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कपास खरीद में 47 लाख की गड़बड़ी करने का आरोप
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Allegations of disturbing 47 lakhs in cotton purchase
- फोटो : CharkhiDadri
जिले में किसानों से कपास खरीदते समय अवैध कटौती करने का मामला सामने आया है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों के आरोप है कि प्रति क्विंटल दो किलोग्राम की अवैध कटौती की जा रही है और इसके लिए सीधे तौर पर खरीद एजेंसी सीसीआई (कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसा खरीद शुरू होने के बाद से ही किया जा रहा है और जिले में बुधवार तक 41 हजार क्विंटल कपास की खरीद हो चुकी है। ऐसे में 822 क्विंटल कपास की कटौती की गई है, जिसकी कीमत करीब 47 लाख रुपये के करीब है। कपास खरीद में हुई गड़बड़ी की शिकायत मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अगली कार्रवाई के लिए डीसी और एसडीएम समेत मुख्यालय भेज दी है। इसकी पुष्टि डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल ने की है।
बता दें कि दादरी जिले में एमएसपी पर कपास की खरीद काफी देरी से शुरू हुई। इससे पहले करीब एक हजार से अधिक किसानों ने एमएसपी से 800 से 1500 रुपये कम दाम पर कपास बेची थी। दादरी जिले में कपास खरीद 12 अक्तूबर से शुरू की गई थी। किसान शुरुआत से ही कपास खरीद में प्रति क्विंटल दो किलो की अवैध कटौती करने का आरोप लगा रहे हैं। इस संबंध में मार्केट कमेटी के अधिकारियों समेत अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी शिकायत दी जा चुकी है। किसानों की शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार न होने पर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अब सीसीआई अधिकारियों पर खरीद में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच के लिए डीसी राजेश जोगपाल, एसडीएम विरेंद्र सिंह को शिकायत दी है।
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मार्केट कमेटी अधिकारियों का आरोप है कि अब तक सीसीआई ने मार्केट कमेटी के धर्मकांटे का प्रयोग नहीं किया है। इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। डीएमईओ श्यामसुंदर ने बताया कि मंडी में कपास की खरीद करने के बाद मिलों में जाकर वजन करवाया जाता है। इस दौरान प्रति क्विंटल दो किलोग्राम की कटौती की जाती है, जो सही नहीं है। उन्होंने बताया कि मिल संचालकों के साथ खरीद एजेंसी के अधिकारी साठ-गांठ कर कटौती कर रहे हैं।
यूं है 47 लाख की गड़बड़ी का अंदेशा
डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल के अनुसार दादरी जिले में सीसीआई ने अब तक करीब 41 हजार क्विंटल कपास की खरीद की है। कपास का एमएसपी 5725 रुपये निर्धारित है। 41 हजार क्विंटल कपास खरीदने पर दो किलोग्राम प्रति क्विंटल के हिसाब से 822 क्विंटल की कटौती की गई है, जिसकी कीमत 47 लाख से अधिक बनती है।
मार्केट कमेटी डीएमईओ और सीसीआई परचेज मैनेजर आमने-सामने
गड़बड़ी की दे दी है शिकयत, सीआईए से जांच करवाने की मांग : डीएमईओ
डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल ने बताया कि सीसीआई ने अब तक मंडी का धर्मकांटा प्रयोग नहीं किया है। कपास खरीद में अगर कोई अवैध कटौती की जा रही है, तो इसके लिए सीसीआई जिम्मेदार है। हमने पहले भी इस संबंध में सीसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। अब हमने अगली कार्रवाई के लिए डीसी और एसडीएम समेत मुख्यालय शिकायत भेज दी है। मामले की जांच सीआईए से करवाने की हमारी मांग है।
बेबुनियाद हैं आरोप, एक भी किसान की नहीं की कटौती : सीसीआई
सीसीआई परचेज मैनेजर शिवानंद बाघेल ने कहा कि मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। हमने किसी किसान की कपास खरीद में कटौती नहीं की है। दादरी मार्केट कमेटी के अधिकारी कपास खरीद में हमारा सहयोग नहीं कर रहे हैं और अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। अगर हमारे खिलाफ शिकायत दी गई है तो हम जांच में सहयोग करेंगे और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
