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Haryana: नवविवाहित पुरुषों को मूल फैमिली आईडी में जोड़ने का प्रावधान लागू, यह है प्रकिया
Wed, 24 Jun 2026 05:34 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 24 Jun 2026 05:34 PM IST
सार
डॉ. खोला ने प्रभावित परिवारों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने की अपील की और कहा कि सरकार पीपीपी प्रणाली को और पारदर्शी, सरल व जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।
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परिवार पहचान पत्र
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
राज्य सरकार ने परिवार पहचान पत्र प्रणाली में एक बड़ी राहत देते हुए नया प्रावधान लागू किया है। इसके तहत वे नवविवाहित पुरुष, जो विवाह पंजीकरण के समय अपनी ससुराल की फैमिली आईडी में जुड़ गए थे, अब पुनः अपने मूल परिवार की फैमिली आईडी में शामिल हो सकेंगे।
पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि इस फैसले से हजारों परिवारों को फायदा होगा और फैमिली आईडी से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं हल होंगी। उन्होंने कहा कि जिन पुरुषों का नाम किसी वजह से ससुराल की आईडी में दर्ज हो गया है, वे अब अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ सकेंगे।
यह है प्रक्रिया
संबंधित व्यक्ति को अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज करवानी होगी। यह शिकायत फील्ड कोऑर्डिनेटर या प्रोग्रामर के माध्यम से पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिसके बाद ADC जांच कर स्वीकृति देंगे।
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पत्नी-बच्चों को लेकर स्पष्टीकरण
डॉ. खोला ने बताया कि अगर पत्नी और बच्चे अलग फैमिली आईडी में दर्ज हैं, तो स्वीकृति के बाद उन्हें भी साथ जोड़ा जा सकेगा। यदि पत्नी-बच्चे भी ससुराल की आईडी में शामिल हैं, तो पूरे परिवार को एक साथ मूल फैमिली आईडी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे परिवार के सभी सदस्य एक ही आईडी के तहत दर्ज रहेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई बाधा नहीं आएगी।
डॉ. खोला ने प्रभावित परिवारों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने की अपील की और कहा कि सरकार पीपीपी प्रणाली को और पारदर्शी, सरल व जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।
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पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि इस फैसले से हजारों परिवारों को फायदा होगा और फैमिली आईडी से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं हल होंगी। उन्होंने कहा कि जिन पुरुषों का नाम किसी वजह से ससुराल की आईडी में दर्ज हो गया है, वे अब अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ सकेंगे।
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यह है प्रक्रिया
संबंधित व्यक्ति को अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज करवानी होगी। यह शिकायत फील्ड कोऑर्डिनेटर या प्रोग्रामर के माध्यम से पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिसके बाद ADC जांच कर स्वीकृति देंगे।
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पत्नी-बच्चों को लेकर स्पष्टीकरण
डॉ. खोला ने बताया कि अगर पत्नी और बच्चे अलग फैमिली आईडी में दर्ज हैं, तो स्वीकृति के बाद उन्हें भी साथ जोड़ा जा सकेगा। यदि पत्नी-बच्चे भी ससुराल की आईडी में शामिल हैं, तो पूरे परिवार को एक साथ मूल फैमिली आईडी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे परिवार के सभी सदस्य एक ही आईडी के तहत दर्ज रहेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई बाधा नहीं आएगी।
डॉ. खोला ने प्रभावित परिवारों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने की अपील की और कहा कि सरकार पीपीपी प्रणाली को और पारदर्शी, सरल व जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।