{"_id":"6ae2f8400654c8834d058a01","slug":"roadways-services-in-haryana-will-remain-suspended-on-november-5-and-6-2026-10-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: दो दिन रोडवेज बसों का चक्का जाम, लंबित मांगों पर कर्मचारियों का प्रदर्शन; लोगों को हो सकती है परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: दो दिन रोडवेज बसों का चक्का जाम, लंबित मांगों पर कर्मचारियों का प्रदर्शन; लोगों को हो सकती है परेशानी
Thu, 29 Oct 2026 01:09 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:09 PM IST
सार
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पांच और छह नवंबर को चक्का जाम करने का एलान किया है जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ सकती है।
विज्ञापन
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा और समस्त यूनियनों ने 5 और 6 नवंबर को राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों को लागू न करने और विभाग के निजीकरण के विरोध में की जा रही है। इसमें हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो और 13 सब-डिपो के करीब 20 हजार कर्मचारी शामिल होंगे।
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ (बीएमएस) के प्रदेश मंत्री अमित महराना ने बताया कि वर्ष 2018 से रोडवेज कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। सरकार द्वारा इन मांगों को लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष है। महराना ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक-परिचालकों का वेतनमान बढ़ाना शामिल है।
इसके साथ ही दिवाली बोनस देना और 33 अर्जित अवकाश बहाल करना भी मुख्य मांगें हैं। कर्मचारियों को 30 रुपये रात्रि भत्ता, बिना शर्त ओवरटाइम और चार घंटे की ड्यूटी पर एक विश्राम भी चाहिए। वॉशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करने की भी मांग की गई है। कर्मचारी रोडवेज विभाग के निजीकरण की नीतियों का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के संबंध में 23 अक्तूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ (बीएमएस) के प्रदेश मंत्री अमित महराना ने बताया कि वर्ष 2018 से रोडवेज कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। सरकार द्वारा इन मांगों को लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष है। महराना ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक-परिचालकों का वेतनमान बढ़ाना शामिल है।
विज्ञापन
इसके साथ ही दिवाली बोनस देना और 33 अर्जित अवकाश बहाल करना भी मुख्य मांगें हैं। कर्मचारियों को 30 रुपये रात्रि भत्ता, बिना शर्त ओवरटाइम और चार घंटे की ड्यूटी पर एक विश्राम भी चाहिए। वॉशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करने की भी मांग की गई है। कर्मचारी रोडवेज विभाग के निजीकरण की नीतियों का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के संबंध में 23 अक्तूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था।
विज्ञापन
Trending Videos
कर्मचारियों की मांगों में वेतन वृद्धि सबसे ऊपर है। दिवाली बोनस और अर्जित अवकाश की बहाली भी महत्वपूर्ण है। रात्रि भत्ता और ओवरटाइम बिना किसी शर्त के देने की मांग की गई है। चार घंटे की ड्यूटी के बाद एक विश्राम और वॉशिंग भत्ता भी शामिल है।
सरकार को चेतावनी
हरियाणा सरकार से लंबित मांगों को स्वीकार कर अधिसूचनाएं जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है। महराना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों को लागू नहीं किया, तो जनता को असुविधा होगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के राजस्व को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
सरकार को चेतावनी
हरियाणा सरकार से लंबित मांगों को स्वीकार कर अधिसूचनाएं जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है। महराना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों को लागू नहीं किया, तो जनता को असुविधा होगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के राजस्व को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।