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ऑक्सीजन बैड में तबदील होंगे 88 सामान्य बैड, 66 लाख आएगा खर्च
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ऑक्सीजन बैड में तबदील होंगे 88 सामान्य बैड, 66 लाख आएगा खर्च
चरखी दादरी। एक सौ बैड के सिविल अस्पताल में 88 बैड को स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बैड में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इस योजना का खाका विभाग तैयार कर चुका है। करीब 66 लाख का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा जा चुका है और इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। इस समय सिविल अस्पताल के 22 बैड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है और दूसरी लहर में ऑक्सीजन बैड की कमी जिले में काफी खली थी। उस स्थिति से सबक लेते हुए और तीसरी लहर के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बैड की संख्या चार गुना करने का निर्णय लिया है। अहम बात यह है कि अस्पताल के सामान्य वार्डों के बैड भी इसमें कवर होंगे।
दादरी सिविल अस्पताल पर जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी निर्भर है। सिविल अस्पताल के अधीन 12 पीएचसी और तीन सीएचसी हैं। तीसरी लहर के मद्देनजर विभाग अपने प्रबंधों को और पुख्ता कर रहा है। इसके तहत अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्वाइंट की संख्या 88 करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का एस्टीमेट तैयार हो चुका है और अधिकारी स्वीकृति के लिए इसे मुख्यालय भेज चुके हैं। विभाग के सूत्रों के अनुसार फिलहाल 22 बैड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बैड संख्या कम पड़ गई थी और विभाग केे मेन गेट के पास हॉल में भी बैड डालने पड़े थे। उस दौरान कुछ बैड पर ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया करवाने में दिक्कतें हुई थीं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि ऑक्सीजन प्वाइंट की संख्या चार गुना करने पर 66 लाख रुपये खर्च संभावित है। मुख्यालय से स्वीकृति और बजट मिलते ही एजेंसी की मार्फत इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्वाइंटों की जगह हम चिन्हित कर चुके हैं और अब केवल स्वीकृति मिलने का इंतजार है। अगर जल्द स्वीकृति मिल जाती है तो 20 सितंबर से पहले इस योजना को हम धरातल पर परवान चढ़वा देंगे। उन्होंने बताया कि इंटिग्रेटिड पाइपलाइन के जरिये प्रत्येक बैड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी और बार-बार सिलिंडर बदलने के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा।
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- ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने का इंतजार हुआ लंबा
सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है, लेकिन अभी ऑक्सीजन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। एजेंसी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद ही प्लांट में ऑक्सीजन का निर्माण शुरू होगा। एक मिनट में यहां 500 लीटर ऑक्सीजन तैयार होगी और एक दिन की क्षमता करीब एक मीट्रिक टन रहेगी। ऑक्सीजन प्लांट की योजना शुरुआत से ही देरी की भेंट चढ़ती आ रही है।
- दूसरी लहर में तीन टन पहुंची थी जिले की दैनिक ऑक्सीजन खपत
पहली के मुकाबले कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में अधिक प्रकोप दिखाया। उस दौरान न केवल संक्रमितों का बल्कि मौत का आंकड़ा भी बढ़ा। उस दौरान जिले की दैनिक ऑक्सीजन खपत करीब तीन मीट्रिक टन पहुंच गई थी। दूसरे जिलों से उस दौरान जिला प्रशासन को ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करनी पड़ी थी।
- 500 है सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी
सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 500 रहती है। अस्पताल के वार्डों में एक दिन में करीब 30 से 35 मरीज भर्ती होते हैं। यहां सामान्य के अलावा आईसीयू वार्ड की भी वुिधि है। इस वार्ड के हर बैड पर वेंटिलेटर भी है। अब अस्पताल परिसर के 88 बैड पर जल्द ही ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी।
वर्जन::
इस प्रोजेक्ट पर करीब 66 लाख रुपये लागत आएगी। एस्टीमेट तैयार कर हम मुख्यालय भेज चुके हैं और इसके अनुसार सिविल अस्पताल परिसर में 88 ऑक्सीजन प्वाइंट बनाए जाएंगे जिनमें अस्पताल के प्लांट से ही ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। फिलहाल 22 बैड पर ऑक्सीजन की सुविधा है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएओ
