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Chandigarh-Haryana News: हिसार हवाई अड्डा क्षेत्र में भी संकट, औसतन 80 टैंकर भी नहीं पर्याप्त
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अभी 19 मई तक प्रदेश में जल संकट रहेगा, ऐसे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग भी चितिंत
चंडीगढ़। हरियाणा में जारी जल संकट ने जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है। हालात यह हैं कि नहरी पानी का भारी टोटा बना हुआ है। ऐसे में नहरी पानी वाले क्षेत्रों में भी नलकूप मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है। चिंताजनक बात तो यह है कि हिसार के हवाई अड्डा क्षेत्र में भी पानी का संकट है।
पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि औसतन प्रत्येक जिले में कहीं 80 से 100 तो कई जिलों में 150 से 200 तक की संख्या में टैंकरों की मांग सामने आ रही है। नहरी पानी के अभाव में यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वेस्टर्न यमुना कैनाल यानी डब्ल्यूजेसी और भाखड़ा नंगल डैम से होने वाली पेयजल आपूर्ति वाले 13 जिलों में जल संकट बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में 19 मई तक जल संकट है, पंजाब सरकार ने 20 मई से पानी छोड़ने की बात कही है। इसलिए सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के लिए आगामी छह से सात दिन चुनाैतीपूर्ण रहने वाले हैं। प्रदेश के कुल 1613 जलघरों में पानी की कमी है, ऐसे में प्रदेश के शहरों में भी कहीं एक दिन छोड़कर तो कहीं नहरी पानी दो दिन बाद आ रहा है।
हिसार हवाई अड्डा क्षेत्र में 25 प्रतिशत पानी
पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हिसार में भाखड़ा से पानी की आपूर्ति होती है। हिसार घोड़ा फार्म हाउस क्षेत्र (जीएलएफ) हो या फिर हवाई अड्डा क्षेत्र, यहां नहरी पानी की बात करें तो केवल 0-25 प्रतिशत ही पानी शेष बचा है। पेयजल आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों का तो यह भी कहना है कि आने वाले तीन दिन और परेशानी वाले होंगे, क्योंकि जहां 25 प्रतिशत पानी है वहां और परेशानी होगी।
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चंडीगढ़। हरियाणा में जारी जल संकट ने जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है। हालात यह हैं कि नहरी पानी का भारी टोटा बना हुआ है। ऐसे में नहरी पानी वाले क्षेत्रों में भी नलकूप मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है। चिंताजनक बात तो यह है कि हिसार के हवाई अड्डा क्षेत्र में भी पानी का संकट है।
पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि औसतन प्रत्येक जिले में कहीं 80 से 100 तो कई जिलों में 150 से 200 तक की संख्या में टैंकरों की मांग सामने आ रही है। नहरी पानी के अभाव में यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वेस्टर्न यमुना कैनाल यानी डब्ल्यूजेसी और भाखड़ा नंगल डैम से होने वाली पेयजल आपूर्ति वाले 13 जिलों में जल संकट बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में 19 मई तक जल संकट है, पंजाब सरकार ने 20 मई से पानी छोड़ने की बात कही है। इसलिए सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के लिए आगामी छह से सात दिन चुनाैतीपूर्ण रहने वाले हैं। प्रदेश के कुल 1613 जलघरों में पानी की कमी है, ऐसे में प्रदेश के शहरों में भी कहीं एक दिन छोड़कर तो कहीं नहरी पानी दो दिन बाद आ रहा है।
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हिसार हवाई अड्डा क्षेत्र में 25 प्रतिशत पानी
पेयजल आपूर्ति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हिसार में भाखड़ा से पानी की आपूर्ति होती है। हिसार घोड़ा फार्म हाउस क्षेत्र (जीएलएफ) हो या फिर हवाई अड्डा क्षेत्र, यहां नहरी पानी की बात करें तो केवल 0-25 प्रतिशत ही पानी शेष बचा है। पेयजल आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों का तो यह भी कहना है कि आने वाले तीन दिन और परेशानी वाले होंगे, क्योंकि जहां 25 प्रतिशत पानी है वहां और परेशानी होगी।
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