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Charkhi Dadri News: भीषण गर्मी में तनाव महसूस कर रहे पशु, हरा चारा और खनिज मिश्रण खिलाएं

Thu, 30 May 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 30 May 2024 04:49 AM IST
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Animals feeling stressed in the heat
चरखी दादरी। भीषण गर्मी में आम लोगों समेत दुधारू पशुओं की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। पशुपालकों को पशुओं की विशेष देखरेख करनी पड़ रही है। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे पशुओं को खनिज मिश्रण पर्याप्त मात्रा में खिलाएं ताकि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम न हो। संभव हो सके तो हरे चारे की व्यवस्था करें। दिन में तीन-चार बार पानी पिलाएं। सुबह-शाम पशु के शरीर पर पानी डालें ताकि वह सहज महसूस करे।
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जिलेभर में 1,98,000 पालतू पशु पंजीकृत हैं। जिले में करीब 40,000 दुधारू पशु हैं। पशु रोग विशेषज्ञों का मानना है कि दुधारू पशु के लिए अनुकूल वातावरण जरूरी है। इसलिए धूप में पशुओं को बाहर न निकालें। भीषण गर्मी में दुधारू पशुओं में अधिक तापमान को शरीर के प्रतिरोधक क्षमता के अनुरूप बदलने के लिए सामान्य से अधिक ऊर्जा की खपत होती है। इस कारण पशु के शरीर में दूध कम बनता है। गर्मी में पशु तनाव भी ज्यादा महसूस करता है। गर्मी एवं लू के प्रकोप से बचाव के लिए पशुओं को रोजाना संतुलित मात्रा में डाइट दी जाए।
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पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाए जाते हैं। इस दौरा विभागीय पशुचिकित्सक पशुपालकों को विविध नई जानकारी भी देते हैं। दुग्ध प्रतियोगिताएं भी ऑनलाइन करवाई जाती हैं लेकिन पिछले दिनों से भीषण गर्मी के कारण पशुओं में दुग्ध उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। गर्मी की वजह से पशुओं में तनाव भी बढ़ने लगा है। पशु रोग विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य से ज्यादा तापमान होने पर पशु तनाव महसूस करता है। ऐसे में पशुओं की देखरेख पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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दूध उत्पादन पर पड़ता है प्रतिकूल असर
भीषण गर्मी में दुधारू पशुओं को अधिक तापमान को शरीर के प्रतिरोधक क्षमता के अनुरूप बदलने के लिए सामान्य से अधिक ऊर्जा की खपत होती है, ऐसे में गर्मी से बचाव में ही पशु की बहुत सारी ऊर्जा की खपत हो जाती है। इस वजह से पशु के शरीर में दूध का उत्पादन कम होने लगता है। इस कारण गर्मी में पशुओं के दूध में 20 प्रतिशत तक की कमी हो जाती है।
पशुपालक इन बातों पर दें ध्यान
पशु को गर्म पानी नहीं पिलाना चाहिए। उसे धूप से बचाएं। पशु को बांधने की जगह अनुकूल बनाए रखें। जो पशुपालक मैट का इस्तेमाल करते हैं वे पशु के इस मैट की सफाई रोजाना करें। दिन की तेज धूप में पशु को बाहर न निकालें। खासकर दुधारू पशु को रोजाना संतुलित मात्रा में चारा, पशु आहार आदि खिलाए। इससे पशु के शरीर का तापमान अनुकूल बना रहेगा और शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता भी संतुलित बनी रहेगी।

- हिंसक पशु को एकांत में रखें
पशुचिकित्सकों ने बताया कि पशु के हिंसक पशु को एकांत में छोड़ दें। उसका पीछ़ा कतई न करें। उसे मारना और चिढ़ाना गलत है। ऐसा करने से वह और हिंसक हो सकता है। लोगों को चाहिए कि संबंधित विभाग और एजेंसी को इसकी सूचना दें।


गर्मी में पशुओं को विटामिन सी युक्त डाइट दें। गर्मी से बचाव के लिए दिन में कई बार पानी पिलाएं। बांधने की जगह हवादार हो। पशु को नहलाना भी चाहिए। गर्मी में पशु की भूख भी कम हो जाती है। गर्मी में पशु ज्यादा मात्रा में तनाव महसूस करता है। पशुओं को कम से कम तीन बार पानी पिलाएं। हरा चारा और खनिज मिश्रण अवश्य खिलाएं। - डॉ. जसवंत जून, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, दादरी।
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