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Chandigarh-Haryana News: एसटीएफ ने छह माह में 337 बदमाश दबोचे
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-इनमें 58 इनामी बदमाश, 101 गैंगस्टरों व गैंग के सदस्य और 178 जघन्य अपराधी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने छह माह में 58 इनामी बदमाश, 101 गैंगस्टरों व गैंग के सदस्य और 178 जघन्य अपराधियों सहित कुल 337 बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। वहीं, 2024 में छह माह के अंदर 100 इनामी अपराधी, 29 गैंगस्टर व गैंग सदस्य और 227 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2023 में 175 गिरफ्तारियां हुई थी। इसके साथ एसटीएफ मुख्यालय में दो विंग की स्थापना की गई है।
एसटीएफ ने 2023 में 200 आरोपियों की गिरफ्तारी के मुकाबले वर्ष 2024 में 397 अपराधियों को दबोचा है, जोकि 98 फीसदी वृद्धि है। यह एसटीएफ ने हत्या, अपहरण, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में तेज कार्रवाई की है। वहीं, गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी 2023 के 69 से घटकर 2024 में 58 रही। मुख्यालय से लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन), इंटरपोल संदर्भ, पासपोर्ट निरस्तीकरण और अस्थायी गिरफ्तारी अनुरोधों के माध्यम से 10 कुख्यात गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण व निर्वासन किया गया। एसटीएफ की फील्ड इकाइयों को अत्याधुनिक संसाधन जैसे हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट्स और विशेष वाहनों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही ईगल और सॉफ्टवेयर के माध्यम से संगठित अपराधियों और गैंगस्टरों का विस्तृत डेटा संग्रह किया गया है। आधुनिकीकरण की दिशा में उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर और सर्वरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। साथ ही डीआरडीओ के सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च द्वारा विकसित डार्क वेब सर्च और विश्लेषण समाधानों तक एसटीएफ की पहुंच तय की गई है।
एसटीएफ के आईजी सिमरदीप सिंह ने बताया कि एसटीएफ मुख्यालय में एक इंटेलिजेंस एवं विश्लेषण विंग व वित्तीय खुफिया इकाई का गठन किया गया है, जिससे आर्थिक अपराधों पर निगरानी और तेजी से कार्रवाई हो सके। एसटीएफ ने तकनीक आधारित अपराधों की चुनौती को देखते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसमें सर्विलांस तकनीक, डार्क वेब विश्लेषण, साइबर संकेतकों की पहचान और जांच में साइबर टूल्स के उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आयोजित किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने छह माह में 58 इनामी बदमाश, 101 गैंगस्टरों व गैंग के सदस्य और 178 जघन्य अपराधियों सहित कुल 337 बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। वहीं, 2024 में छह माह के अंदर 100 इनामी अपराधी, 29 गैंगस्टर व गैंग सदस्य और 227 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2023 में 175 गिरफ्तारियां हुई थी। इसके साथ एसटीएफ मुख्यालय में दो विंग की स्थापना की गई है।
एसटीएफ ने 2023 में 200 आरोपियों की गिरफ्तारी के मुकाबले वर्ष 2024 में 397 अपराधियों को दबोचा है, जोकि 98 फीसदी वृद्धि है। यह एसटीएफ ने हत्या, अपहरण, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में तेज कार्रवाई की है। वहीं, गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी 2023 के 69 से घटकर 2024 में 58 रही। मुख्यालय से लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन), इंटरपोल संदर्भ, पासपोर्ट निरस्तीकरण और अस्थायी गिरफ्तारी अनुरोधों के माध्यम से 10 कुख्यात गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण व निर्वासन किया गया। एसटीएफ की फील्ड इकाइयों को अत्याधुनिक संसाधन जैसे हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट्स और विशेष वाहनों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही ईगल और सॉफ्टवेयर के माध्यम से संगठित अपराधियों और गैंगस्टरों का विस्तृत डेटा संग्रह किया गया है। आधुनिकीकरण की दिशा में उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर और सर्वरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। साथ ही डीआरडीओ के सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च द्वारा विकसित डार्क वेब सर्च और विश्लेषण समाधानों तक एसटीएफ की पहुंच तय की गई है।
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एसटीएफ के आईजी सिमरदीप सिंह ने बताया कि एसटीएफ मुख्यालय में एक इंटेलिजेंस एवं विश्लेषण विंग व वित्तीय खुफिया इकाई का गठन किया गया है, जिससे आर्थिक अपराधों पर निगरानी और तेजी से कार्रवाई हो सके। एसटीएफ ने तकनीक आधारित अपराधों की चुनौती को देखते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसमें सर्विलांस तकनीक, डार्क वेब विश्लेषण, साइबर संकेतकों की पहचान और जांच में साइबर टूल्स के उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आयोजित किया गया।
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