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160 किसानों ने मंडी में बेचा 4477 क्विंटल बाजरा
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चरखी दादरी। बाजरा की सरकारी खरीद शुरू होने के दूसरे दिन आवक ने जोर पकड़ा। सोमवार को नौ केंद्रों पर तो आवक ही नहीं हुई जबकि दादरी मंडी में शाम तक 160 किसानों ने बाजरा बेचा। इन किसानों से सरकारी और निजी खरीद एजेंसी ने 4477 क्विंटल बाजरा खरीदा। वहीं, अगले दो-तीन में बाजरा की आवक मंडियों में जोर पकड़ने की उम्मीद है।
बता दें कि एक अक्तूबर से सरकारी बोली पर बाजरा की खरीद शुरू हो गई है। इस बार बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये निर्धारित है जबकि प्राइवेट खरीद गुणवत्ता के आधार पर हो रही है। गत शनिवार से दादरी जिले में बाजरा की खरीद शुरू हुई और पहले दिन महज 10 किसानों ने 435 क्विंटल बाजरा ही बेचा। सोमवार को खरीद का दूसरा दिन रहा और पहले दिन के मुकाबले 16 गुना अधिक किसान मंडी पहंचे। शाम तक इन किसानों से बाजरा की खरीद की गई। पहले दो दिनों की अगर बात करें तो 170 किसानों ने 4900 क्विंटल बाजरा बेचा है।
इसके अलावा बाढड़ा, अटेला, बेरला, कादमा, झोझू, जावा, इमलोटा, रानीला व दगड़ौली में सोमवार को खरीद नहीं हो पाई। एक नया बदलाव यह है कि अब सभी जिले के सभी 10 केंद्रों पर हैफेड ही बाजरा की खरीद करेगी जबकि इससे पहले दो मंडियों में खरीद की जिम्मेदारी हरियाणा वेयर हाउस को सौंपी गई थी। यह बदलाव, खरीद, भुगतान और उठान कार्य को सुचारू रखने के लिए किया गया है।
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उपायुक्त प्रीति ने बताया कि जो किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं, वही अपना बाजरा लेकर मंडी में आएंगे। उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर और मोबाईल नंबर होना चाहिए। किसान अपनी फसल को सूखाकर और साफ करके लाए।
इन बातों का ध्यान रखें किसान
उपायुक्त प्रीति ने बताया कि किसान यह ध्यान रखे कि बाजरा में 14 प्रतिशत से अधिक नमी न हो। इसमें क्षतिग्रस्त दाने 1.5 प्रतिशत, अध पके दाने चार प्रतिशत, कम क्षतिग्रस्त दाने 4.5 प्रतिशत, कूड़ा-कचरा एक प्रतिशत व अन्य अनाज के दाने तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडी के अंदर किसान अपना ई-खरीद का गेटपास लेकर ही प्रवेश करे। उपायुक्त प्रीति ने कहा कि मंडी में फड पर बाजरा साफ करने के बाद ही लाया जाए। इसमें कोई कूड़ा-कर्कट नहीं होना चाहिए।
- डीसी के निर्देश: उठान की गति धीमी न रहे
किसानों से अपील करने के साथ ही उपायुक्त ने खरीद एजेंसी के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उठान की गति धीमी न रहे और फसल खरीद होते ही इसे गोदाम तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
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बता दें कि एक अक्तूबर से सरकारी बोली पर बाजरा की खरीद शुरू हो गई है। इस बार बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये निर्धारित है जबकि प्राइवेट खरीद गुणवत्ता के आधार पर हो रही है। गत शनिवार से दादरी जिले में बाजरा की खरीद शुरू हुई और पहले दिन महज 10 किसानों ने 435 क्विंटल बाजरा ही बेचा। सोमवार को खरीद का दूसरा दिन रहा और पहले दिन के मुकाबले 16 गुना अधिक किसान मंडी पहंचे। शाम तक इन किसानों से बाजरा की खरीद की गई। पहले दो दिनों की अगर बात करें तो 170 किसानों ने 4900 क्विंटल बाजरा बेचा है।
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इसके अलावा बाढड़ा, अटेला, बेरला, कादमा, झोझू, जावा, इमलोटा, रानीला व दगड़ौली में सोमवार को खरीद नहीं हो पाई। एक नया बदलाव यह है कि अब सभी जिले के सभी 10 केंद्रों पर हैफेड ही बाजरा की खरीद करेगी जबकि इससे पहले दो मंडियों में खरीद की जिम्मेदारी हरियाणा वेयर हाउस को सौंपी गई थी। यह बदलाव, खरीद, भुगतान और उठान कार्य को सुचारू रखने के लिए किया गया है।
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उपायुक्त प्रीति ने बताया कि जो किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं, वही अपना बाजरा लेकर मंडी में आएंगे। उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर और मोबाईल नंबर होना चाहिए। किसान अपनी फसल को सूखाकर और साफ करके लाए।
इन बातों का ध्यान रखें किसान
उपायुक्त प्रीति ने बताया कि किसान यह ध्यान रखे कि बाजरा में 14 प्रतिशत से अधिक नमी न हो। इसमें क्षतिग्रस्त दाने 1.5 प्रतिशत, अध पके दाने चार प्रतिशत, कम क्षतिग्रस्त दाने 4.5 प्रतिशत, कूड़ा-कचरा एक प्रतिशत व अन्य अनाज के दाने तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडी के अंदर किसान अपना ई-खरीद का गेटपास लेकर ही प्रवेश करे। उपायुक्त प्रीति ने कहा कि मंडी में फड पर बाजरा साफ करने के बाद ही लाया जाए। इसमें कोई कूड़ा-कर्कट नहीं होना चाहिए।
- डीसी के निर्देश: उठान की गति धीमी न रहे
किसानों से अपील करने के साथ ही उपायुक्त ने खरीद एजेंसी के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उठान की गति धीमी न रहे और फसल खरीद होते ही इसे गोदाम तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।