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चरखी दादरी। एक सौ बैड के सिविल अस्पताल में 88 बैड को स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बैड में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इस योजना का खाका विभाग तैयार कर चुका है। करीब 66 लाख का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा जा चुका है और इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। इस समय सिविल अस्पताल के 22 बैड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है और दूसरी लहर में ऑक्सीजन बैड की कमी जिले में काफी खली थी। उस स्थिति से सबक लेते हुए और तीसरी लहर के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बैड की संख्या चार गुना करने का निर्णय लिया है। अहम बात यह है कि अस्पताल के सामान्य वार्डों के बैड भी इसमें कवर होंगे।
दादरी सिविल अस्पताल पर जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी निर्भर है। सिविल अस्पताल के अधीन 12 पीएचसी और तीन सीएचसी हैं। तीसरी लहर के मद्देनजर विभाग अपने प्रबंधों को और पुख्ता कर रहा है। इसके तहत अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्वाइंट की संख्या 88 करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का एस्टीमेट तैयार हो चुका है और अधिकारी स्वीकृति के लिए इसे मुख्यालय भेज चुके हैं। विभाग के सूत्रों के अनुसार फिलहाल 22 बैड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बैड संख्या कम पड़ गई थी और विभाग केे मेन गेट के पास हॉल में भी बैड डालने पड़े थे। उस दौरान कुछ बैड पर ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया करवाने में दिक्कतें हुई थीं।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि ऑक्सीजन प्वाइंट की संख्या चार गुना करने पर 66 लाख रुपये खर्च संभावित है। मुख्यालय से स्वीकृति और बजट मिलते ही एजेंसी की मार्फत इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्वाइंटों की जगह हम चिन्हित कर चुके हैं और अब केवल स्वीकृति मिलने का इंतजार है। अगर जल्द स्वीकृति मिल जाती है तो 20 सितंबर से पहले इस योजना को हम धरातल पर परवान चढ़वा देंगे। उन्होंने बताया कि इंटिग्रेटिड पाइपलाइन के जरिये प्रत्येक बैड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी और बार-बार सिलिंडर बदलने के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा।
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- ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने का इंतजार हुआ लंबा
सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है, लेकिन अभी ऑक्सीजन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। एजेंसी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद ही प्लांट में ऑक्सीजन का निर्माण शुरू होगा। एक मिनट में यहां 500 लीटर ऑक्सीजन तैयार होगी और एक दिन की क्षमता करीब एक मीट्रिक टन रहेगी। ऑक्सीजन प्लांट की योजना शुरुआत से ही देरी की भेंट चढ़ती आ रही है।
- दूसरी लहर में तीन टन पहुंची थी जिले की दैनिक ऑक्सीजन खपत
पहली के मुकाबले कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में अधिक प्रकोप दिखाया। उस दौरान न केवल संक्रमितों का बल्कि मौत का आंकड़ा भी बढ़ा। उस दौरान जिले की दैनिक ऑक्सीजन खपत करीब तीन मीट्रिक टन पहुंच गई थी। दूसरे जिलों से उस दौरान जिला प्रशासन को ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करनी पड़ी थी।
- 500 है सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी
सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 500 रहती है। अस्पताल के वार्डों में एक दिन में करीब 30 से 35 मरीज भर्ती होते हैं। यहां सामान्य के अलावा आईसीयू वार्ड की भी वुिधि है। इस वार्ड के हर बैड पर वेंटिलेटर भी है। अब अस्पताल परिसर के 88 बैड पर जल्द ही ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी।
वर्जन::
इस प्रोजेक्ट पर करीब 66 लाख रुपये लागत आएगी। एस्टीमेट तैयार कर हम मुख्यालय भेज चुके हैं और इसके अनुसार सिविल अस्पताल परिसर में 88 ऑक्सीजन प्वाइंट बनाए जाएंगे जिनमें अस्पताल के प्लांट से ही ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। फिलहाल 22 बैड पर ऑक्सीजन की सुविधा है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएओ