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हरियाणा में अतिथि अध्यापकों को झटका: सरकार ने खारिज की नियमितीकरण की मांग, क्या बोला संघ?
Mon, 02 Nov 2026 07:19 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 02 Nov 2026 07:19 PM IST
सार
अध्यापक नेताओं ने कहा अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति हरियाणा सरकार के आदेशों के तहत गठित कमेटियों ने मेरिट के आधार पर की थी। कॉलेज कैडर के अतिथि प्राध्यापकों को इसी नीति के तहत नियमित किया जा चुका है।
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प्रदर्शन करते अनुबंधित अध्यापक
- फोटो : संवाद
विस्तार
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अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के दौरान इनकार हो गया। इस दौरान सरकार की ओर से शिक्षा विभाग की तरफ से जारी स्पीकिंग ऑर्डर का हवाला देते हुए 10,757 अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से इनकार कर दिया।
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अनुबंधित अध्यापक संघ ने किया प्रदर्शन का एलान
इसके बाद राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने 14 और 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन करने का एलान किया है। संघ प्रदेशभर में अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के संबंध में जारी नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाकर विरोध जताएगा। उधर, नियमितीकरण की मांग को लेकर लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र में संघ का धरना 134वें दिन भी जारी रहा। मेवा सिंह पिलानिया की अध्यक्षता में चल रहे धरने पर सोमवार को जिला भिवानी के अतिथि अध्यापकों ने 24 घंटे के लिए मोर्चा संभाला।
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राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया, ईश्वर बरवाला और महेश शर्मा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के खिलाफ नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर जारी किए हैं। उनका दावा है कि 16 और 18 जून 2014 की तीन साल की नियमितीकरण नीति में ऐसी कोई शर्त नहीं है, जिसके आधार पर अतिथि अध्यापकों को अपात्र बताया जा सके।
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अध्यापक नेताओं ने कहा कि अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति हरियाणा सरकार के आदेशों के तहत गठित कमेटियों ने मेरिट के आधार पर की थी। कॉलेज कैडर के अतिथि प्राध्यापकों को इसी नीति के तहत नियमित किया जा चुका है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा। संघ ने स्पष्ट किया कि सभी अतिथि अध्यापकों के नियमित होने तक कुरुक्षेत्र में धरना जारी रहेगा।