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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Private schools owe Rs 300 crore to the government for nearly ten years

Chandigarh-Haryana News: निशुल्क शिक्षा की योजना के बकाया के लिए सरकार की तारीख पर तारीख

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134-ए: करीब दस साल से निजी स्कूलों का सरकार की तरफ 300 करोड़ रुपये बकाया
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा के लिए कांग्रेस सरकार में 134-ए नियम लागू किया गया था। इसके तहत बच्चों के दाखिले होते गए और नियमानुसार साल 2022 में योजना बंद हो गई। बावजूद इसके योजना के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली राशि पर करीब दस वर्षों से सरकार की ओर से तारीख पर तारीख मिल रही है।

134-ए के तहत प्रत्येक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल प्रत्येक कक्षा में 10 फीसदी सीटें 134-ए के लिए खाली रखनी अनिवार्य की गईं। मार्च 2022 में योजना बंद भी हो गई। प्रमोट बच्चे अभी 9वीं से 12वीं तक कक्षा में योजना के तहत पढ़ाई भी कर रहे हैं।
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प्रतिपूर्ति राशि भी बीच-बीच में बढ़ती रही
योजना के तहत शुरुआत में निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि सत्र 2015-16 से 2017-18 तक दूसरी से पांचवीं कक्षा के लिए 300 रुपये व छठीं से आठवीं कक्षा के लिए 400 रुपये व ग्रामीण स्कूलों में दूसरी से पांचवीं के लिए 200 रुपये व छठी से आठवीं के लिए 300 रुपये निर्धारित की गई। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 2020-21 तक राशि बढ़ाकर शहर के स्कूलों के लिए दूसरी से पांचवीं के लिए 500 रुपये व छठी से आठवीं कक्षा के लिए 700 रुपये व ग्रामीण स्कूलों के लिए दूसरी से पांचवीं के लिए 300 रुपये व छठी से आठवीं के लिए 500 रुपये कर दिए गए। इसके बाद सत्र 2021- 22 से वर्तमान तक शहरी स्कूलों में दूसरी से पांचवीं कक्षा के लिए 700 रुपये व छठी से आठवीं के लिए 900 रुपये व ग्रामीण स्कूलों के दूसरी से पांचवीं के लिए 500 रुपये व छठी से आठवीं के लिए 700 रुपये निर्धारित किए हुए हैं हालांकि नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए राशि अभी तक निर्धारित नहीं की गई है। वर्ष 2015-16 से वर्तमान तक एक भी पैसा पूरे प्रदेश में किसी भी निजी स्कूल को प्रतिपूर्ति के तौर पर नहीं मिला है।
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मंत्री बदलते गए, आश्वासन मिलता रहा
प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि सत्र 2015-16 के बाद शिक्षा मंत्री बने रामबिलास शर्मा, कंवरपाल गुर्जर और उसके बाद सीमा चित्रा से मिलकर गुहार लगाते रहे मगर हर बार आश्वासन ही मिला है। अब शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मिले तो उन्होंने कहा कि किसी का हक नहीं रखा जाएगा।


कोट ...
किसी योजना के तहत निशुल्क शिक्षा देने वाले निजी स्कूलों का पैसा समय-समय पर सरकार की तरफ से जारी होता रहता है। इसकी भी जांच करवा लेते हैं कि निजी स्कूलों का पैसा रुका है तो क्यों रुका हुआ है। प्रदेश में बच्चे हों या नियम से चलने वाले स्कूल, किसी का हक रोकेंगे नहीं।

महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री।
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