय भारतीय संविधान में आरक्षण की मूल भावना के विपरीत है। संविधान में एससी, एसटी में उपवर्गीकरण का कोई प्रावधान एवं अनुच्छेद नहीं है। न्यायालय ने अनुच्छेद 341 एवं 342 में फेरबदल करके संविधान में संशोधन किया है। यह उनकी शक्तियों में नहीं आता है।
ज्ञापन में बताया गया कि क्रीमी लेयर शब्द ओबीसी आरक्षण में आर्थिक आधार के संदर्भ में लाया गया है, लेकिन, एससी, एसटी का आरक्षण संविधान के अनुसार सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन एवं पूना पैक्ट के आधार पर दिया गया है। समाज के लोगों ने राष्ट्रीय न्यायिक आयोग बनाकर सर्वोच्च न्यायालय में एससी, एसटी, ओबीसी को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देने और कॉलेजियम सिस्टम को तुरंत प्रभाव से बंद करने, लोकसभा में लंबित एससी-एसटी आरक्षण अधिनियम शीघ्र पास करवाने, जाति आधारित जनगणना करवाने, केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों, निगमों में रिक्त लाखों पदों को विशेष ड्राइव चलाकर भर्ती करने की मांग की है। एससी, एसटी, ओबीसी आयोग के सदस्यों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका देने की मांग की।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सरपंच जोगेंद्र, राजेंद्र घिकाड़ा, सतीश सांजरवास, रामफल रंगा, कृष्ण तोगड़िया, आजाद, ताराचंद, हवासिंह, चंद्रपाल खेड़ी, धर्मवीर चरखी, बालकिशन, रामभगत लांबा, सुरेश, राहुल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
फोटो - 10
लघु सचिवालय में नगराधीश आशीश सांगवान को ज्ञापन सौंपते रविदास समाज के लोग। स्रोत : संगठन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। भारत बंद के आह्वान और आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के विरोध में बुधवार को रविदास समाज के लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर नगराधीश आशीष सांगवान को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे रामनारायण चरखी व कैप्टन जयपाल सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के संबंध में एक अगस्त को लिया गया निर्णय भारतीय संविधान में आरक्षण की मूल भावना के विपरीत है। संविधान में एससी, एसटी में उपवर्गीकरण का कोई प्रावधान एवं अनुच्छेद नहीं है। न्यायालय ने अनुच्छेद 341 एवं 342 में फेरबदल करके संविधान में संशोधन किया है। यह उनकी शक्तियों में नहीं आता है।
विज्ञापन
ज्ञापन में बताया गया कि क्रीमी लेयर शब्द ओबीसी आरक्षण में आर्थिक आधार के संदर्भ में लाया गया है, लेकिन, एससी, एसटी का आरक्षण संविधान के अनुसार सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन एवं पूना पैक्ट के आधार पर दिया गया है। समाज के लोगों ने राष्ट्रीय न्यायिक आयोग बनाकर सर्वोच्च न्यायालय में एससी, एसटी, ओबीसी को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देने और कॉलेजियम सिस्टम को तुरंत प्रभाव से बंद करने, लोकसभा में लंबित एससी-एसटी आरक्षण अधिनियम शीघ्र पास करवाने, जाति आधारित जनगणना करवाने, केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों, निगमों में रिक्त लाखों पदों को विशेष ड्राइव चलाकर भर्ती करने की मांग की है। एससी, एसटी, ओबीसी आयोग के सदस्यों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका देने की मांग की।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सरपंच जोगेंद्र, राजेंद्र घिकाड़ा, सतीश सांजरवास, रामफल रंगा, कृष्ण तोगड़िया, आजाद, ताराचंद, हवासिंह, चंद्रपाल खेड़ी, धर्मवीर चरखी, बालकिशन, रामभगत लांबा, सुरेश, राहुल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
फोटो - 10
लघु सचिवालय में नगराधीश आशीश सांगवान को ज्ञापन सौंपते रविदास समाज के लोग। स्रोत : संगठन