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सरकारी शुल्क से दोगुने रुपये लेकर डीएल-आरसी बनवाने वाला गिरफ्तार
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Arrested for making DL-RC with double the government fees
- फोटो : CharkhiDadri
सरकारी फीस से दोगुने रुपये लेकर आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनवाने के आरोपी दलाल को मंगलवार सुबह सीएम फ्लाइंग ने काबू किया है। आरोपी की गिरफ्तारी कोर्ट परिसर से हुई है और वह पेशे से टाइपिस्ट है। आरोपी से करीब पांच घंटे तक सीएम फ्लाइंग ने पूछताछ की। इसके बाद बरामद किए सामान समेत आरोपी को सिटी थाना पुलिस के हवाले कर केस दर्ज करवाया गया है।
सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि दादरी एसडीएम कार्यालय के बाहर टाइपिस्ट का काम करने वाला प्रदीप दलाली भी करता है। वह सरकारी फीस से अधिक रुपये लेकर लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनवाता है। सूचना देने वाले ने बताया कि आरोपी की एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के साथ साठगांठ भी है। इस आधार पर सुबह करीब दस बजे आठ सदस्यीय सीएम फ्लाइंग टीम दादरी कोर्ट परिसर पहुंची।
सीएम फ्लाइंग ने टाइपिस्ट प्रदीप के अलावा स्टांप बेचने वाले रणसिंह श्योराण से भी पूछताछ की। रणसिंह के पास से कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुए। इसके चलते उसे क्लीन चिट दे दी। वहीं, सीएम फ्लाइंग ने प्रदीप की टेबल से ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट समेत आरसी और डीएल जमा करवाने के बाद आवेदक को दी जाने वाली रसीदें भी मिली हैं। सीएम फ्लाइंग ने आरोपी प्रदीप से इसके बारे में भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार उसने कुछ कर्मचारियों के नाम भी उजागर किए हैं। सीएम फ्लाइंग में एसआई कर्मबीर सिंह, एसआई अनूप सिंह, एसआई रामनिवास, एसआई देवेंद्र, एएसआई सुमित, एएसआई नरेंद्र, एएसआई सहदेव व हेड कांस्टेबल प्रदीप शामिल रहे।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई आरोपी से पूछताछ
सीएम फ्लाइंग ने दलाली का काम करने वाले टाइपिस्ट से ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार अजय सैनी की मौजूदगी में पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि उसकी रजिस्ट्रेशन क्लर्क और डीएल क्लर्क के साथ साठगांठ थी। आरोपी के खुलासे के बाद भ्रष्टाचार को लेकर एसडीएम कार्यालय एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। सीएम फ्लाइंग ने बताया कि आरोपी प्रदीप ने पूछताछ में बताया है कि रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता के अलावा लाइसेंस क्लर्क मोहित से उसकी साठगांठ थी। आरोपी आवेदक से सरकारी फीस से डेढ़ से दोगुना रुपये लेता था। सरकारी फीस भरने के बाद जो पैसे बचते थे, उन्हें कर्मचारियों के साथ बांट लेता था। सीएम फ्लाइंग ने बताया कि डीएल क्लर्क सोमवार को ही दादरी से रिलीव होकर बाढड़ा गया है।
ये सामान हुआ बरामद
एसआई कर्मबीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रदीप से 20 आरसी, चार ड्राइविंग लाइसेंस, 33 आधार कार्ड, सात हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, 19 एनओसी रसीद और 216 डीएल व आरसी संबंधी रसीदें बरामद हुईं हैं। बरामद सामान सीएम फ्लाइंग ने सिटी थाना पुलिस को सौंप दिया है।
कई अन्य कर्मचारियों के भी इस खेल में शामिल होने की आशंका
प्रदीप के पास से जो रसीदें बरामद हुई हैं, वो केवल आवेदक के पास ही होनी चाहिए। इसके अलावा सात हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मिलने से भी कई तरह के सवालिया निशान उठ रहे हैं। सीएम फ्लाइंग के अनुसार मामले की जांच अब सिटी थाना पुलिस करेगी और इस खेल में कौन-कौन शामिल है, यह जांच पूरी होने के बाद पता चल सकेगा।
कई सालों से कोर्ट में बैठता है आरोपी
सूत्रों के अनुसार आरोपी प्रदीप पिछले कई सालों से कोर्ट परिसर में टाइपिस्ट का काम करता है। ऐसे में उसकी कर्मचारियों के साथ भी अच्छी जान-पहचान है। उसके पास से डीएल के अलावा आरसी और अन्य रसीदें मिली हैं, जिससे स्पष्ट है कि वह पिछले लंबे समय से कर्मचारियों से साठगांठ कर ये काम करवा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर हमने दबिश दी थी। दलाल होने के शक में हमने दो लोगों से पूछताछ की थी। एक को क्लीन चिट दी गई, जबकि दूसरे के पास से डीएल, आरसी, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, आधार कार्ड और रसीदें बरामद हुई हैं। आरोपी ने एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के साथ साठगांठ होने की बात कुबूली है। अब आगे की जांच सिटी थाना पुलिस करेगी।
- अनूप सिंह, एसआई, सीएम फ्लाइंग
