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Chandigarh-Haryana News: मछली पकड़ने के लिए लाइसेंस अब तीन दिन में मिलेगा
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मत्स्य पालन की आठ सेवाएं हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि आपको मछली पकड़ने का शौक है तो इसके लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह लाइसेंस मात्र तीन दिन के भीतर जारी कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की आठ सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए उनकी समय-सीमा निर्धारित की है। इसके तहत खेल के लिए फिशिंग रॉड से मछली पकड़ने का लाइसेंस तीन दिन के अंदर जारी करना होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक पंचायती तालाबों व निजी तालाबों की मरम्मत व सुधार के लिए सब्सिडी 40 दिन के अंदर मिलेगी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों को मछली या मछली उत्पाद की बिक्री के लिए रेहड़ी समेत स्टोव/गैस चूल्हा, बर्तन, मछली पकड़ने के जाल की खरीद व खाद-खुराक पर सब्सिडी भी 40 दिन के अंदर उपलब्ध कराने की समय सीमा तय की गई है। इन सभी सेवाओं के लिए जिले के मत्स्य पालन अधिकारी को पदनामित अधिकारी नामित किया गया है। शिकायत निवारण के लिए उप-निदेशक, मत्स्य पालन को प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी जबकि निदेशक, मत्स्य पालन को द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि आपको मछली पकड़ने का शौक है तो इसके लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह लाइसेंस मात्र तीन दिन के भीतर जारी कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की आठ सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए उनकी समय-सीमा निर्धारित की है। इसके तहत खेल के लिए फिशिंग रॉड से मछली पकड़ने का लाइसेंस तीन दिन के अंदर जारी करना होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक पंचायती तालाबों व निजी तालाबों की मरम्मत व सुधार के लिए सब्सिडी 40 दिन के अंदर मिलेगी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों को मछली या मछली उत्पाद की बिक्री के लिए रेहड़ी समेत स्टोव/गैस चूल्हा, बर्तन, मछली पकड़ने के जाल की खरीद व खाद-खुराक पर सब्सिडी भी 40 दिन के अंदर उपलब्ध कराने की समय सीमा तय की गई है। इन सभी सेवाओं के लिए जिले के मत्स्य पालन अधिकारी को पदनामित अधिकारी नामित किया गया है। शिकायत निवारण के लिए उप-निदेशक, मत्स्य पालन को प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी जबकि निदेशक, मत्स्य पालन को द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है।