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Charkhi Dadri News: सुनवाई न होने पर भड़कीं आशा वर्कर्स
Tue, 07 Jul 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:30 AM IST
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अस्पताल में रोष प्रक्रट करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन के सदस्य।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। लंबित मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में सोमवार को आशा वर्कर्स ने सिविल अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के माध्यम से सरकार को भेजा गया।
आशा वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 जुलाई को पंचकूला स्थित एनएचएम निदेशक कार्यालय पर प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 10 अगस्त से जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष चंद्रमुखी ने की जबकि मंच संचालन जिला उपप्रधान बबीता मोड़ी ने किया। राज्य उपप्रधान कमलेश भैरवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार लगातार आशा वर्कर्स की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं लेकिन उनके मानदेय और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है।
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यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को किसान सभा के जिला प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़ ने भी समर्थन दिया। उन्होंने आशा वर्कर्स की मांगों को उचित बताते हुए सरकार से उनका तत्काल समाधान करने की मांग की। इसके अलावा कविता रामनगर, प्रमिला गुडाना, ममता, कमला और अनीता सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
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आशा वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 जुलाई को पंचकूला स्थित एनएचएम निदेशक कार्यालय पर प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 10 अगस्त से जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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धरने की अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष चंद्रमुखी ने की जबकि मंच संचालन जिला उपप्रधान बबीता मोड़ी ने किया। राज्य उपप्रधान कमलेश भैरवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार लगातार आशा वर्कर्स की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं लेकिन उनके मानदेय और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है।
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यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को किसान सभा के जिला प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़ ने भी समर्थन दिया। उन्होंने आशा वर्कर्स की मांगों को उचित बताते हुए सरकार से उनका तत्काल समाधान करने की मांग की। इसके अलावा कविता रामनगर, प्रमिला गुडाना, ममता, कमला और अनीता सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।