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बीईओ के पहुंचने से पहले ही निजी स्कूलों ने कक्षा छठीं से नौंवी तक की कर दी छुट्टी
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स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे बीईओ सुंदर सिंह।
- फोटो : CharkhiDadri
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सरकार और शिक्षा विभाग के आदेशों को दरकिनार कर छठी से आठवीं तक के बच्चों को स्कूल बुलाने के मामले में वीरवार को शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया। बौंदकलां बीईओ ने तीन निजी स्कूलों का निरीक्षण किया लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही स्कूलों ने छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी कर दी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को 19 नवंबर के संस्करण में प्रकाशित किया था।
प्रदेश में हर रोज दो हजार से ज्यादा केस कोरोना के आ रहे है जबकि रोजाना दो दर्जन से अधिक मौतें भी हो रही हैं। लेकिन कस्बे के निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी स्कूलों का लगातार निरीक्षण नहीं कर रहे। कोविड 19 की एडवाइजरी के तहत प्रदेश सरकार ने केवल नौंवी से 12वीं तक के छात्रों को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बुलाकर कक्षाएं लगाने की अनुमति दी थी लेकिन कस्बे के कई स्कूलों द्वारा छठी, 7वीं और 8वीं के छात्रों को भी स्कूलों में बुलाया जा रहा है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को वीरवार के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
संशय दूर करने के दौरान भी लगाई कक्षाएं
कस्बे के निजी स्कूलों द्वारा सरकार के आदेशों के उल्लंघन करने की नई बात नहीं है। इससे पहले भी 21 सितंबर से 31 अक्तूबर तक केवल छात्रा को परामर्श के लिए बुलाने की अनुमति के दौरान भी स्कूल बसों को चलाकर गैर कानूनी तरीके से कक्षाएं लगाई गई थी। लेकिन शिक्षा विभाग और प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया था।
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निरीक्षण में एसओपी का पालन हो रहा था : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी सुंदर सिंह कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं था। बीईओ ने कहा कि आज उन्होंने बौंदकलां के मुख्य तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान छात्रों और अध्यापकों ने मास्क लगा रखा था। सामाजिक दूरी की भी पालना हो रही थी। निरीक्षण में नौंवी से नीचे की कक्षाएं लगाई हुई नहीं मिलीं। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों को नौंवी से 12वीं कक्षा तक ही कक्षाएं गाइडलाइंस के तहत लगाने को कहा गया है। आगे भी निरीक्षण किया जाएगा।
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प्रदेश में हर रोज दो हजार से ज्यादा केस कोरोना के आ रहे है जबकि रोजाना दो दर्जन से अधिक मौतें भी हो रही हैं। लेकिन कस्बे के निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी स्कूलों का लगातार निरीक्षण नहीं कर रहे। कोविड 19 की एडवाइजरी के तहत प्रदेश सरकार ने केवल नौंवी से 12वीं तक के छात्रों को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बुलाकर कक्षाएं लगाने की अनुमति दी थी लेकिन कस्बे के कई स्कूलों द्वारा छठी, 7वीं और 8वीं के छात्रों को भी स्कूलों में बुलाया जा रहा है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को वीरवार के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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संशय दूर करने के दौरान भी लगाई कक्षाएं
कस्बे के निजी स्कूलों द्वारा सरकार के आदेशों के उल्लंघन करने की नई बात नहीं है। इससे पहले भी 21 सितंबर से 31 अक्तूबर तक केवल छात्रा को परामर्श के लिए बुलाने की अनुमति के दौरान भी स्कूल बसों को चलाकर गैर कानूनी तरीके से कक्षाएं लगाई गई थी। लेकिन शिक्षा विभाग और प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया था।
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निरीक्षण में एसओपी का पालन हो रहा था : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी सुंदर सिंह कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं था। बीईओ ने कहा कि आज उन्होंने बौंदकलां के मुख्य तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान छात्रों और अध्यापकों ने मास्क लगा रखा था। सामाजिक दूरी की भी पालना हो रही थी। निरीक्षण में नौंवी से नीचे की कक्षाएं लगाई हुई नहीं मिलीं। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों को नौंवी से 12वीं कक्षा तक ही कक्षाएं गाइडलाइंस के तहत लगाने को कहा गया है। आगे भी निरीक्षण किया जाएगा।