Punjab: गुरुद्वारा साहिब में चली गोलियां, वारिस पंजाब दे के दो गुट भिड़े; पांच कार्यकर्ता घायल
भोग के दौरान दोनों गुटों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद आरोप है कि जगदीप सिंह जग्गा पक्ष ने 12 बोर राइफलों से फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में पांच कार्यकर्ता घायल हो गए।
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तरनतारन जिले के गांव उबोके में मंगलवार को धार्मिक मेले के दौरान गुरुद्वारा साहिब परिसर में अकाली दल वारिस पंजाब दे के दो गुटों के बीच खूनी टकराव हो गया। विवाद के दौरान हुई गोलीबारी में पार्टी के पांच कार्यकर्ता घायल हो गए।
10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब और पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें गांव उबोके निवासी जगदीप सिंह जग्गा प्रमुख आरोपी है।
पुलिस के अनुसार, पार्टी नेता हरप्रीत सिंह खालसा पट्टी विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं जबकि जगदीप सिंह जग्गा का गुट उनका विरोध करता है। गांव उबोके के गुरुद्वारा साहिब में वार्षिक मेले के अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब का भोग रखा गया था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरप्रीत सिंह खालसा को भी बुलाया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोग के दौरान दोनों गुटों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद आरोप है कि जगदीप सिंह जग्गा पक्ष ने 12 बोर राइफलों से फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में हरप्रीत सिंह खालसा गुट के गुरसाहिब सिंह, नरिंदरपाल सिंह, गांव के पूर्व सरपंच हरजिंदर सिंह समेत पांच लोग घायल हो गए। गोलियां चलते ही गुरुद्वारा साहिब में मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घायलों को पहले केरों अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल तरनतारन रेफर किया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह, थाना सिटी पट्टी के एसएचओ विपन कुमार और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी (जांच) रिपुतपन सिंह ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जगदीप सिंह जग्गा और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
विवाद की वजह और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार दोनों गुट अकाली दल वारिस पंजाब दे से जुड़े हैं। हरप्रीत सिंह खालसा की राजनीतिक सक्रियता को लेकर दोनों पक्षों में पहले से मतभेद बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने गुरुद्वारा साहिब और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।