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47 साल बाद कुडल माइनर का होगा पुनर्निर्माण, 7.86 करोड़ होंगे खर्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:03 AM IST
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After 47 years, Cuddle Minor will be rebuilt, 7.86 crores will be spent
चरखी दादरी। जिले की मुख्य लोहारू कैनाल से जुड़ी कुडल माइनर के जीर्णोद्धार को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत 23 किलोमीटर लंबी माइनर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा और इस पर 7 करोड़ 86 लाख 29 हजार रुपये की लागत आएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नहर का जीर्णोद्धार होने से 12 गांवों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। यह प्रोजेक्ट दादरी और बाढड़ा दोनों विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
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कुडल माइनर का निर्माण सिंचाई विभाग ने 1975 में कराया था। लंबे समय से माइनर के पुनर्निर्माण की दरकार थी। माइनर का बेड और पटरी कंडम होने के चलते पानी का रिसाव हो रहा था और इससे पानी की मात्रा भी घट रही थी। माइनर से जुड़े गांवों के लोग सिंचाई विभाग से कई दफा इसका पुनर्निर्माण कराने की गुहार लगा चुके थे और अब जाकर उनकी मांग परवान चढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
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विभाग की योजना के अनुसार 47 साल बाद माइनर का पुनर्निर्माण होगा और इस बार यह माइनर सीसी की बनाई जाएगी। इसके लिए कुछ समय पहले ही प्रपोजल और एस्टीमेट मुख्यालय भेजा था। एसडीओ सूरजभान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस योजना को सरकार से स्वीकृति मिल गई है। 7.86 करोड़ से माइनर का जीर्णोद्धार कराने के लिए 20 सितंबर तक टेंडर आमंत्रित कर दिया जाएगा। माइनर का पुनर्निर्माण होने के बाद पानी का रिसाव नहीं होगा और इससे जुड़े गांवों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सकेगा। 9 माह के अंदर एजेंसी को माइनर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा करना होगा।
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माइनर टूटने का जोखिम होगा कम
सिंचाई विभाग की योजना अनुसार माइनर का बेड और पटरी सीसी यानि कंक्रीट के बनाए जाएंगे। इससे पहले ये ईंटों के बने हुए हैं। माइनर सीसी की बनने से इसके टूटने का खतरा कम रहेगा और रिसाव की वजह से पानी की बर्बादी नहीं होगी।
इन गांवों को होगा फायदा
कुडल माइनर का पुनर्निर्माण होने से अटेला कलां, अटेला खुर्द, डोहका दीना, डोहका हरिया, जीतपुरा, उमरवास, काकडोली हट्ठी, काकडोली हुक्मी, पांडवान, द्वारका, बाहरीवास, लाडावास आदि गांवों को फायदा पहुंचेगा। फिलहाल माइनर जर्जर होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
10226 एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए मिलेगा पर्याप्त पानी
माइनर का पुनर्निर्माण होने से इससे जुड़े 12 गांवों के करीब पंद्रह हजार किसानों को राहत मिलेगी। इन गांवों के किसान 10226 एकड़ भूमि की आसानी से सिंचाई कर सकेंगे। इतना ही नहीं माइनर के पानी की बर्बादी रुकने से इन गांवों के तालाब भी आसानी से भर सकेंगे।

कुडल माइनर के जीर्णोद्धार के लिए 7 करोड़ 86 लाख 29 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है। यह माइनर सीसी की बनाई जाएगी और इसके लिए जल्द ही हम टेंडर आमंत्रित कर देंगे। नहर का पुनर्निर्माण होने से पानी टेल तक पहुंच सकेगा।
सूरजभान सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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