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छठे दिन पहुंचे खाद के 800 बैग, तीन अधिकारियों की निगरानी में दिए टोकन
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थाने के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। डीएपी के लिए लगातार पांच दिन से कतार में खड़े होकर इंतजार कर रहे किसानों को छठे दिन राहत मिली है। वीरवार को 400 किसानों को 800 डीएपी के बैग वितरित किए गए। कोई हंगामा न हो इसके चलते तीन अधिकारियों की निगरानी में किसानों को खाद के बैग लेने के लिए टोकन दिए गए। सुरक्षा प्रबंधों का आलम यह रहा है कि ड्यूटी वालों को छोड़कर अन्य किसी पुलिसकर्मी तक को टोकन केंद्र के पास खड़ा तक नहीं होने दिया गया। वीरवार को खाद के लिए 600 से अधिक किसान सदर थाने पहुंचे।
बीते शुक्रवार को जिले में खाद वितरित की गई थी और इसके बाद से किसान लगातार खाली हाथ ही घर लौट रहे थे। वीरवार को वितरण के लिए जिले में 800 बैग की खेप पहुंची। खाद आने की जानकारी मिलते ही अलसुबह किसान टोकन के लिए सदर थाने में पहुंचना शुरू हो गए। साढ़े आठ बजे तक 400 से अधिक किसान वहां पहुंचकर कतार में लगे। इसके बाद महिलाओं की तादाद बढ़ने लगी और सुबह 11 बजे तक 600 से अधिक किसान सदर थाने में पहुंचे। दोपहर बाद तक 400 किसानों को टोकन जारी किए गए। इसके बाद किसानों ने इफको केंद्र पर पहुंचकर खाद के दो-दो बैग प्राप्त किए।
किसान धर्मबीर, विनय, मंजीत, मनोज, दलबीर, सुरेश, गजेंद्र, रामपाल, सुधीर, देवेंद्र, घासीराम, पप्पू, सुनील, हरेंद्र, मनीराम, युद्धवीर, परमानंद आदि ने बताया कि घंटों तक कतार में खड़ा रहने के बाद भी उन्हें टोकन नहीं मिल पाया। 400 टोकन पूरे होने की बात कहकर वितरण बंद कर दिया गया और इसके चलते शाम चार बजे लौटना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि आज भी खाद वितरण नहीं होगा और इसके चलते दादरी पहुंचने में देरी हो गई। उनका कहना है कि छठे दिन खाद का वितरण हुआ है और बावजूद इसके खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंची।
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इन्होंने रखी टोकन केंद्र पर नजर
सदर थाने में बनाए गए टोकन केंद्र तक पांच-पांच के समूह में किसानों को भेजा गया। पहले किसान का आधार कार्ड देखा गया और उसके बाद अंगुठा का निशान लिया गया। फिर किसान को दूसरी कतार में खड़ा होकर रुपये जमा करवाने पड़े और फिर वहां से उन्हें पर्ची दी गई। यह पर्ची दिखाने के बाद ही उन्हें खाद के दो बैग प्राप्त हुए। टोकन केंद्र पर सदर थाना प्रभारी के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी और गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों ने पैनी नजर रखी।
महिलाओं की बनवाई अलग कतार, थाने का गेट रखा बंद
छठे दिन खाद की खेप पहुंचने के चलते सदर थाने में वीरवार को किसानों की भीड़ उमड़ी। महिलाओं की तादाद भी अधिक रही और इसके चलते उनकी अलग से लाइन बनवाई गई। टोकन वितरण की प्रणाली बाधित न हो इसके लिए सदर थाने का गेट बंद रखा गया। यहां तक की दुपहिया वाहन पर आने वाले पुलिसकर्मियों के कई बार आग्रह करने के बाद उनके लिए गेट खोला गया।
किसान बोले: जंग जीतने से कम नहीं है खाद के दो बैग लेना
खाद के लिए किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। आज के समय घंटों लाइन में खड़े रहकर खाद के दो बैग लेना जंग जीतने से कम नहीं है। सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहकर पैर जवाब दे जाते हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है।