मेरे संज्ञान में भी यह मामला आया है। अगर किसी कर्मचारी ने गलत किया है, तो उसे सजा जरूर मिलेगी। इस मामले की जांच में हम पूरा सहयोग करेंगे। जो भी इसमें संलिप्त होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी
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सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि दादरी एसडीएम कार्यालय के बाहर टाइपिस्ट का काम करने वाला प्रदीप दलाली भी करता है। वह सरकारी फीस से अधिक रुपये लेकर लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनवाता है। सूचना देने वाले ने बताया कि आरोपी की एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के साथ साठगांठ भी है। इस आधार पर सुबह करीब दस बजे आठ सदस्यीय सीएम फ्लाइंग टीम दादरी कोर्ट परिसर पहुंची।
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सीएम फ्लाइंग ने टाइपिस्ट प्रदीप के अलावा स्टांप बेचने वाले रणसिंह श्योराण से भी पूछताछ की। रणसिंह के पास से कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुए। इसके चलते उसे क्लीन चिट दे दी। वहीं, सीएम फ्लाइंग ने प्रदीप की टेबल से ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट समेत आरसी और डीएल जमा करवाने के बाद आवेदक को दी जाने वाली रसीदें भी मिली हैं। सीएम फ्लाइंग ने आरोपी प्रदीप से इसके बारे में भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार उसने कुछ कर्मचारियों के नाम भी उजागर किए हैं। सीएम फ्लाइंग में एसआई कर्मबीर सिंह, एसआई अनूप सिंह, एसआई रामनिवास, एसआई देवेंद्र, एएसआई सुमित, एएसआई नरेंद्र, एएसआई सहदेव व हेड कांस्टेबल प्रदीप शामिल रहे।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई आरोपी से पूछताछ
सीएम फ्लाइंग ने दलाली का काम करने वाले टाइपिस्ट से ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार अजय सैनी की मौजूदगी में पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि उसकी रजिस्ट्रेशन क्लर्क और डीएल क्लर्क के साथ साठगांठ थी। आरोपी के खुलासे के बाद भ्रष्टाचार को लेकर एसडीएम कार्यालय एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। सीएम फ्लाइंग ने बताया कि आरोपी प्रदीप ने पूछताछ में बताया है कि रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता के अलावा लाइसेंस क्लर्क मोहित से उसकी साठगांठ थी। आरोपी आवेदक से सरकारी फीस से डेढ़ से दोगुना रुपये लेता था। सरकारी फीस भरने के बाद जो पैसे बचते थे, उन्हें कर्मचारियों के साथ बांट लेता था। सीएम फ्लाइंग ने बताया कि डीएल क्लर्क सोमवार को ही दादरी से रिलीव होकर बाढड़ा गया है।
ये सामान हुआ बरामद
एसआई कर्मबीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रदीप से 20 आरसी, चार ड्राइविंग लाइसेंस, 33 आधार कार्ड, सात हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, 19 एनओसी रसीद और 216 डीएल व आरसी संबंधी रसीदें बरामद हुईं हैं। बरामद सामान सीएम फ्लाइंग ने सिटी थाना पुलिस को सौंप दिया है।
कई अन्य कर्मचारियों के भी इस खेल में शामिल होने की आशंका
प्रदीप के पास से जो रसीदें बरामद हुई हैं, वो केवल आवेदक के पास ही होनी चाहिए। इसके अलावा सात हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मिलने से भी कई तरह के सवालिया निशान उठ रहे हैं। सीएम फ्लाइंग के अनुसार मामले की जांच अब सिटी थाना पुलिस करेगी और इस खेल में कौन-कौन शामिल है, यह जांच पूरी होने के बाद पता चल सकेगा।
कई सालों से कोर्ट में बैठता है आरोपी
सूत्रों के अनुसार आरोपी प्रदीप पिछले कई सालों से कोर्ट परिसर में टाइपिस्ट का काम करता है। ऐसे में उसकी कर्मचारियों के साथ भी अच्छी जान-पहचान है। उसके पास से डीएल के अलावा आरसी और अन्य रसीदें मिली हैं, जिससे स्पष्ट है कि वह पिछले लंबे समय से कर्मचारियों से साठगांठ कर ये काम करवा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर हमने दबिश दी थी। दलाल होने के शक में हमने दो लोगों से पूछताछ की थी। एक को क्लीन चिट दी गई, जबकि दूसरे के पास से डीएल, आरसी, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, आधार कार्ड और रसीदें बरामद हुई हैं। आरोपी ने एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के साथ साठगांठ होने की बात कुबूली है। अब आगे की जांच सिटी थाना पुलिस करेगी।
- अनूप सिंह, एसआई, सीएम फ्लाइंग
मेरे संज्ञान में भी यह मामला आया है। अगर किसी कर्मचारी ने गलत किया है, तो उसे सजा जरूर मिलेगी। इस मामले की जांच में हम पूरा सहयोग करेंगे। जो भी इसमें संलिप्त होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी

Arrested for making DL-RC with double the government fees- फोटो : CharkhiDadri