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Charkhi Dadri News: गेहूं के बीज के 606 बैग बांटे, डीएपी और यूरिया की कमी बरकरार
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पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र
चरखी दादरी। जमींदारा सोसायटी कार्यालय में शनिवार को गेहूं के बीज का वितरण किया गया। इस दौरान 606 बैग किसानों को बांटे गए। वहीं, डीएपी व यूरिया खाद की कमी बनी हुई है। खाद की शनिवार को भी आवक नहीं हुई। जमींदारा सोसायटी के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि सुबह 606 बैग पहुंचे थे, जिनका वितरण कर दिया गया है। एक बैग का वजन 40 किलोग्राम है, जिसकी कीमत 1150 रुपये है।
गेहूं की अलग-अलग किस्मों का वितरण किया जा रहा है, जिनमें डीबीडब्ल्सू- 202, 1222, 303, 2967 व 1027 आदि शामिल हैं। इन किस्मों की पैदावार प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल तक हैै। किसान हिसार स्थित कृषि विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणित बीजों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। एक समय था जब किसान अपने घर में रखे पुराने गेहूं को ही बीज के रूप में इस्तेमाल करते थे। कृषि अनुसंधान केंद्र की ओर नए बीजों की खोज करने पर किसानों का रुझान नए बीजों की ओर हो गया है। किसान एक बार बोए हुए बीज को दोबारा नहीं बोते हैं। इस समय गेहूं की बिजाई का कार्य जारी है और किसानों को डीएपी, यूरिया व बीज की जरूरत है।
5000 एमटी खाद की और जरूरत
कृषि विभाग अधिकारियों का कहना है कि डीएपी खाद पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसानों काे अभी 5000 मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है। अब तक 3920 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिला में नौ दिन से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। यूरिया खाद भी नहीं मिल रहा है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी।
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-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -शनिवार सुबह 606 बैग आए थे जिनका वितरण कर दिया गया है। डीएपी खाद को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जैसे ही खाद व बीज कार्यालय में पहुंचता इनका वितरण कर दिया जाता है।
- राजेश कुमार, मैनेजर, सहकारी जमीदारा सोसायटी
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गेहूं की अलग-अलग किस्मों का वितरण किया जा रहा है, जिनमें डीबीडब्ल्सू- 202, 1222, 303, 2967 व 1027 आदि शामिल हैं। इन किस्मों की पैदावार प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल तक हैै। किसान हिसार स्थित कृषि विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणित बीजों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। एक समय था जब किसान अपने घर में रखे पुराने गेहूं को ही बीज के रूप में इस्तेमाल करते थे। कृषि अनुसंधान केंद्र की ओर नए बीजों की खोज करने पर किसानों का रुझान नए बीजों की ओर हो गया है। किसान एक बार बोए हुए बीज को दोबारा नहीं बोते हैं। इस समय गेहूं की बिजाई का कार्य जारी है और किसानों को डीएपी, यूरिया व बीज की जरूरत है।
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5000 एमटी खाद की और जरूरत
कृषि विभाग अधिकारियों का कहना है कि डीएपी खाद पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसानों काे अभी 5000 मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है। अब तक 3920 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिला में नौ दिन से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। यूरिया खाद भी नहीं मिल रहा है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी।
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- राजेश कुमार, मैनेजर, सहकारी जमीदारा सोसायटी