{"_id":"6839bac0eb8bed657a0562c4","slug":"tobacco-consumption-increases-the-burden-of-cancer-in-haryana-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1010-723925-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: तंबाकू के सेवन से हरियाणा में बढ़ा कैंसर का बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: तंबाकू के सेवन से हरियाणा में बढ़ा कैंसर का बोझ
विज्ञापन
हरियाणा में 29.1 फीसदी लोग तंबाकू का करते हैं सेवन
2024 में 30,475 मरीज मिले थे, इनमें से 30 फीसदी तंबाकू का सेवन करने वाले थे
चंडीगढ़। तंबाकू का सेवन हरियाणा में कैंसर का बोझ बढ़ा रहा है। राज्य में हर साल कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं, जिनमें 30 फीसदी मरीज तंबाकू का सेवन करने वाले होते हैं। 2024 में राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर के 30,475 मरीज मिले। 2023 में 29,437 कैंसर के मरीज विभिन्न अस्पतालों में दाखिल हुए। इनमें भी मुंह और फेफड़े के कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज मिले। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक हरियाणा में 29.1 फीसदी पुरुष और 2.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं।
हरियाणा में तंबाकू की बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे हुक्का भी एक प्रमुख कारण रहा है। राज्य के तमाम गांवों में हुक्का सामाजिक भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यहां तक कि हरियाणा में लगने वाली चौपालों में यह अहम स्थान रखता है। हुक्का पीने की आदत से राज्य में अब हुक्का बार तक खुल गए हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने हुक्का बार पर प्रतिबंध लगा रखा है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से स्कूलों से लेकर गांवों तक तंबाकू खाने-पीने को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर ध्रूमपान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान तक काटे जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष कितने चालान हुए
2015-16 - 3772
2016-17 - 3879
2017-18 - 3017
2018-19 - 3528
2019-20 - 3643
2020-21 - 1486
2021-22 - 4964
2022-23 - 9301
2023-24 - 12,446
2024-25 - 8081
नोट : सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (सीओटीपीए 2003) के तहत सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान निषेध है। इसकी उल्लंघना पर दस रुपये से लेकर 200 रुपये तक का जुर्माना है।
विज्ञापन
लत छुड़वाने के लिए खोले गए तंबाकू मुक्ति केंद्र
हरियाणा सरकार ने तंबाकू की लत छुड़वाने के लिए तंबाकू मुक्ति केंद्र खोले हुए हैं। इन केंद्रों में मरीज अपनी लत छुड़वा सकते हैं। सभी जिला अस्पतालों में खोले गए इन केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 2021-22 में 1259, 2022-23 में 2757, 2023-24 में 11,700 और 2024-25 में कुल 19,729 मरीज पहुंचे थे, ऐसे में हरियाणा सरकार ने सभी सातों मेडिकल कॉलेजों में भी तंबाकू मुक्ति केंद्र खोल दिए हैं। वहीं, अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी ये केंद्र खोले जाएंगे।
हरियाणा के 188 कॉलेज तंबाकू फ्री
हरियाणा में कुल 388 कॉलेज व यूनिवर्सिटी हैं। इनमें से 188 संस्थानों को तंबाकू मुक्त किया जा चुका है। बाकी के 200 शैक्षणिक संस्थानों को भी इसी साल तंबाकू मुक्त किया जाएगा। इसके लिए मानदंड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बताया, हमने सभी स्कूल व कॉलेजों को 100 प्रतिशत धूम्रपान मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। चंडीगढ़ की तर्ज पर शिक्षण परिसर में धूम्रपान करने पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को धूम्रपान से बचाना है। कॉलेजों में धूम्रपान करते पकड़े जाने पर छात्रों के निष्कासन व अन्य सख्त कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
2024 में 30,475 मरीज मिले थे, इनमें से 30 फीसदी तंबाकू का सेवन करने वाले थे
चंडीगढ़। तंबाकू का सेवन हरियाणा में कैंसर का बोझ बढ़ा रहा है। राज्य में हर साल कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं, जिनमें 30 फीसदी मरीज तंबाकू का सेवन करने वाले होते हैं। 2024 में राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर के 30,475 मरीज मिले। 2023 में 29,437 कैंसर के मरीज विभिन्न अस्पतालों में दाखिल हुए। इनमें भी मुंह और फेफड़े के कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज मिले। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक हरियाणा में 29.1 फीसदी पुरुष और 2.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं।
हरियाणा में तंबाकू की बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे हुक्का भी एक प्रमुख कारण रहा है। राज्य के तमाम गांवों में हुक्का सामाजिक भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यहां तक कि हरियाणा में लगने वाली चौपालों में यह अहम स्थान रखता है। हुक्का पीने की आदत से राज्य में अब हुक्का बार तक खुल गए हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने हुक्का बार पर प्रतिबंध लगा रखा है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से स्कूलों से लेकर गांवों तक तंबाकू खाने-पीने को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर ध्रूमपान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान तक काटे जा रहे हैं।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष कितने चालान हुए
2015-16 - 3772
2016-17 - 3879
2017-18 - 3017
2018-19 - 3528
2019-20 - 3643
2020-21 - 1486
2021-22 - 4964
2022-23 - 9301
2023-24 - 12,446
2024-25 - 8081
नोट : सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (सीओटीपीए 2003) के तहत सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान निषेध है। इसकी उल्लंघना पर दस रुपये से लेकर 200 रुपये तक का जुर्माना है।
विज्ञापन
लत छुड़वाने के लिए खोले गए तंबाकू मुक्ति केंद्र
हरियाणा सरकार ने तंबाकू की लत छुड़वाने के लिए तंबाकू मुक्ति केंद्र खोले हुए हैं। इन केंद्रों में मरीज अपनी लत छुड़वा सकते हैं। सभी जिला अस्पतालों में खोले गए इन केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 2021-22 में 1259, 2022-23 में 2757, 2023-24 में 11,700 और 2024-25 में कुल 19,729 मरीज पहुंचे थे, ऐसे में हरियाणा सरकार ने सभी सातों मेडिकल कॉलेजों में भी तंबाकू मुक्ति केंद्र खोल दिए हैं। वहीं, अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी ये केंद्र खोले जाएंगे।
हरियाणा के 188 कॉलेज तंबाकू फ्री
हरियाणा में कुल 388 कॉलेज व यूनिवर्सिटी हैं। इनमें से 188 संस्थानों को तंबाकू मुक्त किया जा चुका है। बाकी के 200 शैक्षणिक संस्थानों को भी इसी साल तंबाकू मुक्त किया जाएगा। इसके लिए मानदंड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बताया, हमने सभी स्कूल व कॉलेजों को 100 प्रतिशत धूम्रपान मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। चंडीगढ़ की तर्ज पर शिक्षण परिसर में धूम्रपान करने पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को धूम्रपान से बचाना है। कॉलेजों में धूम्रपान करते पकड़े जाने पर छात्रों के निष्कासन व अन्य सख्त कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है।