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पुलिस का दावा : 2025 में अपराध में 5.7 फीसदी की गिरावट
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हरियाणा पुलिस ने जारी किया अपराध का डाटा
दुष्कर्म के मामले 1,373 से घटकर 1,025 दर्ज किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि पिछले साल के मुकाबले 2025 में अपराध में कमी आई है। पुलिस के मुताबिक हरियाणा में आईपीसी/बीएनएस और विशेष स्थानीय कानूनों के तहत 2024 में कुल संज्ञेय अपराध 1 लाख 35 हजार 574 थे जो घटकर 1 लाख 27 हजार 850 रह गए हैं यानी अपराधों में पिछले साल के मुकाबले 5.7 फीसदी की कमी आई है। आईपीसी/बीएनएस के तहत अपराध 1 लाख 10 हजार 738 से घटकर 1 लाख 7 हजार 242 हो गए हैं यानी 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
हत्या के मामले 958 से घटकर 904 व गंभीर चोट के मामले 3,892 की तुलना में 3,524 दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने पूरे राज्य में 100 से अधिक हत्या की साजिशें नाकाम की हैं। लूट के मामले 24 फीसदी, छिनैती के 12 फीसदी से अधिक व चोरी के मामलों में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि यह गिरावट बेहतर रोकथाम और हॉटस्पॉट पर तैनाती का नतीजा है। दुष्कर्म के मामले 1,373 से घटकर 1,025 (25 प्रतिशत से अधिक कमी) तक पहुंच गए। छेड़छाड़ और दहेज हत्या के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) समेत नई कानूनी संरचना को पूरे राज्य में लागू किया।
आखिरी दो महीनों में 4000 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि आखिरी दो महीनों में 4000 से अधिक हिंसक और दोहराव वाले आरोपियों को जेल भेजकर संगठित अपराध और उगाही के नेटवर्क को कमजोर किया है। इस अवधि में लगातार निगरानी, खुफिया तंत्र और तकनीकी मदद से 100 से ज्यादा हत्या की योजनाएं नाकाम की गईं। इसके अलावा विदेशों से संचालित अंतरराज्यीय गैंगस्टरों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराया जिनके कमांड स्ट्रक्चर अब टूट चुके हैं। साइबर अपराध से लड़ाई में हरियाणा ने राष्ट्रीय नेतृत्व कायम रखा। पुलिस के मुताबिक डीएनए, साइबर-मोबाइल फोरेंसिक, बैलिस्टिक्स और नशीले पदार्थों की जांच क्षमता बढ़ाई गई। इससे गंभीर मामलों में चार्जशीट मजबूत हुईं, दोषसिद्धि की दर बढ़ी और फोरेंसिक रिपोर्टों का लंबा इंतजार कम हुआ।
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2026 की प्राथमिकताएं
हरियाणा पुलिस ने 2026 की अपनी प्राथमिकताएं भी बताई हैं। पुलिस का कहना है कि 2026 में तकनीक आधारित पुलिसिंग को और बढ़ावा दिया जाएगा। सीसीटीवी ग्रिड, एआई से अपराध मैपिंग पर जोर रहेगा। जिला साइबर इकाइयों को मजबूत किया जाएगा, डार्क वेब-क्रिप्टो अपराधों के लिए विशेष वर्टिकल्स बनेंगे, ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलेगा। फोरेंसिक क्षमता बढ़ाई जाएगी। गंभीर अपराधों में तेज और प्रभावी कार्रवाई होगी, लास्ट माइल डोमिनेशन पर जोर होगा। क्राइम हॉटस्पॉट्स नहीं बनने दिए जाएंगे। पीड़ित केंद्रित और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर रहेगा। महिलाओं-बच्चों के लिए सहायता और जन संवाद बढ़ाया जाएगा।
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दुष्कर्म के मामले 1,373 से घटकर 1,025 दर्ज किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि पिछले साल के मुकाबले 2025 में अपराध में कमी आई है। पुलिस के मुताबिक हरियाणा में आईपीसी/बीएनएस और विशेष स्थानीय कानूनों के तहत 2024 में कुल संज्ञेय अपराध 1 लाख 35 हजार 574 थे जो घटकर 1 लाख 27 हजार 850 रह गए हैं यानी अपराधों में पिछले साल के मुकाबले 5.7 फीसदी की कमी आई है। आईपीसी/बीएनएस के तहत अपराध 1 लाख 10 हजार 738 से घटकर 1 लाख 7 हजार 242 हो गए हैं यानी 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
हत्या के मामले 958 से घटकर 904 व गंभीर चोट के मामले 3,892 की तुलना में 3,524 दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने पूरे राज्य में 100 से अधिक हत्या की साजिशें नाकाम की हैं। लूट के मामले 24 फीसदी, छिनैती के 12 फीसदी से अधिक व चोरी के मामलों में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि यह गिरावट बेहतर रोकथाम और हॉटस्पॉट पर तैनाती का नतीजा है। दुष्कर्म के मामले 1,373 से घटकर 1,025 (25 प्रतिशत से अधिक कमी) तक पहुंच गए। छेड़छाड़ और दहेज हत्या के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) समेत नई कानूनी संरचना को पूरे राज्य में लागू किया।
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आखिरी दो महीनों में 4000 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि आखिरी दो महीनों में 4000 से अधिक हिंसक और दोहराव वाले आरोपियों को जेल भेजकर संगठित अपराध और उगाही के नेटवर्क को कमजोर किया है। इस अवधि में लगातार निगरानी, खुफिया तंत्र और तकनीकी मदद से 100 से ज्यादा हत्या की योजनाएं नाकाम की गईं। इसके अलावा विदेशों से संचालित अंतरराज्यीय गैंगस्टरों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराया जिनके कमांड स्ट्रक्चर अब टूट चुके हैं। साइबर अपराध से लड़ाई में हरियाणा ने राष्ट्रीय नेतृत्व कायम रखा। पुलिस के मुताबिक डीएनए, साइबर-मोबाइल फोरेंसिक, बैलिस्टिक्स और नशीले पदार्थों की जांच क्षमता बढ़ाई गई। इससे गंभीर मामलों में चार्जशीट मजबूत हुईं, दोषसिद्धि की दर बढ़ी और फोरेंसिक रिपोर्टों का लंबा इंतजार कम हुआ।
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2026 की प्राथमिकताएं
हरियाणा पुलिस ने 2026 की अपनी प्राथमिकताएं भी बताई हैं। पुलिस का कहना है कि 2026 में तकनीक आधारित पुलिसिंग को और बढ़ावा दिया जाएगा। सीसीटीवी ग्रिड, एआई से अपराध मैपिंग पर जोर रहेगा। जिला साइबर इकाइयों को मजबूत किया जाएगा, डार्क वेब-क्रिप्टो अपराधों के लिए विशेष वर्टिकल्स बनेंगे, ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलेगा। फोरेंसिक क्षमता बढ़ाई जाएगी। गंभीर अपराधों में तेज और प्रभावी कार्रवाई होगी, लास्ट माइल डोमिनेशन पर जोर होगा। क्राइम हॉटस्पॉट्स नहीं बनने दिए जाएंगे। पीड़ित केंद्रित और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर रहेगा। महिलाओं-बच्चों के लिए सहायता और जन संवाद बढ़ाया जाएगा।