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Chandigarh-Haryana News: निकाय विभाग 9158 पद भरेगा, वित्त विभाग में पहुंचा मामला
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चंडीगढ़। हरियाणा में शहरी स्थानीय निकाय विभाग रिक्त पदों को भरेगा। युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) की प्रक्रिया के बाद विभाग ने रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेज दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। वित्त विभाग की हरी झंडी मिलते ही आगामी कुछ माह के अंदर निकाय विभाग में 9158 पदों पर भर्ती होगी। निकाय विभाग में नए अधिकारी-कर्मचारियों की भर्ती के बाद वार्षिक 610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वेतन-भत्तों पर होगा।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग में फिलहाल 31,533 स्वीकृत पद हैं। वर्तमान में अधिकारियों-कर्मचारियों पर वार्षिक करीब 1290 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। हरियाणा के सभी 22 जिलों में 87 निकाय संस्थाएं हैं। निकाय विभाग में कर्मचारियों की कमी है। शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ है, लेकिन कर्मचारी कम हैं। इससे निकायों के काम प्रभावित होते हैं। संपत्तिकर जुटाने से लेकर सफाई कर्मचारियों की कमी से विभाग जूझ रहा है। निकाय विभाग की योजना है कि अनावश्यक पदों को समाप्त किया जाए और जरूरत के अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरा जाए। ग्रुप ए और बी के पदों को लोक सेवा आयोग और ग्रुप सी और डी के पदों को भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को ब्योरा भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया में छह से 10 माह तक का समय लगने के आसार हैं।
निदेशालय से लेकर नगर आयुक्त कार्यालयों में भी पद बढ़ेंगे
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में फिलहाल 195 पद हैं। अब इनमें बढ़ोतरी करके 335 पद करने की योजना है। इसी तरह से प्रदेश में जिला नगर आयुक्तों के 21 कार्यालय हैं, इनमें पदों की संख्या बढ़ाकर 504 करने की योजना है। पदों की बढ़ोतरी के बाद करीब 49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। प्रदेश के अन्य निकायों में 8654 पदों को भरा जाएगा और इस पर वार्षिक खर्च करीब 561 करोड़ होगा।
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निकायों को वित्तीय लाभ भी होगा
रिक्त पदों पर भर्ती होने की स्थिति में आमजन के कार्यों में तेजी आएगी और निकायों की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा। निकाय विभाग के ब्योरे के अनुसार निकायों को संपत्तिकर, विकास शुल्क, विज्ञापन अनुमति शुल्क, जुर्माना एवं दंड मदों से 1100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व मिल सकेगा। इसके अलावा मनोरंजन शुल्क, रोड कट शुल्क, मोबाइल टावर शुल्क, केबल बिछाने का शुल्क, संपत्तियों के किराये में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। स्वच्छता के कार्यों में और सुधार होगा।
निकायों में जनसंख्या के आधार पर पद प्रस्तावित किए गए
प्रदेश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों गुरुग्राम और फरीदाबाद में 507 पद प्रस्तावित किए गए हैं। तीन लाख से छह लाख की जनसंख्या श्रेणी में शामिल यमुनानगर, रोहतक, करनाल, हिसार, सोनीपत, पंचकूला, अंबाला व मानेसर में 2800 पद प्रस्तावित हैं। इसी तरह जनसंख्या के अनुसार नगर परिषदों व नगर पालिकाओं का ब्योरा भी तैयार किया गया है।
निकायों में जल्द पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। कर्मचारियों की कमी के कारण निकायों के कार्य प्रभावित होने से पेरशानी होती है। पदों को भरने से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
- विपुल गोयल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग में फिलहाल 31,533 स्वीकृत पद हैं। वर्तमान में अधिकारियों-कर्मचारियों पर वार्षिक करीब 1290 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। हरियाणा के सभी 22 जिलों में 87 निकाय संस्थाएं हैं। निकाय विभाग में कर्मचारियों की कमी है। शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ है, लेकिन कर्मचारी कम हैं। इससे निकायों के काम प्रभावित होते हैं। संपत्तिकर जुटाने से लेकर सफाई कर्मचारियों की कमी से विभाग जूझ रहा है। निकाय विभाग की योजना है कि अनावश्यक पदों को समाप्त किया जाए और जरूरत के अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरा जाए। ग्रुप ए और बी के पदों को लोक सेवा आयोग और ग्रुप सी और डी के पदों को भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को ब्योरा भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया में छह से 10 माह तक का समय लगने के आसार हैं।
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निदेशालय से लेकर नगर आयुक्त कार्यालयों में भी पद बढ़ेंगे
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में फिलहाल 195 पद हैं। अब इनमें बढ़ोतरी करके 335 पद करने की योजना है। इसी तरह से प्रदेश में जिला नगर आयुक्तों के 21 कार्यालय हैं, इनमें पदों की संख्या बढ़ाकर 504 करने की योजना है। पदों की बढ़ोतरी के बाद करीब 49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। प्रदेश के अन्य निकायों में 8654 पदों को भरा जाएगा और इस पर वार्षिक खर्च करीब 561 करोड़ होगा।
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निकायों को वित्तीय लाभ भी होगा
रिक्त पदों पर भर्ती होने की स्थिति में आमजन के कार्यों में तेजी आएगी और निकायों की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा। निकाय विभाग के ब्योरे के अनुसार निकायों को संपत्तिकर, विकास शुल्क, विज्ञापन अनुमति शुल्क, जुर्माना एवं दंड मदों से 1100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व मिल सकेगा। इसके अलावा मनोरंजन शुल्क, रोड कट शुल्क, मोबाइल टावर शुल्क, केबल बिछाने का शुल्क, संपत्तियों के किराये में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। स्वच्छता के कार्यों में और सुधार होगा।
निकायों में जनसंख्या के आधार पर पद प्रस्तावित किए गए
प्रदेश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों गुरुग्राम और फरीदाबाद में 507 पद प्रस्तावित किए गए हैं। तीन लाख से छह लाख की जनसंख्या श्रेणी में शामिल यमुनानगर, रोहतक, करनाल, हिसार, सोनीपत, पंचकूला, अंबाला व मानेसर में 2800 पद प्रस्तावित हैं। इसी तरह जनसंख्या के अनुसार नगर परिषदों व नगर पालिकाओं का ब्योरा भी तैयार किया गया है।
निकायों में जल्द पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। कर्मचारियों की कमी के कारण निकायों के कार्य प्रभावित होने से पेरशानी होती है। पदों को भरने से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
- विपुल गोयल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री