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Charkhi Dadri News: मनोरोग विभाग की ओपीडी में तीन दिन में पहुंचे 55 मरीज

Sat, 30 Nov 2024 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 30 Nov 2024 01:41 AM IST
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55 patients arrived in the OPD of the psychiatry department in three days
चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में मनोरोगी की काउंसलिंग करते डॉ. रामेहर।
चरखी दादरी। दादरी के जिला बनने के आठ साल बाद नागरिक अस्पताल को मनोरोग विशेषज्ञ मिला है। डॉ. रामेहर श्योराण ने इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने तीन दिन में 55 मरीजों की काउंसलिंग की है। विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद अब मरीजों को नागरिक अस्पताल रेवाड़ी और पीजीआई रोहतक की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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हर जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ की तैनाती का प्रावधान होता है। दादरी वर्ष 2016 में जिला बना था लेकिन तब से यह पद खाली था। अब इसी माह नागरिक अस्पताल को मनोरोग विशेषज्ञ मिल सका है। दादरी में तैनाती होते ही डॉ. रामेहर ने मनोरोग विभाग में ओपीडी में सेवा दी। पहले दिन उनके पास 15 मरीज पहुंचे जबकि वीरवार और शुक्रवार को ओपीडी संख्या 20-20 रही।
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जिले की आबादी करीब साढ़े छह लाख है। शहर में सिविल अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल भी हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 35 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके बावजूद दादरी के जिला बनने के आठ साल बाद भी सिविल अस्पताल में कई पदों को नहीं भरा जा सका है।
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मौजूदा समय में लोगों में भारी तनाव है। ऐसे में मनोरोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ न होने से मरीज यहां आने के बजाय सीधे पीजीआई रोहतक और गुरुग्राम के निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर थे। पीजीआई में मरीजों की भीड़ के कारण ज्यादातर मरीजों के तीमारदार निजी अस्पताल में जाकर महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर थे।

- चिकित्सा बोर्ड में भी किया जाएगा शामिल

मरीजों का मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के लिए सिविल अस्पताल में चिकित्सा बोर्ड भी बैठता है। इसमें जल्द ही मनोरोग विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा। इससे पहले मनोरोग विशेषज्ञ की राय लेने के लिए दिव्यांगों को दूसरे जिला अस्पतालों में जाना पड़ता था।
ओपीडी में पहुंचे 25 फीसदी मरीज नशे की लत से ग्रस्त
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रामेहर श्योराण ने बताया कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने तीन दिन में 55 मरीजों की काउंसलिंग की हैं। इनमें से 25 फीसदी मामले नशे की लत से जुड़े थे। यह मरीज नशा छोड़ने के इच्छुक हैं। इसलिए वह उपचार कराने नागरिक अस्पताल में पहुंचे। कुल ओपीडी में से 60 फीसदी यानी 33 मरीज तनाव की समस्या से ग्रस्त मिले हैं।



मनोरोग ओपीडी देखनी शुरू कर दी गई है। तीन दिन में 55 मरीज उपचार कराने पहुंचे हैं। जल्द ही दवाओं और संसाधनों की मांग मुख्यालय भेज दी जाएगी ताकि मनोरोगी विभाग की सेवाओं को बढ़ाया जा सके। - डॉ. रामेहर श्योराण, मनोरोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, चरखी दादरी।
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