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डी-वॉटरिंग के बाद श्यामसर तालाब की डी-शिल्टिंग का काम शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 11:36 PM IST
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After de-watering, the work of de-shilting of Shyamsar pond started
एजेंसी द्वारा श्यामसर तालाब से की गई पानी की निकासी। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर के 400 साल पुराने श्यामसर तालाब के डी-वॉटरिंग एजेंसी ने डी-शिल्टिंग (गाद निकालना) का काम भी शुरू करवा दिया है। डी-वॉटरिंग का कार्य पिछले करीब साढ़े तीन माह से चल रहा है और अब तक एजेंसी 90 प्रतिशत काम पूरा कर चुकी है। डी- शिल्टिंग का कार्य 15 मई तक पूरा होगा और इसके बाद ही तालाब की दीवारों के निर्माण समेत तलहटी की दशा सुधारने की कवायद शुरू होगी। तालाब के जीर्णोद्धार के पहले चरण में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सितंबर 2016 में एतिहासिक श्यामसर तालाब के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। पांच साल के लबे इंतजार के बाद पहले चरण के कार्य के लिए सरकार साढ़े सात करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। पहले चरण में पानी निकासी के साथ तालाब की सफाई की जाएगी। मौजूदा दीवार से हटकर आरसीसी से एक नई दीवार बनाई जाएगी। दोनों दीवारों के बीच लोगों के सैर करने के लिए वॉकिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। साथ ही तालाब के चारों ओर लोगों की सुविधा के लिए पार्क और पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा।
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नप अधिकारियों के अनुसार डी-वॉटरिंग कार्य अगले दस दिन में पूरा हो जाएगा और अब डी-शिल्टिंग कार्य शुरू हो गया है। इसके चलते तालाब को अब दो भागों में बांटा गया है। एक भाग में डी-वॉटरिंग कार्य चल रहा है, जबकि दूसरे हिस्से से गाद निकाली जा रही है। डी-वॉटरिंग कार्य 27 अप्रैल तक और डी-शिल्टिंग कार्य 15 मई तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पहले चरण में प्रस्तावित अन्य कार्य करवाए जाएंगे और फिर दूसरे चरण का एस्टिमेट तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा।
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तीन माह तक रुका रहा काम
गत मानसून सीजन में बारिश के चलते तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य करीब तीन माह तक रुका रहा। इसके बाद एजेंसी ने डी-वॉटरिंग का काम शुरू करवाया तो सीवर लाइन में पानी डालने का जनस्वास्थ्य विभाग ने विरोध किया और इसके चलते काम दोबारा रुक गया। एक माह बाद एजेंसी ने डी-वॉटरिंग का काम शुरू करवाया और इसके बाद यहां चव्वे की समस्या बन गई। इस समस्या को खत्म करने के लिए यहां जमीन में चार बोर करवाए गए जिनके जरिये चव्वा की समस्या खत्म हुई।
दिसंबर 2022 है प्रोजेक्ट की डेडलाइन
सरकार के निर्देशानुसार तालाब की कायाकल्प के पहले चरण में साढ़े सात करोड़ का बजट खर्च होना है। एजेंसी को डेढ़ साल के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा करना है। नप अधिकारियों के अनुसार दिसंबर 2022 प्रोजेक्ट पर काम पूरा करने की अंतिम डेडलाइन है। पहले कार्य में खलल आने के कारण डेडलाइन तीन से चार माह बढ़ाई जा सकती है।

डी वॉटरिंग के बाद एजेंसी ने श्यामसर तालाब की डी-शिल्टिंग का काम शुरू करवा दिया है। एक माह के अंदर डी-शिल्टिंग काम पूरा हो जाएगा। कुछ माह तक काम बाधित भी रहा है और अब एजेंसी तेजी से काम कर रही है। - सौहार्द शर्मा, जेई, नगर परिषद
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