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Charkhi Dadri News: प्राण वायु देवता योजना के पहले चरण में 84 वृक्ष शामिल
Fri, 29 Mar 2024 10:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 29 Mar 2024 10:15 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में विभिन्न श्रेणियों के 350 वृक्ष 75 साल के हो चुके हैं। सरकार की प्राण वायु देवता योजना के तहत पहले चरण में 75 वर्ष के हो चुके 84 वृक्षों को शामिल किया गया है। वन विभाग ने तने के आकार के आधार पर इन वृक्षों की आयु का आकलन किया है। पहले आओ, पहले आओ के आधार पर पहले चरण में इन 84 वृक्षों की पेंशन संबंधित भू स्वामियों को मिलेगी। जो वृक्ष पंचायती जमीन पर स्थित हैं, उनकी पेंशन उस ग्राम पंचायत को जल्द मिलेगी। विभाग ने इस योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
पेड़ जहां वर्षा लाने में सहायक होते हैं वहीं, पर्यावरण में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ाते हैं। मौजूदा समय में मानव समेत प्रकृति के सभी जीव-जंतुओं के लिए भी प्रदूषण का खतरा बना है। इसके लिए सरकार की ओर से हर वर्ष कई नीतियां बनाईं जा रहीं हैं ताकि इस चुनौती पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके लिए वन विभाग प्रत्येक ग्राम पंचायत समेत आम लोगों के सहयोग से भी पौधरोपण करवाता है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़-पौधों की सबसे ज्यादा भूमिका है।
- पेड़ों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा विभाग
आजकल बरसात में भी बारिश बहुत कम होने की वजह से जोहड़ों की रौनक और हरियाली गायब होने लगी है। जोहड़ एवं तालाबों के किनारे पेड़ों की संख्या भी कम होने लगी है। इसलिए सरकार और वन विभाग इन तालाबों के किनारे पेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए काम कर रहा है ताकि भविष्य में फिर से हरियाली लौट सके। इसलिए पंचायत के सहयोग से जोहड़ और बावड़ियों के किनारों पर पौधे लगाए जा रहे हैं।
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पहले चरण में 75 साल की उम्र के 84 वृक्ष प्राण वायु देवता योजना में शामिल किए गए हैं। अब इन वृक्ष मालिकों को पेंशन दी जानी है। दूसरे चरण में बाकी वृक्षों को शामिल किया जाएगा। इन वृक्षों की आयु का आकलन कर लिया गया है। - हेमंत कुमार, आरएफओ, वन विभाग।
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पेड़ जहां वर्षा लाने में सहायक होते हैं वहीं, पर्यावरण में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ाते हैं। मौजूदा समय में मानव समेत प्रकृति के सभी जीव-जंतुओं के लिए भी प्रदूषण का खतरा बना है। इसके लिए सरकार की ओर से हर वर्ष कई नीतियां बनाईं जा रहीं हैं ताकि इस चुनौती पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके लिए वन विभाग प्रत्येक ग्राम पंचायत समेत आम लोगों के सहयोग से भी पौधरोपण करवाता है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़-पौधों की सबसे ज्यादा भूमिका है।
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- पेड़ों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा विभाग
आजकल बरसात में भी बारिश बहुत कम होने की वजह से जोहड़ों की रौनक और हरियाली गायब होने लगी है। जोहड़ एवं तालाबों के किनारे पेड़ों की संख्या भी कम होने लगी है। इसलिए सरकार और वन विभाग इन तालाबों के किनारे पेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए काम कर रहा है ताकि भविष्य में फिर से हरियाली लौट सके। इसलिए पंचायत के सहयोग से जोहड़ और बावड़ियों के किनारों पर पौधे लगाए जा रहे हैं।
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पहले चरण में 75 साल की उम्र के 84 वृक्ष प्राण वायु देवता योजना में शामिल किए गए हैं। अब इन वृक्ष मालिकों को पेंशन दी जानी है। दूसरे चरण में बाकी वृक्षों को शामिल किया जाएगा। इन वृक्षों की आयु का आकलन कर लिया गया है। - हेमंत कुमार, आरएफओ, वन विभाग।