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मुंबई में बिजली निजीकरण के एजेंडे पर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट का होगा विरोध : सुभाष लांबा
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- नहीं माने तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) ने 4 और 5 नवंबर को मुंबई में आयोजित होने वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। समिति का कहना है कि यह मीट विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकारें निजीकरण की नीतियां वापस नहीं लेतीं तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। यूपी में 312 दिन से चल रहे बिजली कर्मियों के आंदोलन को समिति ने ऐतिहासिक करार दिया और समर्थन का आश्वासन दिया।
इलेक्ट्रिसिटी इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि यह मीट टाटा पावर, बीएसईएस रिलायंस पावर और इंडियन स्मार्ट ग्रिड फोरम जैसे निजी घरानों द्वारा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एनसीसीओईईई देशभर में बिजली निजीकरण की जनविरोधी नीतियों विशेषकर उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी।
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एनसीसीओईईई की ऑनलाइन बैठक में तय हुआ कि हजारों बिजली कर्मी मुंबई के सहारा स्टार होटल के बाहर प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही देश के सभी राज्यों में भी 4 और 5 नवंबर को विरोध प्रदर्शन होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) ने 4 और 5 नवंबर को मुंबई में आयोजित होने वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। समिति का कहना है कि यह मीट विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकारें निजीकरण की नीतियां वापस नहीं लेतीं तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। यूपी में 312 दिन से चल रहे बिजली कर्मियों के आंदोलन को समिति ने ऐतिहासिक करार दिया और समर्थन का आश्वासन दिया।
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इलेक्ट्रिसिटी इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि यह मीट टाटा पावर, बीएसईएस रिलायंस पावर और इंडियन स्मार्ट ग्रिड फोरम जैसे निजी घरानों द्वारा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एनसीसीओईईई देशभर में बिजली निजीकरण की जनविरोधी नीतियों विशेषकर उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी।
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एनसीसीओईईई की ऑनलाइन बैठक में तय हुआ कि हजारों बिजली कर्मी मुंबई के सहारा स्टार होटल के बाहर प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही देश के सभी राज्यों में भी 4 और 5 नवंबर को विरोध प्रदर्शन होंगे।