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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Preparations underway to open 187 more Ayushman Arogya Mandirs in the state

Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में 187 और आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की तैयारी

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प्रदेश सरकार ने 25 लाख का बजट स्वीकृत किया, एक महीने में शुरू करने का दावा
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- 538 आयुष डिस्पेंसरी व उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड करने का लक्ष्य
आशीष वर्मा

चंडीगढ़। प्रदेश की 187 और आयुष डिस्पेंसरी और उपस्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदलने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 25 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। इन आरोग्य मंदिरों में सामान्य दवाओं के साथ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से भी उपचार होगा। यदि मरीज योग करना चाहता है तो उसे योग की भी सेवाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही डायबिटीज व हाइपरटेंशन मरीजों का रिकाॅर्ड भी रखा जाएगा।
प्रदेश सरकार ने 538 आयुष डिस्पेंसरी व उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा था। इनमें से 351 आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं। बाकी बचे 187 आयुष्मान आरोग्य मंदिर अगले एक से डेढ़ महीने में खोलने का लक्ष्य है। आरोग्य मंदिर मरीजों का इलाज करने के साथ आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी देने में अहम साबित हो रहे हैं। इनमें मरीजों को घरेलू उपचार व औषधियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
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कोई आरोग्य मंदिर तभी पूर्ण माना जाता है जब उसका मूल्यांकन नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (एनएबीएच) की ओर से किया जाए। यदि आरोग्य मंदिर एनएबीएच के मापदंडों पर खरा उतरता है तो उसे संस्था की ओर से सर्टिफिकेट मिलता है। इससे यह पता चलता है कि आरोग्य मंदिर लोगों की सेवाओं के लिए तैयार है। प्रदेश सरकार ने 187 आरोग्य मंदिरों के लिए एनएबीएच की सभी शर्तें पूरी करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी जिला आयुर्वेदिक अधिकारियों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि आरोग्य मंदिरों के लिए 529 आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भर्ती हो चुकी है। आरोग्य मंदिर का लक्ष्य मरीजों को उनके घर के पास इलाज मुहैया करवाना है ताकि उन्हें बड़े अस्पताल न जाना पड़े। उम्मीद है कि अगले एक महीने के भीतर इन सभी आरोग्य मंदिरों से मरीजों को इलाज मिलने लगेगा।



आरोग्य मंदिरों में रखे जाएंगे पार्ट टाइम योग प्रशिक्षक
आरोग्य मंदिरों में पार्ट टाइम योग प्रशिक्षक भी रखे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया चल रही है। यह प्रशिक्षक आरोग्य मंदिर में आने वाले मरीजों को योग सिखाएंगे। आयुष अधिकारियों का कहना है कि आरोग्य मंदिरों का मकसद मरीजों का इलाज करने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवन शैली की ओर ले जाना है। सरकार की योजना है कि छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज आरोग्य मंदिर में हो जाए ताकि बड़े अस्पतालों में मरीजों की भीड़ को कम किया जा सके।




डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की भी होती है जांच



इन आरोग्य मंदिरों में सामान्य टेस्ट के साथ डायबिटीज व हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच भी होती है। आरोग्य मंदिरों में गर्भावस्था, नवजात व शिशु स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, बाल स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं व अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, मेंटल हेल्थ, संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और ओपीडी की सेवाएं दी जाती हैं। इन केंद्रों पर डॉक्टर, एएनएम, आशा वर्कर व फार्मासिस्ट को तैनात किया जाता है।



किस जिले में कितने आरोग्य मंदिर होंगे

अंबाला में 14, भिवानी में 25, चरखी दादरी में 36, फरीदाबाद में 32, फतेहाबाद में 16, गुरुग्राम में 21, हिसार में 41, झज्जर में 32, जींद में 21, कैथल में 46, करनाल में 26, कुरुक्षेत्र में 15, महेंद्रगढ़ 24, नूंह में 13, पलवल में 13, पंचकूला में 12, पानीपत में 16, रेवाड़ी में 20, रोहतक में 44, सिरसा में 26, सोनीपत में 30 और यमुनानगर में 15 आरोग्य मंदिर संचालित होंगे।
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