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Charkhi Dadri News: तीन एमएम बारिश से ठंड बढ़ी, फसल को मिली संजीवनी
Tue, 24 Dec 2024 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:39 AM IST
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फसल के लिए फायदेमंद और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है बारिश, अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आई गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। क्षेत्र में सोमवार को तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, सुबह आठ बजे तक दो एमएम बारिश हुई। बाढड़ा व बौंद कलां ब्लॉक में दो-एमएम एमएम बारिश दर्ज हुई है। बारिश से रबी की फसल को फायदा पहुंचा है। वहीं, रविवार की तुलना में अधिकतम तापमान में चार व न्यूनतम में तीन डिग्री की गिरावट आई है।
सोमवार को अधिकतम 18 व न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वातावरण में नमी की मात्रा 81 प्रतिशत रही। वहीं, इससे पहले रविवार रात से ही पूर्वी हवा का रुख शुरू हो गया था। अलसुबह हवा के दबाव के साथ बूंदाबांदी हुई। सुबह आठ बजे तक दो एमएम बारिश दर्ज की गई। उसके बाद एक एमएम बारिश और हुई। बारिश के बाद मौसम में बदलाव आ गया है।
दरअसल, पिछले सप्ताह से अधिकतम व न्यूनतम तापमान बढ़ गए थे। बारिश के बाद अब तापमान गिरा है। बारिश से रबी की सभी प्रकार की फसल में फायदा पहुंचा है। हालांकि, फसल की जरूरत के अनुसार बारिश नहीं हुई है फिर भी इससे कुछ तो राहत मिली है। बूंदाबांदी से छोटे-मोटे रोग भी खत्म होंगे और सब्जी की खेती को भी बारिश से लाभ पहुंचा है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो इस समय बुजुर्गाें और बच्चों के साथ श्वांस रोगियों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
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- फसल के लिए 20 एमएम बारिश की जरूरत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय फसल को कम से कम 20 एमएम बारिश की जरूरत है तब जाकर पूरा फायदा मिल सकता है। जिले में एक लाख 10 हजार एकड़ में गेहूं व 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की फसल खड़ी है। चना, जौ व मेथी का रकबा भी काफी है।
-पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म, अब बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मंगलवार को मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म हो जाएगा। उसके बाद उत्तरी हवा चलने से मौसम में ठंडक बढ़ जाएगी। ठंड बढ़ने पर बाजारों में गर्म वस्त्रों की खरीदारी बढ़ रही है। चिकित्सकों ने आम लोगों से ठंड के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। संतुलित आहार लेने व गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
वर्सन:
बूंदाबांदी से सभी प्रकार की फसल में कुछ हद तक फायदा पहुंचा है। इस समय फसल को बारिश की और जरूरत है। बारिश एक प्रकार से खाद का काम करती है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटो- 31
बूंदाबांदी के दौरान छाता लेकर बस स्टैंड रोड से गुजरती महिला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। क्षेत्र में सोमवार को तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, सुबह आठ बजे तक दो एमएम बारिश हुई। बाढड़ा व बौंद कलां ब्लॉक में दो-एमएम एमएम बारिश दर्ज हुई है। बारिश से रबी की फसल को फायदा पहुंचा है। वहीं, रविवार की तुलना में अधिकतम तापमान में चार व न्यूनतम में तीन डिग्री की गिरावट आई है।
सोमवार को अधिकतम 18 व न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वातावरण में नमी की मात्रा 81 प्रतिशत रही। वहीं, इससे पहले रविवार रात से ही पूर्वी हवा का रुख शुरू हो गया था। अलसुबह हवा के दबाव के साथ बूंदाबांदी हुई। सुबह आठ बजे तक दो एमएम बारिश दर्ज की गई। उसके बाद एक एमएम बारिश और हुई। बारिश के बाद मौसम में बदलाव आ गया है।
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दरअसल, पिछले सप्ताह से अधिकतम व न्यूनतम तापमान बढ़ गए थे। बारिश के बाद अब तापमान गिरा है। बारिश से रबी की सभी प्रकार की फसल में फायदा पहुंचा है। हालांकि, फसल की जरूरत के अनुसार बारिश नहीं हुई है फिर भी इससे कुछ तो राहत मिली है। बूंदाबांदी से छोटे-मोटे रोग भी खत्म होंगे और सब्जी की खेती को भी बारिश से लाभ पहुंचा है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो इस समय बुजुर्गाें और बच्चों के साथ श्वांस रोगियों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
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- फसल के लिए 20 एमएम बारिश की जरूरत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय फसल को कम से कम 20 एमएम बारिश की जरूरत है तब जाकर पूरा फायदा मिल सकता है। जिले में एक लाख 10 हजार एकड़ में गेहूं व 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की फसल खड़ी है। चना, जौ व मेथी का रकबा भी काफी है।
-पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म, अब बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मंगलवार को मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म हो जाएगा। उसके बाद उत्तरी हवा चलने से मौसम में ठंडक बढ़ जाएगी। ठंड बढ़ने पर बाजारों में गर्म वस्त्रों की खरीदारी बढ़ रही है। चिकित्सकों ने आम लोगों से ठंड के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। संतुलित आहार लेने व गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
वर्सन:
बूंदाबांदी से सभी प्रकार की फसल में कुछ हद तक फायदा पहुंचा है। इस समय फसल को बारिश की और जरूरत है। बारिश एक प्रकार से खाद का काम करती है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटो- 31
बूंदाबांदी के दौरान छाता लेकर बस स्टैंड रोड से गुजरती महिला। संवाद