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Charkhi Dadri News: एक साल में 4792 ओवरलोड वाहनों के किए चालान, 15.85 करोड़ का जुर्माना
Sun, 17 May 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 17 May 2026 01:46 AM IST
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शहर के रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग से गुजरता भारी वाहन।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले की सड़कों को समय से पहले जर्जर करने और हादसों को न्योता देने वाले बेलगाम ओवरलोड वाहनों पर नकेल कसने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की टीम लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बड़े स्तर पर चालान काटने की कार्रवाई को अंजाम दिया है।
आंकड़ों के अनुसार टीम ने पिछले एक साल में कुल 4,792 ओवरलोड वाहनों के चालान किए जिसके एवज में वाहन चालकों पर नियमानुसार 15,85,72,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। हालांकि आरटीए विभाग की इस कार्रवाई के बावजूद धरातल पर ओवरलोडिंग की समस्या पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग सकी है और परिवहन माफिया के हौसले अब भी बुलंद हैं।
बता दें कि जिले में खनन क्षेत्र होने के साथ-साथ क्रशर जोन भी है जिसके चलते यहां से हर रोज हजारों की संख्या में भारी वाहन निर्माण सामग्री की ट्रांसपोर्टेशन करते हैं। इनमें से काफी वाहन क्षमता से अधिक निर्माण सामग्री भरकर चलते हैं। इस लापरवाही के कारण जहां आए दिन सड़क हादसे होते हैं वहीं करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कें भी समय से पहले पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। सड़कों के बार-बार जर्जर होने से सरकार को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
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विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में आरटीए की टीम ने सबसे कम कार्रवाई की थी। इस महीने में कुल 233 ओवरलोड वाहन पकड़े गए और उन पर 1,26,53,000 रुपये का जुर्माना हुआ। इसके विपरीत फरवरी 2026 में टीम सबसे ज्यादा सक्रिय रही और 529 ओवरलोड वाहनों के चालान काटकर 1,95,96,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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आंकड़ों के अनुसार टीम ने पिछले एक साल में कुल 4,792 ओवरलोड वाहनों के चालान किए जिसके एवज में वाहन चालकों पर नियमानुसार 15,85,72,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। हालांकि आरटीए विभाग की इस कार्रवाई के बावजूद धरातल पर ओवरलोडिंग की समस्या पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग सकी है और परिवहन माफिया के हौसले अब भी बुलंद हैं।
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बता दें कि जिले में खनन क्षेत्र होने के साथ-साथ क्रशर जोन भी है जिसके चलते यहां से हर रोज हजारों की संख्या में भारी वाहन निर्माण सामग्री की ट्रांसपोर्टेशन करते हैं। इनमें से काफी वाहन क्षमता से अधिक निर्माण सामग्री भरकर चलते हैं। इस लापरवाही के कारण जहां आए दिन सड़क हादसे होते हैं वहीं करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कें भी समय से पहले पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। सड़कों के बार-बार जर्जर होने से सरकार को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
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विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में आरटीए की टीम ने सबसे कम कार्रवाई की थी। इस महीने में कुल 233 ओवरलोड वाहन पकड़े गए और उन पर 1,26,53,000 रुपये का जुर्माना हुआ। इसके विपरीत फरवरी 2026 में टीम सबसे ज्यादा सक्रिय रही और 529 ओवरलोड वाहनों के चालान काटकर 1,95,96,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।