चरण सिंह, बलकरा
वीरवार को दादरी में छठे दिन खाद का वितरण हुआ है। आज भी खाद की पर्याप्त खेप नहीं पहुंची। काफी किसान आज भी खाद लेने से वंचित रह गए और मैं भी उन्हीं में से एक हूं। सरकार व प्रशासन को किसानों की समस्याओं को देखते हुए समाधान करना चाहिए।
धर्मपाल, बिरोहड़
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बीते शुक्रवार को जिले में खाद वितरित की गई थी और इसके बाद से किसान लगातार खाली हाथ ही घर लौट रहे थे। वीरवार को वितरण के लिए जिले में 800 बैग की खेप पहुंची। खाद आने की जानकारी मिलते ही अलसुबह किसान टोकन के लिए सदर थाने में पहुंचना शुरू हो गए। साढ़े आठ बजे तक 400 से अधिक किसान वहां पहुंचकर कतार में लगे। इसके बाद महिलाओं की तादाद बढ़ने लगी और सुबह 11 बजे तक 600 से अधिक किसान सदर थाने में पहुंचे। दोपहर बाद तक 400 किसानों को टोकन जारी किए गए। इसके बाद किसानों ने इफको केंद्र पर पहुंचकर खाद के दो-दो बैग प्राप्त किए।
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किसान धर्मबीर, विनय, मंजीत, मनोज, दलबीर, सुरेश, गजेंद्र, रामपाल, सुधीर, देवेंद्र, घासीराम, पप्पू, सुनील, हरेंद्र, मनीराम, युद्धवीर, परमानंद आदि ने बताया कि घंटों तक कतार में खड़ा रहने के बाद भी उन्हें टोकन नहीं मिल पाया। 400 टोकन पूरे होने की बात कहकर वितरण बंद कर दिया गया और इसके चलते शाम चार बजे लौटना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि आज भी खाद वितरण नहीं होगा और इसके चलते दादरी पहुंचने में देरी हो गई। उनका कहना है कि छठे दिन खाद का वितरण हुआ है और बावजूद इसके खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंची।
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इन्होंने रखी टोकन केंद्र पर नजर
सदर थाने में बनाए गए टोकन केंद्र तक पांच-पांच के समूह में किसानों को भेजा गया। पहले किसान का आधार कार्ड देखा गया और उसके बाद अंगुठा का निशान लिया गया। फिर किसान को दूसरी कतार में खड़ा होकर रुपये जमा करवाने पड़े और फिर वहां से उन्हें पर्ची दी गई। यह पर्ची दिखाने के बाद ही उन्हें खाद के दो बैग प्राप्त हुए। टोकन केंद्र पर सदर थाना प्रभारी के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी और गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों ने पैनी नजर रखी।
महिलाओं की बनवाई अलग कतार, थाने का गेट रखा बंद
छठे दिन खाद की खेप पहुंचने के चलते सदर थाने में वीरवार को किसानों की भीड़ उमड़ी। महिलाओं की तादाद भी अधिक रही और इसके चलते उनकी अलग से लाइन बनवाई गई। टोकन वितरण की प्रणाली बाधित न हो इसके लिए सदर थाने का गेट बंद रखा गया। यहां तक की दुपहिया वाहन पर आने वाले पुलिसकर्मियों के कई बार आग्रह करने के बाद उनके लिए गेट खोला गया।
किसान बोले: जंग जीतने से कम नहीं है खाद के दो बैग लेना
खाद के लिए किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। आज के समय घंटों लाइन में खड़े रहकर खाद के दो बैग लेना जंग जीतने से कम नहीं है। सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहकर पैर जवाब दे जाते हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है।
चरण सिंह, बलकरा
वीरवार को दादरी में छठे दिन खाद का वितरण हुआ है। आज भी खाद की पर्याप्त खेप नहीं पहुंची। काफी किसान आज भी खाद लेने से वंचित रह गए और मैं भी उन्हीं में से एक हूं। सरकार व प्रशासन को किसानों की समस्याओं को देखते हुए समाधान करना चाहिए।
धर्मपाल, बिरोहड़