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Charkhi Dadri News: 151 खिलाड़ियों को मिला महान सम्राट विक्रमादित्य गौरव अवार्ड
Mon, 25 Mar 2024 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:22 AM IST
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बौंदकलां। माॅडल दादरी जिला बनाओ संगठन की ओर से रविवार को गांव बौंदकलां स्थित राजकीय स्कूल में 151 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान संगठन के युवा विंग अध्यक्ष अधिवक्ता अनिल साहू ने खेल प्रतिभाओं को महान सम्राट विक्रमादित्य गौरव अवार्ड प्रदान किया।
साहू ने कहा कि युवा खेलों में अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसके लिए उन्हें शुरू से मेहनत करनी चाहिए। अगर युवा पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि लेंगे और अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करें तो निसंदेह वे मंजिल को हासिल कर लेंगे। इसी कारण कई खिलाड़ी अपनी सफलता के दम पर राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतकर अपने गांव और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि वे अधिकतम संख्या में खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। कई बार अवसर न मिलने से प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आता है। खेलों से उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। अब खेल कॅरिअर के रूप में भी अपनाया जाने लगा है। प्रतिभावान खिलाड़ी इसमें अपना भविष्य संवार सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में कई क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से मिलने का अवसर मिलता है। इससे उनमें आपसी मेलजोल की भावना का भी विकास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हॉकी कोच नरेश पहलवान और कोच महिपाल सिंह बल्ला ने की। इस अवसर पर कोच महिपाल सिंह, सुनील कोच, सचिन, भूवदेव, रचना परमार, अजीत, अत्तर सिंह, नरेंद्र, देवेंद्र, मुन्ना, पंकज आदि मौजूद रहे।
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साहू ने कहा कि युवा खेलों में अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसके लिए उन्हें शुरू से मेहनत करनी चाहिए। अगर युवा पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि लेंगे और अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करें तो निसंदेह वे मंजिल को हासिल कर लेंगे। इसी कारण कई खिलाड़ी अपनी सफलता के दम पर राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतकर अपने गांव और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि वे अधिकतम संख्या में खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाएं।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। कई बार अवसर न मिलने से प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आता है। खेलों से उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। अब खेल कॅरिअर के रूप में भी अपनाया जाने लगा है। प्रतिभावान खिलाड़ी इसमें अपना भविष्य संवार सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में कई क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से मिलने का अवसर मिलता है। इससे उनमें आपसी मेलजोल की भावना का भी विकास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हॉकी कोच नरेश पहलवान और कोच महिपाल सिंह बल्ला ने की। इस अवसर पर कोच महिपाल सिंह, सुनील कोच, सचिन, भूवदेव, रचना परमार, अजीत, अत्तर सिंह, नरेंद्र, देवेंद्र, मुन्ना, पंकज आदि मौजूद रहे।