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सवालों से भागती रही सरकार, एक भी स्थगन, काम रोको प्रस्ताव मंजूर नहीं हुए : हुड्डा
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प्रस्ताव स्वीकार नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से किया वॉक आउट
सदन में कांग्रेस के सवालों और जनहित के मुद्दों से भागती नजर आई भाजपा : हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, सत्र के दौरान कांग्रेस ने किसान, बेरोजगारी, भर्ती घोटाले, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, खिलाड़ियों की मौत, एसवाईएल, चंडीगढ़ पर दावा व हेट स्पीच समेत कई मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। हुड्डा ने कहा, लेकिन सरकार ने इनमें से एक भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। हुड्डा ने सदन में जब इस बारे में पूछा तो स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कहा-आपका अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया गया था। उसी में आपके सभी मुद्दे आ गए थे। इसलिए बाकी को स्वीकार नहीं किया गया। इससे कांग्रेसी नाराज हो गए और सदन से वॉक आउट कर गए।
भूपेंद्र हुड्डा ने प्रेस वार्ता में कहा-पूरे सत्र के दौरान भाजपा सरकार सदन में कांग्रेस के सवालों और जनहित के मुद्दों से भागती नजर आई। यह पहली बार हुआ है कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया और न ही राज्य के गंभीर मुद्दों पर कोई जवाब दिया। सदन को गुमराह करते हुए विपक्ष को मूकदर्शक बनाने की बार बार कोशिश की गई और कांग्रेस ने इसलिए बार वाकआउट करना पड़ा।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी सरकार कांग्रेस के उठाए मुद्दों पर पूरी तरह खामोश रही। यहां तक कि हरियाणा सरकार चंडीगढ़ के स्टेटस को भी स्पष्ट नहीं कर पाई। हुड्डा ने कहा कि अरावली को लेकर आए नए नियमों का सबसे ज्यादा नुकसान हरियाणा को होगा। प्रदेश की भाजपा सरकार को इसका विरोध करना चाहिए था, लेकिन अवैध खनन समेत अरावली के विनाश के मुद्दे पर भी सरकार खामोश रही। एसवाईएल मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला हरियाणा के पक्ष में आ चुका है, लेकिन आज तक सरकार हरियाणा के हक का पानी नहीं ले पाई। इतना ही नहीं, इस मसले पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री से मुलाकात भी आज तक नहीं हो पाई। कांग्रेस हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए सदन के अंदर और बाहर संघर्ष जारी रखेगी।
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सदन में कांग्रेस के सवालों और जनहित के मुद्दों से भागती नजर आई भाजपा : हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, सत्र के दौरान कांग्रेस ने किसान, बेरोजगारी, भर्ती घोटाले, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, खिलाड़ियों की मौत, एसवाईएल, चंडीगढ़ पर दावा व हेट स्पीच समेत कई मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। हुड्डा ने कहा, लेकिन सरकार ने इनमें से एक भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। हुड्डा ने सदन में जब इस बारे में पूछा तो स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कहा-आपका अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया गया था। उसी में आपके सभी मुद्दे आ गए थे। इसलिए बाकी को स्वीकार नहीं किया गया। इससे कांग्रेसी नाराज हो गए और सदन से वॉक आउट कर गए।
भूपेंद्र हुड्डा ने प्रेस वार्ता में कहा-पूरे सत्र के दौरान भाजपा सरकार सदन में कांग्रेस के सवालों और जनहित के मुद्दों से भागती नजर आई। यह पहली बार हुआ है कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया और न ही राज्य के गंभीर मुद्दों पर कोई जवाब दिया। सदन को गुमराह करते हुए विपक्ष को मूकदर्शक बनाने की बार बार कोशिश की गई और कांग्रेस ने इसलिए बार वाकआउट करना पड़ा।
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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी सरकार कांग्रेस के उठाए मुद्दों पर पूरी तरह खामोश रही। यहां तक कि हरियाणा सरकार चंडीगढ़ के स्टेटस को भी स्पष्ट नहीं कर पाई। हुड्डा ने कहा कि अरावली को लेकर आए नए नियमों का सबसे ज्यादा नुकसान हरियाणा को होगा। प्रदेश की भाजपा सरकार को इसका विरोध करना चाहिए था, लेकिन अवैध खनन समेत अरावली के विनाश के मुद्दे पर भी सरकार खामोश रही। एसवाईएल मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला हरियाणा के पक्ष में आ चुका है, लेकिन आज तक सरकार हरियाणा के हक का पानी नहीं ले पाई। इतना ही नहीं, इस मसले पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री से मुलाकात भी आज तक नहीं हो पाई। कांग्रेस हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए सदन के अंदर और बाहर संघर्ष जारी रखेगी।
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