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Charkhi Dadri News: ओलावृष्टि से सब्जियोंं और फूलों की खेती में 30-60 प्रतिशत तक नुकसान
Wed, 06 Mar 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 06 Mar 2024 10:57 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से फूलों व सब्जी की खेती में काफी नुकसान हुआ है। सब्जी की खेती करने वाले किसानों और कृषि विशेषज्ञों की मानें तो सब्जियों और फूलों की खेती में 30 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं, कई किसानों ने तो खेती का बीमा तक नहीं करवा रखा था।
जिले में करीब 1,800 एकड़ क्षेत्र में सब्जी व फूलों की खेती है। जिले के विभिन्न भागों में किसानों ने तर ककड़ी, घीया, टमाटर, हरी मैथी, हरा धनिया, आलू, हरी मिर्च आदि सब्जी की फसलों की बिजाई कर रखी है। इनमें अगेती व पछेती दोनों प्रकार की किस्में शामिल हैं। फूलों की खेती करने वाले किसानों की मानें तो बारिश एवं ओलावृष्टि में फूल झड़कर नीचे गिर गए है। फूलों की खेती में लागत खर्च भी ज्यादा आता है और इसके बीज काफी महंगे होते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश से टमाटर व हरी मिर्च जल्द खराब हो जाते हैं। ओलावृष्टि से रबी की सभी प्रकार की फसलों में नुकसान हुआ है।
सब्जियों में यूं हुआ नुकसान
बारिश में बेल वाली सब्जियां जल्दी खराब हो जाती हैं। घीया की बेल नष्ट हो जाती हैं, जिससे फल आना बंद हो जाता है। इनमें पानी की ज्यादा मात्रा में जरूरत नहीं होती है। कृषि वैज्ञानिकों की किसानों से सलाह है कि खेत में पानी निकासी का उचित प्रबंध करना चाहिए। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान बारिश के पानी का संचयन करें। गड्ढा बनाकर पानी को एकत्रित किया जा सकता है। इस पानी से जहां भूमिगत वाटर रिचार्ज होगा वहीं, भविष्य में सिंचाई में भी इसका सदुपयोग किया जा सकेगा।
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ओलावृष्टि से सब्जी व फूलों की खेती में नुकसान है। इससे फूल गिर जाते हैं और नए फूल खिलना मुश्किल हो जाता है। बेल वाली सब्जियों में भी नुकसान है। - डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ
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जिले में करीब 1,800 एकड़ क्षेत्र में सब्जी व फूलों की खेती है। जिले के विभिन्न भागों में किसानों ने तर ककड़ी, घीया, टमाटर, हरी मैथी, हरा धनिया, आलू, हरी मिर्च आदि सब्जी की फसलों की बिजाई कर रखी है। इनमें अगेती व पछेती दोनों प्रकार की किस्में शामिल हैं। फूलों की खेती करने वाले किसानों की मानें तो बारिश एवं ओलावृष्टि में फूल झड़कर नीचे गिर गए है। फूलों की खेती में लागत खर्च भी ज्यादा आता है और इसके बीज काफी महंगे होते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश से टमाटर व हरी मिर्च जल्द खराब हो जाते हैं। ओलावृष्टि से रबी की सभी प्रकार की फसलों में नुकसान हुआ है।
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सब्जियों में यूं हुआ नुकसान
बारिश में बेल वाली सब्जियां जल्दी खराब हो जाती हैं। घीया की बेल नष्ट हो जाती हैं, जिससे फल आना बंद हो जाता है। इनमें पानी की ज्यादा मात्रा में जरूरत नहीं होती है। कृषि वैज्ञानिकों की किसानों से सलाह है कि खेत में पानी निकासी का उचित प्रबंध करना चाहिए। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान बारिश के पानी का संचयन करें। गड्ढा बनाकर पानी को एकत्रित किया जा सकता है। इस पानी से जहां भूमिगत वाटर रिचार्ज होगा वहीं, भविष्य में सिंचाई में भी इसका सदुपयोग किया जा सकेगा।
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ओलावृष्टि से सब्जी व फूलों की खेती में नुकसान है। इससे फूल गिर जाते हैं और नए फूल खिलना मुश्किल हो जाता है। बेल वाली सब्जियों में भी नुकसान है। - डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