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जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का एकमात्र जरिया
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चरखी दादरी। जिला पुलिस ने बुधवार को जनता कॉलेज में साइबर अपराध को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। साइबर सेल एक्सपर्ट ने उन्हें एडवाइजरी जारी की और मोबाइल पर आए अंजान लिंक पर क्लिक न करने और बैंक खाता संबंधी जानकारी किसी से साझा न करने के निर्देश दिए। आयोजन में डीएसपी हेड क्वार्टर जोगेंद्र सिंह और प्राचार्य यशवीर सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संजीत कुमार बुधवार सुबह जनता कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज के समय साइबर अपराध चरम पर है और आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। इन्हें रोकने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। सभी को समझना होगा कि साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े ही चालाक किस्म के हैं, जिनसे सभी को बचना होगा।
उन्होंने बताया कि चरखी दादरी में साइबर सेल और साइबर हेल्प डेस्क गठित है, जो काम रही है। फिर भी साइबर अपराध से बचने के लिए सोशल प्लेटफॉर्म को सावधानी और सतर्कता के साथ प्रयोग करना जरूरी है। आज जिस तरह से अपराधियों द्वारा साइबर अपराध को अपराध का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है, उससे बचने के लिए छात्रों को स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा।
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क्यूआर कोड भेज बैंक खाते करते हैं हैक
सहायक उप निरीक्षक संजीत कुमार ने बताया कि जालसाज अब क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) लिंक के जरिये बैंक खाते हैक करने लगे है। जालसाज प्रसिद्ध वेबसाइट पर खरीदारी करने वालों को झांसे में ले रहे हैं। इस दौरान वह क्रय-विक्रय की बात फाइनल कर ऑनलाइन पेमेंट की बात कहते हैं। इसके बाद लोगों के व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेज उस पर क्लिक करने को कहते हैं और क्यूआर कोड स्कैन कर खाते में रकम निकाल लेते हैं।
- पेटीएम और केसीसी कार्ड बंद करने की बात कहकर करते हैं ठगी
एएसआई संजीत कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को मैसेज भेज पे-टीएम खाता के केवाईसी को निलंबित करने के मैसेज भेजते हैं। मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क करते ही वो अपने झांसे में ले लेते हैं और तुरंत ठगी को अंजाम देते हैं।
- इन बातों का ख्याल रख बच सकते हैं ठगी से
- जब भी एटीएम पिन दर्ज करें तो उसे ढक लें। एटीएम मशीन का प्रयोग करते समय ध्यान रखे कि एटीएम मशीन बूथ के अंदर कोई अंजान व्यक्ति न हो।
- बैंक ट्रांजेक्शन की तुरंत जानकारी के लिए एसएमएस अपडेट की सुविधा का इस्तेमाल करें। अगर आपके कार्ड से कोई संदेहास्पद लेनदेन होता है तो आपको तुरंत सूचना मिलेगी।
- मोबाइल या कंप्यूटर पर आए अंजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित जानकारी साझा ने करें।
- संदेहास्पद यूआरएल लिंक्स पर रिप्लाई अथवा क्लिक न करें।
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पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संजीत कुमार बुधवार सुबह जनता कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज के समय साइबर अपराध चरम पर है और आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। इन्हें रोकने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। सभी को समझना होगा कि साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े ही चालाक किस्म के हैं, जिनसे सभी को बचना होगा।
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उन्होंने बताया कि चरखी दादरी में साइबर सेल और साइबर हेल्प डेस्क गठित है, जो काम रही है। फिर भी साइबर अपराध से बचने के लिए सोशल प्लेटफॉर्म को सावधानी और सतर्कता के साथ प्रयोग करना जरूरी है। आज जिस तरह से अपराधियों द्वारा साइबर अपराध को अपराध का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है, उससे बचने के लिए छात्रों को स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा।
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क्यूआर कोड भेज बैंक खाते करते हैं हैक
सहायक उप निरीक्षक संजीत कुमार ने बताया कि जालसाज अब क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) लिंक के जरिये बैंक खाते हैक करने लगे है। जालसाज प्रसिद्ध वेबसाइट पर खरीदारी करने वालों को झांसे में ले रहे हैं। इस दौरान वह क्रय-विक्रय की बात फाइनल कर ऑनलाइन पेमेंट की बात कहते हैं। इसके बाद लोगों के व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेज उस पर क्लिक करने को कहते हैं और क्यूआर कोड स्कैन कर खाते में रकम निकाल लेते हैं।
- पेटीएम और केसीसी कार्ड बंद करने की बात कहकर करते हैं ठगी
एएसआई संजीत कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को मैसेज भेज पे-टीएम खाता के केवाईसी को निलंबित करने के मैसेज भेजते हैं। मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क करते ही वो अपने झांसे में ले लेते हैं और तुरंत ठगी को अंजाम देते हैं।
- इन बातों का ख्याल रख बच सकते हैं ठगी से
- जब भी एटीएम पिन दर्ज करें तो उसे ढक लें। एटीएम मशीन का प्रयोग करते समय ध्यान रखे कि एटीएम मशीन बूथ के अंदर कोई अंजान व्यक्ति न हो।
- बैंक ट्रांजेक्शन की तुरंत जानकारी के लिए एसएमएस अपडेट की सुविधा का इस्तेमाल करें। अगर आपके कार्ड से कोई संदेहास्पद लेनदेन होता है तो आपको तुरंत सूचना मिलेगी।
- मोबाइल या कंप्यूटर पर आए अंजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित जानकारी साझा ने करें।
- संदेहास्पद यूआरएल लिंक्स पर रिप्लाई अथवा क्लिक न करें।