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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   People are not getting any relief from illegal construction around Harsh Ka Tila and the archaeological remains adjoining it, High Court News, Court News

Chandigarh-Haryana News: हर्ष का टीला और उससे सटे पुरातात्विक अवशेषों के आसपास से अवैध निर्माण पर लोगों को राहत नहीं

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-निर्माण गिराने के आदेश पर पुनर्विचार से हाईकोर्ट ने किया इन्कार, पुनर्विचार याचिका खारिज
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-हरियाणा सरकार को निर्माण हटाने के बाद हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का दिया था आदेश
अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र के थानेसर में प्राचीन स्थल राजा हर्ष के टीले और उससे सटे पुरातात्विक अवशेषों के आसपास हुए अवैध निर्माण को हटाने के आदेश पर पुनर्विचार से इन्कार करते हुए स्थानीय लोगों की अर्जी खारिज कर दी है। मुख्य याचिका में कोर्ट काे बताया गया कि यह इलाका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से संरक्षित क्षेत्र घोषित है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।

याचिका दाखिल करते हुए कुरुक्षेत्र निवासी पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि हर्ष का टीला व शेख चिल्ली का मकबरा संरक्षित स्मारक है। इन स्मारकों की 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इस क्षेत्र में निर्माण आरंभ कर दिया गया। इस संबंध में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि पुरातत्व विभाग ने पहले ही 12 अगस्त 2024 को उक्त अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दे दिया था लेकिन 9-10 महीने बाद भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट ने अब संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अन्य न्यायिक आदेश की ओर से रोक नहीं लगी हो, तो सभी अवैध निर्माणों को एक महीने में बलपूर्वक हटाया जाए। साथ ही, अदालत ने 8 मई 2025 को कहा था कि यदि 30 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है तो मामला स्वत: दोबारा सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा। निर्माण गिराने का नोटिस मिलने पर स्थानीय निवासियों ने अपने आवासीय निर्माण को गिराने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग को लेकर अर्जी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मांग को ठुकरा दिया।
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