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Charkhi Dadri News: विद्यार्थियों के लिए हो रहा 25 वाहनों का संचालन, राजकीय स्कूलों में पहुंचने की डगर हुई आसान
Wed, 30 Oct 2024 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:17 AM IST
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गांव ढाणी फोगाट के स्कूल में बस में चढ़तीं छात्राएं व मौजूद डीईओ कृष्णा फोगाट।
चरखी दादरी/बौंदकलां। जिला शिक्षा विभाग की ओर से जिले के बौंदकलां खंड में विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में खंड के 14 स्कूलों में 25 वाहन चलाए जा रहे हैं। इनमें प्रतिदिन 679 छात्र-छात्राएं सफर कर रहे हैं। ऐसे में अब उनकी घर से स्कूल और स्कूल से वापस घर पहुंचने की डगर आसान हो गई है। समय की भी बचत हो रही है।
जुलाई में छात्र परिवहन योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तहत हर जिले के एक-एक खंड में परिवहन सुविधा संचालित की गई थी। इस दौरान जिले बौंदकलां खंड का खंड का चयन किया गया। खंड के 14 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में बस, ऑटो व क्रूजर का संचालन किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ता है और वे आसानी व समय से स्कूल पहुंच जाते हैं।
वाहन सुबह सात बजे विद्यार्थियों को लेने के लिए गांवों में जाते हैं, और 7:50 पर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचा देते हैं। इसके बाद स्कूलों की छुट्टी होने से दस मिनट पहले अपने स्कूलों में पहुंच जाते हैं और वहां विद्यार्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा देते हैं। विद्यार्थियों के गंतव्य के हिसाब से किराया लगता है और माह के अंत में सभी स्कूलों की ओर से शिक्षक को इसका ब्योरा दिया जाता है। इसके बाद विभाग किराया राशि स्कूलों को देता है।
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- चार स्कूलों में छात्राओं के लिए चल रहीं बसें
गांव समसपुर, मौड़ी, बौंदकलां और ढाणी फोगाट आदि में छात्राओं के लिए राजकीय कन्या स्कूल हैं। इनमें छात्राओं के लिए बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए एक महिला शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। प्रतिदिन सुबह व शाम को छात्राओं के साथ सफर करती है। इनके अलावा बस में भी महिला हेल्पलाइन नंबर पर लिखवाया गया है। छात्राएं असहज या आपातकालीन समय में इन नंबर पर कॉल कर सूचना दे सकती हैं।
- बजट के हिसाब से चलाए गए वाहन
गांव मिसरी में विद्यार्थियों के लिए ऑटो चलाए जा रहे हैं। यहां पर बसों की सुविधा नहीं है। शुरुआत में बस के लिए विभाग के पास किराए की कोटेशन भेजी गई थी। लेकिन, बजट से बाहर होने पर शिक्षा विभाग की अनुमति से यहां ऑटो का संचालन किया जा रहा है। अप्रोच रूट से आने वाले विद्यार्थियों को भी अब ये सुविधा रास आ रही है।
- इन स्कूलों में पहुंच रहे सबसे अधिक विद्यार्थी
गांव मिसरी व समसपुर में सबसे अधिक विद्यार्थी जा रहे हैं। गांव मिसरी में 125 विद्यार्थी जाते हैं। इसके लिए 8 ऑटो पंजीकृत कराए गए हैं। ये ऑटो लांबा, कोहलवास, सांजरवास, कमोद, मिर्च, सौंप, कासनी, जयश्री आदि से विद्यार्थियों को लेकर आते हैं। वहीं, समसपुर में दो बसों में 86 विद्यार्थी रोज स्कूल पहुंच रहे हैं।
खंड में परिवहन योजना संचालित की जा रही है। वर्तमान में विद्यार्थियों को इसका काफी लाभ मिल रहा है। प्रतिदिन विद्यार्थी इन वाहनों से स्कूल पहुंच रहे हैं। -राजबाला फोगाट, बीईओ, बौंदकलां।
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जुलाई में छात्र परिवहन योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तहत हर जिले के एक-एक खंड में परिवहन सुविधा संचालित की गई थी। इस दौरान जिले बौंदकलां खंड का खंड का चयन किया गया। खंड के 14 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में बस, ऑटो व क्रूजर का संचालन किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ता है और वे आसानी व समय से स्कूल पहुंच जाते हैं।
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वाहन सुबह सात बजे विद्यार्थियों को लेने के लिए गांवों में जाते हैं, और 7:50 पर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचा देते हैं। इसके बाद स्कूलों की छुट्टी होने से दस मिनट पहले अपने स्कूलों में पहुंच जाते हैं और वहां विद्यार्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा देते हैं। विद्यार्थियों के गंतव्य के हिसाब से किराया लगता है और माह के अंत में सभी स्कूलों की ओर से शिक्षक को इसका ब्योरा दिया जाता है। इसके बाद विभाग किराया राशि स्कूलों को देता है।
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- चार स्कूलों में छात्राओं के लिए चल रहीं बसें
गांव समसपुर, मौड़ी, बौंदकलां और ढाणी फोगाट आदि में छात्राओं के लिए राजकीय कन्या स्कूल हैं। इनमें छात्राओं के लिए बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए एक महिला शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। प्रतिदिन सुबह व शाम को छात्राओं के साथ सफर करती है। इनके अलावा बस में भी महिला हेल्पलाइन नंबर पर लिखवाया गया है। छात्राएं असहज या आपातकालीन समय में इन नंबर पर कॉल कर सूचना दे सकती हैं।
- बजट के हिसाब से चलाए गए वाहन
गांव मिसरी में विद्यार्थियों के लिए ऑटो चलाए जा रहे हैं। यहां पर बसों की सुविधा नहीं है। शुरुआत में बस के लिए विभाग के पास किराए की कोटेशन भेजी गई थी। लेकिन, बजट से बाहर होने पर शिक्षा विभाग की अनुमति से यहां ऑटो का संचालन किया जा रहा है। अप्रोच रूट से आने वाले विद्यार्थियों को भी अब ये सुविधा रास आ रही है।
- इन स्कूलों में पहुंच रहे सबसे अधिक विद्यार्थी
गांव मिसरी व समसपुर में सबसे अधिक विद्यार्थी जा रहे हैं। गांव मिसरी में 125 विद्यार्थी जाते हैं। इसके लिए 8 ऑटो पंजीकृत कराए गए हैं। ये ऑटो लांबा, कोहलवास, सांजरवास, कमोद, मिर्च, सौंप, कासनी, जयश्री आदि से विद्यार्थियों को लेकर आते हैं। वहीं, समसपुर में दो बसों में 86 विद्यार्थी रोज स्कूल पहुंच रहे हैं।
खंड में परिवहन योजना संचालित की जा रही है। वर्तमान में विद्यार्थियों को इसका काफी लाभ मिल रहा है। प्रतिदिन विद्यार्थी इन वाहनों से स्कूल पहुंच रहे हैं। -राजबाला फोगाट, बीईओ, बौंदकलां।