हमने एक सप्ताह पहले मिलों के धर्मकांटों की जांच करवाई थी, जिनकी रिपोर्ट आ चुकी है। सभी धर्मकांटे सही पाए गए हैं। मार्केट कमेटी अधिकारियों की शिकायत हमें मिल चुकी है और आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। जांच में अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विरेंद्र सिंह, एसडीएम, दादरी
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अधिकारियों का कहना है कि ऐसा खरीद शुरू होने के बाद से ही किया जा रहा है और जिले में बुधवार तक 41 हजार क्विंटल कपास की खरीद हो चुकी है। ऐसे में 822 क्विंटल कपास की कटौती की गई है, जिसकी कीमत करीब 47 लाख रुपये के करीब है। कपास खरीद में हुई गड़बड़ी की शिकायत मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अगली कार्रवाई के लिए डीसी और एसडीएम समेत मुख्यालय भेज दी है। इसकी पुष्टि डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल ने की है।
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बता दें कि दादरी जिले में एमएसपी पर कपास की खरीद काफी देरी से शुरू हुई। इससे पहले करीब एक हजार से अधिक किसानों ने एमएसपी से 800 से 1500 रुपये कम दाम पर कपास बेची थी। दादरी जिले में कपास खरीद 12 अक्तूबर से शुरू की गई थी। किसान शुरुआत से ही कपास खरीद में प्रति क्विंटल दो किलो की अवैध कटौती करने का आरोप लगा रहे हैं। इस संबंध में मार्केट कमेटी के अधिकारियों समेत अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी शिकायत दी जा चुकी है। किसानों की शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार न होने पर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अब सीसीआई अधिकारियों पर खरीद में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच के लिए डीसी राजेश जोगपाल, एसडीएम विरेंद्र सिंह को शिकायत दी है।
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मार्केट कमेटी अधिकारियों का आरोप है कि अब तक सीसीआई ने मार्केट कमेटी के धर्मकांटे का प्रयोग नहीं किया है। इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। डीएमईओ श्यामसुंदर ने बताया कि मंडी में कपास की खरीद करने के बाद मिलों में जाकर वजन करवाया जाता है। इस दौरान प्रति क्विंटल दो किलोग्राम की कटौती की जाती है, जो सही नहीं है। उन्होंने बताया कि मिल संचालकों के साथ खरीद एजेंसी के अधिकारी साठ-गांठ कर कटौती कर रहे हैं।
यूं है 47 लाख की गड़बड़ी का अंदेशा
डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल के अनुसार दादरी जिले में सीसीआई ने अब तक करीब 41 हजार क्विंटल कपास की खरीद की है। कपास का एमएसपी 5725 रुपये निर्धारित है। 41 हजार क्विंटल कपास खरीदने पर दो किलोग्राम प्रति क्विंटल के हिसाब से 822 क्विंटल की कटौती की गई है, जिसकी कीमत 47 लाख से अधिक बनती है।
मार्केट कमेटी डीएमईओ और सीसीआई परचेज मैनेजर आमने-सामने
गड़बड़ी की दे दी है शिकयत, सीआईए से जांच करवाने की मांग : डीएमईओ
डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल ने बताया कि सीसीआई ने अब तक मंडी का धर्मकांटा प्रयोग नहीं किया है। कपास खरीद में अगर कोई अवैध कटौती की जा रही है, तो इसके लिए सीसीआई जिम्मेदार है। हमने पहले भी इस संबंध में सीसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। अब हमने अगली कार्रवाई के लिए डीसी और एसडीएम समेत मुख्यालय शिकायत भेज दी है। मामले की जांच सीआईए से करवाने की हमारी मांग है।
बेबुनियाद हैं आरोप, एक भी किसान की नहीं की कटौती : सीसीआई
सीसीआई परचेज मैनेजर शिवानंद बाघेल ने कहा कि मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। हमने किसी किसान की कपास खरीद में कटौती नहीं की है। दादरी मार्केट कमेटी के अधिकारी कपास खरीद में हमारा सहयोग नहीं कर रहे हैं और अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। अगर हमारे खिलाफ शिकायत दी गई है तो हम जांच में सहयोग करेंगे और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
हमने एक सप्ताह पहले मिलों के धर्मकांटों की जांच करवाई थी, जिनकी रिपोर्ट आ चुकी है। सभी धर्मकांटे सही पाए गए हैं। मार्केट कमेटी अधिकारियों की शिकायत हमें मिल चुकी है और आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। जांच में अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विरेंद्र सिंह, एसडीएम, दादरी