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Charkhi Dadri News: फेरों से पहले 11 बेटियों का जीवन शिक्षा से रोशन करने संकल्प
Mon, 23 Feb 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:46 AM IST
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पीयूष व चेतना अपने परिजनों के साथ संकल्प लेते हुए।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शादी जैसे पावन अवसर को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए शहर में एक नवदंपती ने अनोखी मिसाल पेश की है। फेरों के लिए मंडप में प्रवेश करने से पहले दूल्हे-दुल्हन ने 11 जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया।
नवदंपती ने कहा कि वे जरूरतमंद बेटियों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी पढ़ाई में निरंतर सहायता करेंगे, ताकि कोई भी बेटी संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। वार्ड-18 निवासी मनोनीत पार्षद अश्वनी कुमार के बेटे पीयूष का विवाह गांव मांढ़ी पिरानू निवासी चेतना के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुक्रवार को संपन्न हुआ।
गरीब बेटियों की मदद करने में खुशी
चरखीदादरी में ही एमसीएच यूनिट में फार्मासिस्ट के तौर पर पीयूष ने कहा कि विवाह जीवन की नई शुरुआत है और वे चाहते हैं कि यह शुरुआत समाज के लिए भी शुभ हो। हमारी छोटी सी पहल से 11 बेटियों का भविष्य उज्ज्वल बनता है तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती। चेतना ने कहा कि बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
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पिता बोले- बेटे-बहू पर गर्व
दूल्हे के पिता अश्वनी कुमार ने कहा कि उन्हें बेटे-बहू पर गर्व है। बेटियों की शिक्षा से ही समाज सशक्त और जागरूक बनता है। मां लक्ष्मी देवी ने कहा कि शुभ अवसर पर लिया गया यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। दुल्हन की मां सावित्री देवी व पिता रोशनलाल ने कहा कि उनकी बेटी का यह निर्णय हर परिवार के लिए अनुकरणीय है। हर परिवार ऐसे अवसरों पर एक सामाजिक जिम्मेदारी उठाए, तो समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल, शशि शर्मा, संजय वशिष्ठ, सुधीर स्वामी, रुपांश शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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नवदंपती ने कहा कि वे जरूरतमंद बेटियों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी पढ़ाई में निरंतर सहायता करेंगे, ताकि कोई भी बेटी संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। वार्ड-18 निवासी मनोनीत पार्षद अश्वनी कुमार के बेटे पीयूष का विवाह गांव मांढ़ी पिरानू निवासी चेतना के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुक्रवार को संपन्न हुआ।
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गरीब बेटियों की मदद करने में खुशी
चरखीदादरी में ही एमसीएच यूनिट में फार्मासिस्ट के तौर पर पीयूष ने कहा कि विवाह जीवन की नई शुरुआत है और वे चाहते हैं कि यह शुरुआत समाज के लिए भी शुभ हो। हमारी छोटी सी पहल से 11 बेटियों का भविष्य उज्ज्वल बनता है तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती। चेतना ने कहा कि बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
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पिता बोले- बेटे-बहू पर गर्व
दूल्हे के पिता अश्वनी कुमार ने कहा कि उन्हें बेटे-बहू पर गर्व है। बेटियों की शिक्षा से ही समाज सशक्त और जागरूक बनता है। मां लक्ष्मी देवी ने कहा कि शुभ अवसर पर लिया गया यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। दुल्हन की मां सावित्री देवी व पिता रोशनलाल ने कहा कि उनकी बेटी का यह निर्णय हर परिवार के लिए अनुकरणीय है। हर परिवार ऐसे अवसरों पर एक सामाजिक जिम्मेदारी उठाए, तो समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल, शशि शर्मा, संजय वशिष्ठ, सुधीर स्वामी, रुपांश शर्मा आदि भी मौजूद रहे।