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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के साथ मनाया विश्व स्तनपान सप्ताह
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चंडीगढ़। प्रदेश में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशन व मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा की तरफ से विश्व स्तनपान सप्ताह अभियान चलाया गया। इस के तहत राज्य में शिशुओं और माताओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्तनपान का महत्व, संरक्षित करने और समर्थन करवाना था।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक मां को अपनी इच्छानुसार स्तनपान कराने के लिए आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराना है। राज्य ने स्तनपान को बढ़ावा देने के प्रयासों को तेज करने के लिए 2016 से मदर एब्सोल्यूट अफेक्शन (एमएए) कार्यक्रम लागू किया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य ने पीजीआईएमएस रोहतक में व्यापक स्तनपान प्रबंधन इकाई स्थापित करने की भी पहल की है। स्तनपान की प्रारंभिक शुरुआत में 90 फीसदी से अधिक का प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिया है।
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आशा कार्यकर्ताओं की ओर से कुल मिलाकर 28,392 घर-घर जाकर स्तनपान की जल्द शुरुआत को बढ़ावा दिया गया। 439 प्रसव स्थलों पर, स्तनपान की शीघ्र शुरुआत, सहायता और परामर्श तय करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए। 84,599 माताओं इनमें गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं शामिल हैं। उन्हें स्तनपान शुरू करने और केवल स्तनपान कराने के लिए परामर्श दिया गया।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक मां को अपनी इच्छानुसार स्तनपान कराने के लिए आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराना है। राज्य ने स्तनपान को बढ़ावा देने के प्रयासों को तेज करने के लिए 2016 से मदर एब्सोल्यूट अफेक्शन (एमएए) कार्यक्रम लागू किया है।
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मंत्री ने बताया कि राज्य ने पीजीआईएमएस रोहतक में व्यापक स्तनपान प्रबंधन इकाई स्थापित करने की भी पहल की है। स्तनपान की प्रारंभिक शुरुआत में 90 फीसदी से अधिक का प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिया है।
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आशा कार्यकर्ताओं की ओर से कुल मिलाकर 28,392 घर-घर जाकर स्तनपान की जल्द शुरुआत को बढ़ावा दिया गया। 439 प्रसव स्थलों पर, स्तनपान की शीघ्र शुरुआत, सहायता और परामर्श तय करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए। 84,599 माताओं इनमें गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं शामिल हैं। उन्हें स्तनपान शुरू करने और केवल स्तनपान कराने के लिए परामर्श दिया गया।